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अमेरिकी फिल्मकार रयान मर्फी (Ryan Murphy) का पांच वर्षीय बेटा फोर्ड (Ford) ने कैंसर जैसी बीमारी को मात दे दी है। बीते साल 53 वर्षीय 'अमेरिकन हॉरर स्टोरी' के क्रिएटर ने खुलासा किया था कि उनका बेटा फोर्ड ‘न्यूरोब्लास्टोमा’ (Neuroblastoma cancer) नामक खतरनाक कैंसर से पीड़ित है। एसशोबिज डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, "फोर्ड को छह घंटे की सर्जरी और सालों के कठिन इम्तिहान से गुजरना पड़ा, जिसमें उसे कई-कई घंटों तक एनेस्थीसिया दी जाती थी। वह पल कितना मुश्किल भरा था, मैं आपको इस कमरे में बता नहीं सकता, हमारे परिवार के लिए यह सफर काफी दर्दभरा रहा। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि फोर्ड ने न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर (Neuroblastoma) को मात दे दिया है।"
मर्फी और उनके परिवार ने कैंसर से लड़ने के लिए सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1 करोड़ डॉलर दान दिए हैं। इससे एक विंग का निर्माण किया जाएगा, जो कैंसर पीड़ित बच्चों (childhood cancer) को सर्वश्रेष्ठ उपचार उपलब्ध कराएगा।
इंटरनेशनल चाइल्डहुड कैंसर डे 2019 : बच्चों में कैंसर, समय पर पहचान और उचित इलाज ही है एक रास्ता
बड़े जब कैंसर का नाम सुनते हैं, तो डर जाते हैं। जरा सोचिए, रेयान मर्फी के पाच वर्षीय बेटे को न्यूरोब्लास्टोमा नामक खतरनाक कैंसर होने पर उस पर इलाज और इस पूरी प्रक्रिया के दौरान क्या बीती होगी। बच्चों में कई तरह के कैंसर होते हैं, जिसमें से न्यूरोब्लास्टोमा काफी गंभीर होता है। बच्चों में होने वाला अधिकतर कैंसर हड्डी, खून, तंत्रिका तंत्र, दिमाग, मांसपेशियों, किडनी आदि में होता है। बच्चों में पाया जाने वाला कैंसर वयस्कों में पाए जाने वाले कैंसर से बहुत अलग होता है। बच्चों में होने वाला कैंसर काफी अधिक जटिल होता है, जिसका इलाज समय पर बेहद जरूरी है वरना बच्चे इस गंभीर रोग के दर्द, लक्षणों और इलाज की प्रक्रिया को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। वैसे तो कैंसर किसी को भी भावनात्मक, शारीरिक और आर्थिक रूप से तोड़ कर रख देता है।
बच्चों में होने वाला कैंसर न्यूरोब्लास्टोमा (what is Neuroblastoma cancer) एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर आमतौर पर नर्व सेल्स या तंत्रिका कोशिका (न्यूरोब्लास्ट्स) में बढ़ता है। कई बार बच्चों में यह कैंसर मां के गर्भ में होने के दौरान ही विकसित हो जाता है। यह कैंसर 10 वर्ष से कम उम्र खासकर 5 वर्षों तक के बच्चों में अधिक देखने को मिलता है। यह क्यों होता है, इसके कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। न्यूरोब्लास्टोमा किडनी के ऊपर स्थित अधिवृक्क ग्रंथियों (Adrenal glands) में से एक में होता है। यह तंत्रिका ऊतक (nervous tissue) में होता है जो गर्दन, छाती, पेट या श्रोणि में रीढ़ की हड्डी के साथ चलता है। यह कैंसर हड्डी, लिम्फ नोड्स, अस्थि मज्जा (bone marrow), लिवर यहां तक कि त्वचा में भी हो सकता है।
न्यूरोब्लास्टोमा होने पर बच्चे को पेट में दर्द रहना, कब्ज और पेशाब निकलने में परेशानी हो सकती है।
सांस फूलना, खाना निगलने में तकलीफ महसूस करना।
गर्दन में गांठ।
पैरों में कमजोरी महसूस करना। शरीर के नीचे वाले भाग में सुन्नता महसूस करना।
हर समय थकान महसूस करना, शरीर में ऊर्जा की कमी, त्वचा का पीला होना, भूख में कमी। लगातार वजन कम होते चला जाना।
हड्डी में दर्द रहना। चिड़चिड़ापन महसूस करना आदि लक्षण बच्चे में नजर आ सकते हैं।
न्यूरोब्लास्टोमा से बच्चा पीड़ित है या नहीं इसका पचा लगाने के लिए कई जांच किए जाते हैं। मूत्र परीक्षण, स्कैन जैसे सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआएआई स्कैन, बायोप्सी, बोन मैरो बायोप्सी आदी की जाती है। परीक्षणों के होने के बाद यदि रिजल्ट पॉजिटिव आता है, तो यह जानने की कोशिश की जाती है कि न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर किस स्टेज में है।
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न्यूरोब्लास्टोमा का उपचार कैंसर के स्टेज पर निर्भर करता है। न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर (Treatment of Neuroblastoma) को दूर करने के लिए सर्जरी की जाती है। कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी (इसमें विकिरण के जरिए कैंसर कोशिकाओं को मारने की कोशिश की जाती है), स्टेम सेल प्रत्यारोपण आदि के जरिए न्यूरोब्लास्टोमा का इलाज किया जाता है।
इनपुट : (आइएएनएस हिंदी)