Colorectal Cancer: एस्पिरिन दवा से कोलोरेक्टल कैंसर का बचाव, कोलन कैंसर से बचने के घरेलू उपाय

एस्पिरिन दवा से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा (colorectal cancer risk) कम होता है. बुखार, दर्द और सूजन में उपयोग की जाने वाली एस्पिरिन कोलन कैंसर से बचाती है. आप इन खाद्य पदार्थों के सेवन से भी खुद को कैंसर के खतरे से बचा सकते हैं.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 9, 2020 4:30 PM IST

कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) या कोलन कैंसर को आंत्र कैंसर के नाम से जाना जाता है. बड़ी आंत में होने वाले कैंसर को ही कोलोरेक्टल कैंसर कहते हैं. अगर आपके मल से खून आता है, थकान का अनुभव करते हैं और अचानक वजन कम हो रहा है, तो आपको कोलोरेक्टल कैंसर (colorectal cancer risk ) हो सकता है. साल 2018 में 862000 लोग कोलेरेक्टल कैंसर के शिकार हुए हैं. बड़ी आंत (Large intestine) और कोलन में जब कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं तो इसे कोलेरेक्टल कैंसर या बड़ी आंत का कैंसर कहा जाता है. कोलोरेक्टल कैंसर के कारण और इलाज को यहां जान सकते हैं.

हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार एस्पिरिन दवा के सेवन से कैंसर ट्यूमर की संभावना कम होती है. शोध के अनुसार एस्पिरिन के सेवन से पुनः कोलन कैंसर की संभावना को भी कम किया जा सकता है. वैसे तो एस्पिरिन दवा का उपयोग बुखार और दर्द से राहत देने के लिए किया जाता है. शरीर में सूजन की समस्या को भी एस्पिरिन का सुझाव डॉक्टर्स देते हैं. इन 5 लक्षणों से करें कोलोरेक्टल कैंसर की पहचान.

कोई भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर की परामर्श जरूरी होती है. अगर आप भी बड़ी आंत के कैंसर या कोलोरेक्टल कैंसर से बचना चाहते हैं तो आप डेली डाइट में कुछ आयुर्वेदिक उपायों को शामिल कर सकते हैं. 40 साल की उम्र में ही कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा, इस आसान किट से घर पर ही कर सकते हैं जांच.

अदरक

जर्नल आर्थराइटिस में प्रकाशित एक शोध के अनुसार अदरक सूजन जैसी परेशानी दवा से ज्यादा प्रभावि होता है. डेली डाइट में आप अदरक का सेवन करके कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोक सकते हैं.

हल्दी

हल्दी में पाये जाने वाले कर्क्यूमिन यौगिक कैंसर से बचाने वाला होता है. कई शोध यह बताते हैं कि हल्दी के सेवन से कैंसर की संभावना को कम किया जा सकता है. हल्दी का सेवन शरीर में सूजन की समस्या को भी कम करता है.

मिर्च का कैपेसिसिन यौगिक

कैंसर से बचने के लिए मिर्च वाले यौगिक फायदेमंद होते हैं. कोलन कैंसर से बचने के लिए शिमला मिर्च, काली मिर्च और हरी मिर्च का सेवन लाभदायक होता है. मिर्च में पाया जाने वाला कैपेसिसिन यौगिक उन अवयवों को रोकता है जो कोलोरेक्टल कैंसर का कारण बनते हैं.

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