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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : February 3, 2021 4:01 PM IST
Cisplatin chemotherapy can cause permanent and irreversible hearing loss (ototoxicity) in children.
हर वर्ष विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) 4 फरवरी को मनाया जाता है. विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) मनाने का उद्देश्य लोगों को कैंसर के प्रति जागरूरक करना है. दुनिया भर में कैंसर के मामलों की बात करें तो भारत, चीन और अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा कैंसर के शिकार लोगों का देश है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल 1 लाख से ज्यादा कैंसर मरीज नए मामले आते हैं. इनमें से ज्यादातर लोग कैंसर के शुरुआती दौर में नहीं जान पाते हैं. इस लापरवाही की वजह से उनको अपनी जान गंवानी पड़ती है.
भारत में महिलाओं को भी सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर से जुझना पड़ रहा है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर 8 मिनट में सर्वाइकल कैंसर की वजह से एक महिला की मौत हो जाती है. नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन रिसर्च (NICPR) के अनुसार देश में हर दूसरी महिला में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा रहता है.
बच्चों को भी कैंसर अपना शिकार सबसे ज्यादा बनाता है. हाल के वर्षों में बच्चों को सबसे ज्यादा ल्यूकेमिया या ब्लड कैंसर होना आम बात हो गयी है. बच्चों में होने वाले कैंसर में कुछ कैंसर ऐसे हैं जिनका समय पर पता चल जाए तो इलाज किया जा सकता है. कैंसर के शुरुआती लक्षण की पूरी जानकारी यहां जानें.
जेनेटिक चली आ रही इम्युन सिस्टम की समस्या, जैसे कि अटैक्सिया-टेलंगीक्टेसिया
जुड़वा बच्चों में से किसी एक को ल्यूकेमिया हो तो दूसरे बच्चे को भी हो सकता है
उच्च स्तर के पर कीमोथेरेपी, या रसायनों जैसे बेंजीन के संपर्क में आने का इतिहास
बच्चों में ल्यूकेमिया कैंसर या ब्लड कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. सबसे ज्यादा ब्लड कैंसर के शिकार 2 से 5 साल के बच्चे होते हैं. ल्यूकेमिया या ब्लड कैंसर एक तरह से बोनमैरो या अस्ठिमज्जा कैंसर है. बच्चों में इस कैंसर की पहचान करना थोड़ा मुश्किल होता है. ब्लड कैंसर या ल्यूकेमिया कैंसर के प्रमुख लक्षण कुछ इस तरह के भी हो सकते हैं. हड्डियों में दर्द, जोड़ों में दर्द और थकान, लंबे समय तक बुखार और कमजोरी, रक्तस्राव और वजन कम होना. इन लक्षणों से ल्युकेमिया या ब्लड कैंसर की पहचान की जा सकती है. कैंसर की बीमारी से दूर रहने के उपाय.
बच्चों में ब्लड कैंसर की पहचान करने के 2 तरीके हैं। पहला है ब्लड टेस्ट (Blood Test) यानि कि खून की जांच और दूसरा है बोन मैरो टेस्ट (Bone Marrow Test). ज्यादातर मामलों में बच्चों में ब्लड कैंसर की पहचान ब्लड टेस्ट से हो जाती है। जिसमें डॉक्टर वाइट ब्लड सेल्स (White Blood Cells) देखते हैं। लेकिन अगर ब्लड टेस्ट में डॉक्टर को वाइट ब्लड सेल्स (WBC) कम या ज्यादा दिखते हैं तो ऐसी स्थिति में बोन मैरो टेस्ट किया जाता है। इसमें पेडू से हड्डी पानी निकालकर इसका टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट में मरीज को हल्क दर्द हो सकता है। हालांकि डॉक्टर इस बारे में पहले ही बता देते हैं। बोन मैरो टेस्ट बच्चों में कैंसर की स्थिति को पूरी तरह से साफ कर देता है।
ब्रेन ट्यूमर- बच्चों में होने वाले कैंसर में ब्रेन ट्यूमर भी मुख्य कैंसर है. बच्चों में ब्रेन ट्यूमर का लक्षण पकड़ना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि बच्चे अपनी परेशानी बताते नहीं हैं. बच्चों को चक्कर आना, सिर दर्द रहना, बोलने और सुनने में परेशानी होना और उल्टी होना ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है. World Cancer Day : बच्चों में जब दिखें ये लक्षण, तो हो सकता है कैंसर.
न्यूरोब्लास्टोमा- नवजात शिशुओं में न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर का खतरा होता है. यह बच्चों की नर्व सेल से प्रारंभ होता है. न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर 5 साल से कम के बच्चों में ज्यादा होता है. इस कैंसर के लक्षण आंखों के मादध्यम से देखा जा सकता है. बच्चे के पूरे शरीर में दर्द का अनुभव भी होता है. World Cancer Day : कैंसर से बचना है, तो आज से ही अपनाएं ये 10 उपाय.
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