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Written By: Anshumala | Updated : February 2, 2020 6:19 PM IST
World Cancer Day 2020 : भांग में मौजूद प्राकृतिक पदार्थ अग्नाशय कैंसर को करता है कम, जानें, इसके लक्षण और कारण। Shutterstock.
कैंसर के इलाज में अब तक कीमोथेरेपी, रेडिएशन, सर्जरी आदि का सहारा लिया जाता रहा है, लेकिन अब इसका इलाज भांग के जरिए भी किया जा सकेगा। भांग एक औषधीय पौधा है। एक शोध में यह बात सामने आई है कि औषधीय भांग में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक पदार्थ अग्नाश्य के कैंसर (Pancreatic cancer) से पीड़ित उन मरीजों को लंबा जीवन जीने में मदद कर सकता है, जो कीमोथेरेपी के जरिए इलाज करा रहे हों।
इस बात की पुष्टि करने के लिए चूहों पर इसका अध्ययन करके देखा गया। इस अध्ययन में यह बात सामने आई है कि औषधीय भांग, भांग के पौधे का अर्क है जिसका इस्तेमाल कुछ बीमारियों के लक्षण से राहत देने के लिए किया जाता है।
यह अध्ययन लंदन की क्वीन मेरी यूनिवर्सिटी में किया गया। वहां के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि अग्नाश्य के कैंसर से पीड़ित चूहों का कीमोथेरेपी के साथ-साथ कैनाबिनॉयड कैनाबिडियोल (सीबीडी) से इलाज करने पर उनके जीने की दर उन चूहों के मुकाबले तीन गुणा ज्यादा बढ़ गई जिनका इलाज केवल कीमोथेरेपी के जरिए किया गया।
अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि अग्नाश्य का कैंसर (Pancreatic cancer treatment) बहुत घातक होता है और इससे पीड़ित लोगों के बचने की दर बहुत कम होती है। अनुसंधानकर्ताओं ने चूहों में अग्नाश्य कैंसर के इलाज के लिए कीमोथैरेपी में इस्तेमाल होने वाली जेमसिटाबाइन पर कैनाबिनोइड सीबीडी के प्रभाव को परखा और बेहतरीन नतीजे पाए। यह अध्ययन ऑन्कोजीन पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।