बच्चों से जंक फूड की लत कैसे छुड़वाएं, जानें रजुता दिवेकर के खास टिप्स

जंक फूड खाने की वजह से बच्चों का सही विकास नहीं हो पता है। जंक फूड खाने की वजह से बच्चें मोटापे का शिकार तो होते ही हैं साथ में कई तरह की बीमारियों के शिकार भी होने लगे हैं।

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : March 12, 2019 7:19 PM IST

बदलती लाइफस्टाइल नें जंक फूड को बच्चों की आदत में शामिल कर दिया है। जंक फूड की आदत की वजह से बच्चे हेल्दी फूड की जगह जंक फूड खाना ज्यादा पसंद करते हैं। जंक फूड खाने की वजह से बच्चों का सही विकास नहीं हो पता है। जंक फूड खाने की वजह से बच्चें मोटापे का शिकार तो होते ही हैं साथ में कई तरह की बीमारियों के शिकार भी होने लगे हैं।

बच्चों पर जंक फूड से पड़ने वाले बुरे प्रभावों से कैसे बचा जाए इस बात को लेकक मशहुर सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने फेसबुक लाइव के द्वारा जंक फूड से बच्चो को कैसे बचाएं उसके बारे में कुछ खास टिप्स दिये हैं। आइए जानते हैं बच्चों को जंक फूड से कैसे बचाएं ?

पहला स्टेप - जंक फूड की पहचान करें

जंक फूड जो सबसे ज्यादा नुकसान पहुचाने वाले हैं उनको हम आसानी से पहचान सकते हैं। फास्ट फूड चेन पिज्जा और बर्गर, पैकेज्ड चिप्स, कोला, चॉकलेट, आइस-क्रीम, पेस्ट्री, नुडल्स, केचप, मेयोनीज इत्यादि जंक फूड हैं।

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ऐसे जंक फूड जो हेल्दी होने का दावा करते हैं उनको पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन आप पहचान सकते हैं। उदाहरण के लिए जूस जो टेट्रापैक और पाउडर वाले हैं, बिस्कुट यहां तक कि फाइबर से भरपूर होने का दावा करने वाले बिस्कुट भी जंक फूड हैं। डार्क चाकलेट, चॉकलेट सिरप, माल्टेड पाउडर दूध, केक और मफिन, रेडी टू कूक फूड, जमें हुए खाद्य पदार्थ, एनर्जी ड्रिंक, बेक्ड या मल्टीग्रेन चिप्स, जैम, नूडल्स, फ्लेवर्ड दही और दूध।

दुसरा स्टेप - जंक फूड खाना कैसे कम करें ?

जंक फूड खाना छोड़ने के लिए आपको एक विशेष तरह की योजना बानानी पड़ेगी। हर महीने के हिसाब से योजना बनाएं। जैसे अगर आप महीने में 8 बार जंक फूड खाते हैं तो अगले महीने 4 खाएं अर्थात एक महीने में 50 प्रतिशत कम करें। तीसरे महीने में 2 खाएं और चौथे महीने में 1 खाएं और 5वें महीने में जंक फूड खाना छोड़ दें।

जंक फूड को लेकर सचेत रहें इसके लिए जरूरी है कि अच्छे माता-पिता के तौर पर आप अपने बच्चों किसी त्योहार या विकेंड में जंक फूड खिलाने की पार्टी न दें। इस तरह की बातें बच्चों में बुरा असर डालती हैं।

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बच्चों को इस बात से भी अवगत कराएं की उनके पसंदीदा सुपरस्टार या क्रिकेटर जो इन जंक फूड्स का प्रचार करते हैं वो उनका उपयोग कभी भी नहीं करते हैं। वो इन जंक फूड का प्रचार सिर्फ पैसों के लिए करते हैं।

जंक फूड क्यों न खाएं ?

जंक फूड विकास को बाधित करता है - जंक फूड बच्चों के शारिरिक और मानसिक दोनों तरह के विकास को बाधित करने का काम करता है। जंक फूड का सेवन करने की वजह से आप अपनी पूर क्षमता का उपयोग कभी नहीं कर पाते हैं।

जंक फूड की वजह से होती हैं लाइलाज बीमारियां - जंक फूड की वजह से इंसान लाइलाज बीमारियों का शिकार हो जाता है। इन बीमारियों में डायबिटीज, मोटापा, फैटी लीवर, पीसीओडी, कैंसर जैसी लाइलाज बीमारियां होती हैं।

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जंक फूड की वजह से चिड़चिड़ापन बढ़ता है, मूड स्विंग, एकाग्रता में कमी के साथ अन्य मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

जंक फूड एक तरह से नशे की लत की तरह होते हैं। जो लोग जंक फूड खाने की लत पाल लेते हैं उनको और ज्यादा खाने की आदत लग जाती है। एक तरह से यह मन को कंट्रोल कर लेता है।

रुजुता दिवेकर के फेसबुक लाइव का वीडियो देखें 

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