
... Read More
Written By: Anshumala | Updated : August 13, 2019 1:14 PM IST
कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए करें ये आसन। © Shutterstock
योग से हर रोग का इलाज संभव है। योग के नियमित अभ्यास से न सिर्फ शरीर प्रणाली को सुधारकर संतुलित किया जा सकता है, बल्कि आप कई गंभीर रोगों से भी बचे रह सकते हैं। आजकल कैंसर भी एक ऐसी ही बीमारी होती जा रही है, जो महामारी की तरह फैल रही है। कैंसर से आप बच सकते हैं बशर्ते कि आप हेल्दी और एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो करें। साथ ही योग की मदद से भी आप कैंसर से बच सकते हैं। कई कैंसर से पीड़ित मरीज योग के नियमित अभ्यास से (Yoga for Cancer) पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। योग के जरिए आप कीमोथेरेपी के बाद बड़ी तेजी से उबर सकते हैं। चिकित्सीय उपचार के साथ योग करने से कैंसर के मरीजों को फायदा (Yoga for Cancer) जरूर मिलता है। जानें, कौन सा योगासन (Yoga for Cancer) कैंसर में रामबाण है या आप इस बीमारी से बचे रह सकते हैं।
कपालभाती प्राणायाम का मुख्य रूप है। यदि आप कपालभाती करते हैं, तो कैंसर से काफी हद तक बचे रह सकते हैं। इसे करने से रक्त सोधन की क्रिया बढ़ती है और शरीर के ऊतक कार्य करने योग बनते हैं, जिससे कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
जमीन पर बैठ जाएं। अपने हाथों को पैर पर रखें। अब नाक से जोर-जोर से सांस बाहर फेंके। इस प्रक्रिया को तेजी से करें। यह आसन रोजाना दस मिनट करने से कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव होगा।
कैट स्ट्रेच से गले के कैंसर से बचाव होता है। © Shutterstock
जब आप कैट स्ट्रेच करते हैं, तो आपकी शारीरिक बनावट बिल्ली की तरह दिखती है, इसलिए इसे कैट स्ट्रेच नाम दिया गया है।
अपने शरीर को अपने दोनों हाथों की हथेलियों और घुटनों के बल खड़ा कीजिए जैसे कोई जानवर या फिर बिल्ली खड़ी रहती है और चलती है। अब अपनी गर्दन को आसमान की तरफ उठाएं। फिर नीचे झुकाएं। इस प्रक्रिया को कई बार दोहराएं। ऐसा करने से आप गले के कैंसर (cat stretch reduces throat cancer risk) और गर्दन सम्बन्धी कोई विकार से बचे रह सकते हैं।
इस आसन के नियमित अभ्यास से ओवरी में होने वाले कैंसर से बचाव होता है। यदि कोई महिला इससे पीड़ित है, तो इसे करने से आराम मिलता है।
घुटनों के बल सीधे बैठ जाएं। हिप्स को पंजों पर रखने की बजाय जमीन पर रखें, ताकि दोनों पैर अपने आप किनारे हो जाएं। दाहिने हाथ को बाएं घुटने पर रखें और दाएं हांथ को पीछे से बाईं कोहनी को पकड़ें और फिर शरीर को बाईं ओर मोड़ें। इसके साथ ही अपनी गर्दन को दाईं ओर मोड़ें। कुछ सेकंड बाद सीधे हो जाएं। एक समय पर आप 30 सेकंड से 1 मिनट तक स्ट्रेच कर सकते हैं।
बंधकोण आसन मूत्र मार्ग या किडनी में हुए कैंसर के लिए बहुत फायदेमंद है। © Shutterstock
इसे तितली आसन या बटरफ्लाई पोज भी कहते हैं, क्योंकि इसमें शरीर की आकृति तितली के सामान हो जाती है।
बटरफ्लाई पोज या बंधकोण आसन करने के लिए सबसे पहले जमीन में बैठ जाएं। अब दोनों पैरों के घुटनों को मोड़ते हुए अपने दोनों तलवों को पास में मिलाएं। पैरों को हाथों से पकड़ लें। ऐसा करने से आपकी शारीरिक बनावट तितली की तरह नजर आएगी। अब फैले हुए दोनों पैरों को एक साथ हल्के-हल्के ऊपर-नीचे लगातार करें। इससे मूत्र मार्ग या किडनी में होने वाले कैंसर से बचा जा सकता है।