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Written By: Anshumala | Updated : February 4, 2021 10:46 AM IST
World Cancer Day 2020 : एक्सपर्ट से जानें, कब होता है कैंसर और बचाव के उपाय।
कैंसर एक जानलेवा बीमारी है और इस बीमारी की चपेट में भारत में हर साल लाखों लोग आ रहे हैं। हर साल लाखों भारतीय यह जानकर परेशान हो जाते हैं कि उन्हें कैंसर है। विश्वभर में आज ''वर्ल्ड कैंसर डे'' (World Cancer Day 2021) मनाया जा रहा है। जो कैंसर के शिकार हो जाते हैं, उनका जीवन उन्हें मौत के करीब नजर आने लगता है। हालांकि, कुछ कैंसर के इलाज (Cancer Treatments) अब संभव हैं। कैंसर के शुरुआती लक्षण (Early signs and symptoms of cancer) की जानकारी हो, तो कैंसर का सही समय पर बचाव व इलाज किया जा सकता है। कई बार कैंसर के लक्षण बहुत पहले दिखने लगते हैं। अगर समय पर इन लक्षणों की पहचान हो जाए, तो कैंसर से मौत के खतरे को कम किया जा सकता है। डॉक्टर मानते हैं कि कैंसर की शुरुआती स्टेज इलाज के लायक होती है।
डॉ. (कर्नल) आर रंगा राव, अध्यक्ष, पारस कैंसर सेंटर, पारस हॉस्पिटल, गुड़गांव ने बताया कि औसतन 1300 भारतीय प्रतिदिन कैंसर का शिकार होते हैं। इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, 2020 में कैंसर के मामलों में 25% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया था, फिर भी लोग इस बारे में ठीक से बात नहीं कर पाते हैं। हालांकि, यह कैंसर से निपटने के लिए सही तरीका नहीं है, क्योंकि लोगों को इसके बारे में बात करते समय अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है और बीमारी से गुजर रहे लोगों को समर्थन और मदद देने की कोशिश करनी चाहिए।
यह सकारात्मक प्रोत्साहन और सहायता प्रदान करेगा। नियमित परीक्षण और जांच के लिए जाएं। अगर कैंसर का सही समय पर पता चल जाए तो इसका उपचार किया जा सकता है और व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि 85 प्रतिशत मामलों में लक्षणों और शुरुआती निदान के बारे में जागरूकता व्यक्ति को बचा सकती है।
डॉ. एस पी भनोट ,सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट, कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, गुड़गांव ने बताया कि कैंसर तब होता है, जब कोशिकाओं का एक समूह अनियंत्रित रूप से एक ट्यूमर बनाने लगता है। ट्यूमर जो घातक होते हैं वे कैंसर का रूप ले लेते हैं, जो शरीर के अन्य भागों में मेटास्टेसिस कर सकते हैं। फेफड़े, होंठ, मुंह , गले और गर्दन के कैंसर पुरुषों में सबसे आम हैं, जबकि स्तन, गर्भाशय और ओवेरियन कैंसर महिलाओं में आम हैं। उम्र के साथ होने वाले कैंसर या परिवार में अगर पहले किसी को कैंसर हो तो उसको नियंत्रित नहीं किया जा सकता है, लेकिन जीवनशैली में बदलाव जैसे धूम्रपान, मोटापा, व्यायाम की कमी और खराब आहार इन सबमें बदलाव से कैंसर को काबू किया जा सकता है।
कैंसर का खतरा काफी अधिक है। कैंसर की अज्ञानता और इनकार इसके विलम्ब निदान का कारण बन सकता है, यही वजह है कि नियमित स्क्रीनिंग और बायोप्सी उन लोगों के लिए जरूरी है, जिनके परिवार में पहले ये किसी को हो चुका हो। बाकी सभी के लिए, डॉक्टर के साथ परामर्श जरूरी है। यदि कैंसर का पता चला है, तो प्रारंभिक चरण में, इसका इलाज किया जा सकता है और एक व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकता है। यदि कैंसर का पता शुरुआती दौर में ही चल जाता है, तो इसका इलाज किया जा सकता है। उपचार में प्रगति और लक्षणों के बारे में जागरूकता से 85 प्रतिशत लोग 5 साल से अधिक जी सकते हैं।