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Protein Deficiency in Children: बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन एक बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों, हड्डियों, त्वचा और हार्मोन के निर्माण के लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए बच्चों की डाइट में प्रोटीन का शामिल होना जरूरी होता है। बढ़ते बच्चों में प्रोटीन की कमी से उनमें सिर्फ कमजोरी देखने को नहीं मिलती, इससे उनका संपूर्ण स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। प्रोटीन की कमी से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। प्रोटीन की कमी से बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। आइए, आकाश हेल्थकेयर की हेड डाइटिक्स डाइटिशियन गिन्नी कालरा (Dt. Ginni Kalra, Head Dietetics, Aakash Healthcare) से जानते हैं बच्चों में प्रोटीन की कमी होने पर कौन-सी समस्याएं हो सकती हैं?
प्रोटीन की कमी का पहला असर बच्चों के शारीरिक विकास पर दिखाई देता है। यह बच्चे के वजन और लंबाई को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। अगर बच्चे के शरीर में लंबे समय तक प्रोटीन की कमी रहती है, तो यह कुपोषण की समस्या पैदा कर सकता है। इससे बच्चे की मांसपेशियों और हड्डियों के विकास में रुकावट आ सकती है।
बच्चों में प्रोटीन की कमी से उनकी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है। दरअसल, प्रोटीन शरीर में एंटीबॉडी बनाने का काम करता है और इससे संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। जब बच्चों के शरीर में प्रोटीन की कमी होती है, तो उन्हें बार-बार सर्दी-जुकाम,बुखार और संक्रमण हो सकता है। प्रोटीन की कमी से उन्हें बीमारी से रिकवरी करने में भी समय लग सकता है।
बच्चों में प्रोटीन की कमी से बाल और त्वचा को भी नुकसान पहुंच सकता है। प्रोटीन की कमी से बच्चों के बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं। बच्चों के बाल रूखे और बेजान बन सकते हैं। इसके अलावा, त्वचा भी बेजान और ड्राई हो जाती है। प्रोटीन की कमी से त्वचा की रंगत गायब हो जाती है। अगर बच्चे के नाखून बार-बार टूट जाते हैं, तो यह भी प्रोटीन की कमी का संकेत होता है।
प्रोटीन की कमी, बच्चों में एकाग्रता को कम कर सकता है। दरअसल, प्रोटीन न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में मदद करता है। ये मस्तिष्क के कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है। जब बच्चों में प्रोटीन की कमी होती है, तो वे चिड़चिड़े हो सकते हैं। इसकी वजह से बच्चों को ध्यान केंद्रित करने में मुश्किलहो सकती है और उनके सीखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
बच्चों में प्रोटीन की कमी, कमजोरी का कारण बन सकता है। अगर बच्चा बार-बार थकान, कमजोरी और सुस्ती की शिकायत करता है, तो यह प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। इसकी वजह से बच्चे के शरीर में सूजन भी दिखाई दे सकती है। प्रोटीन की कमी से बच्चे में ऊर्जा की कमी देखने को मिल सकती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।