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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : June 23, 2019 6:11 PM IST
Testicular Pain: अंडकोष में दर्द हो या अंडकोष की नसों में दर्द हो वह खतरनाक होता है. कई बार अंडकोष में सूजन की वजह से दर्द होता है. कई बार तो यह किसी गंभीर बीमारी की वजह से भी दर्द करता है. कई बार अंडकोष में सूजन और दर्द एक साथ होता है. कुछ लोगों को चोट लगने के कारण भी टेस्टिकल्स में दर्द होता है. अगर आपको कभी पहले चोट लगी है तो भी अंडकोष में दर्द की समस्या हो सकती है.
टेस्टिस या अंडकोष (Testicular Pain) में दर्द कभी भी नार्मल नहीं होती है। ज्यादातर मामलों में कोई चोट के कारण दर्द की शुरूआत होती है। टेस्टिकल्स में दर्द कभी-कभी बहुत तेज होता है जो थोड़े समय के लिए होता है लेकिन खतरनाक होता है। इसके अलावा टेस्टिकल्स में लगातार दर्द भी रह सकता है जो कम खतरनाक माना जाता है।
टेस्टिकल्स का दर्द कभी भी सामान्य नहीं होता है इसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होता है। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाय तो अंडकोष हमेशा के लिए खराब हो सकता है। आइए जानते हैं अंडकोष में किन कारणों से दर्द हो सकता है।
टेस्टिस बहुत ही संवेदनशील अंग होता है इसमें हल्की चोट भी बहुत बड़ी समस्या बनकर सामने आ सकती है। टेस्टिस में पूरानी चोट भी कभी भी उभर कर सामने आ जाती है।
अगर टेस्टिस में चोट की वजह से दर्द है तो इसका जल्द से जल्द उपचार कराना चाहिए। घरेलू उपाय के भरोसे कभी न रहें, इसकी वजह से नपुंसकता भी आ सकती है।
छोटी आंत का कुछ भाग जब नीचे की तरफ आ जाता है तो वह अंडकोष में प्रेशर बनाता है जिसकी वजह से भी दर्द हो सकता है। इसे ग्रोइन हर्निया भी कहा जाता है, इसकी वजह से अंडकोष में तेज दर्द और सूजन हो सकता है। ज्यादातर भारी सामन उठाने की वजह से ऐसा हो सकता है। वर्कआउट करते समय सही स्पोर्ट्स सपोर्टर पहनने की सलाह दी जाती है।
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टेस्टिस में दर्द का कारण टेस्टिकुलर कैंसर भी हो सकता है। इसके लिए हमेशा सतर्क रहने की जरूरत होती है। अगर अंडकोष में कोई गांठ है और आपके अंडकोष में दर्द और सूजन है तो इसकी तुरंत जांच करायें। टेस्टिकुल कैंसर अंडकोष से शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकता है। टेस्टिकुलर कैंसर का इलाज संभव है इसके सफल होने का प्रतिशत 95 प्रतिशत है।
एपीडिड्यमिटिस की समस्या में टेस्टिकल्स की नसों में जलन और दर्द होने लगता है। इसका कारण कोी चोट या बैक्टीरिया का इंफेक्शन हो सकता है। सेक्स से होने वाले इंफेक्शन से भी यह समस्या हो सकती है। सेक्स से होने वाली इस समस्या को एटीडी के नाम से जाना जाता है। सामान्यतया यह समस्या 18 से 35 के उम्र में ज्यादा होती है।
टेस्टिकल में होने वाली यह समस्या भी काफी गंभीर होती है। इसकी मुख्य वजह वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है। इसमें भी जलन और दर्द होता है, इसकी वजह से अंडकोष में सूजन और दर्द होता है। इसका भी समय रहते इलाज न किया जाय तो यह अंडकोष की कार्य क्षमता को प्रभावित करता है।
Testicular Pain को कभी भी इग्नोर नहीं करना चाहिए. इसकी वजह से आपके अंडकोष की क्षमता खराब हो सकती है. इसकी वजह से आप नपुंसक भी हो सकते हैं.