
... Read More
Written By: Atul Modi | Updated : November 7, 2020 12:05 PM IST
National Cancer Awareness Day: सिर्फ महिलाओं को ही होते हैं ये 5 तरह के कैंसर, जानिए इनके बारे में सब कुछ
कैंसर तब होता है जब शरीर की कोशिकाएं बिना किसी नियंत्रण के अनियंत्रित रूप से विभाजित हो जाती हैं और आसपास के शरीर के ऊतकों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती हैं। महिलाओं के प्रजनन अंगों में होने वाले किसी भी कैंसर को स्त्री रोग संबंधी कैंसर या गायनेकोलॉजिकल कैंसर (Gynecological Cancers) कहा जाता है। गायनेकोलॉजिकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में कैंसर से संबंधित मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है।
आइए, राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के मौके पर आज हम आपको उन 5 कैंसर के बारे में बता रहे हैं, जिनसे सिर्फ महिलाएं प्रभावित होती हैं। जिन्हें हम गाइनोकोलॉजिकल कैंसर कहते हैं।
सरवाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) के अस्तर की कोशिकाओं को प्रभावित करता है, जिसे गर्भाशय के मुंह के रूप में भी जाना जाता है, जो योनि के अंदर होता है। हालांकि इसकी जांच बहुत आसानी से हो सकता है।
ओवेरियन कैंसर तब बढ़ता है जब अंडाशय में कोशिकाएं बढ़ती हैं और मल्टीप्लाई या गुणा करती हैं, ऐसे में स्वस्थ ओवरियन ऊतकों को नुकसान पहुंचाती है और आसपास के ऊतकों पर आक्रमण करती है। ओवेरियन कैंसर (डिम्बग्रंथि के कैंसर) दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिनसे महिलाएं प्रभावित होती हैं।
गर्भाशय कैंसर को आमतौर पर एंडोमेट्रियल कैंसर कहा जाता है, गर्भाशय कैंसर गर्भाशय के ऊतकों की असामान्य विकास के कारण होता है। कैंसर कोशिकाओं का निर्माण घातक हो सकते हैं। गैर-कैंसर कोशिकाएं जो एक द्रव्यमान बनाती हैं, को सॉफ्ट ट्यूमर कहा जाता है, जैसे गर्भाशय फाइब्रॉएड और गर्भाशय पॉलीप्स।
योनि का कैंसर दुर्लभ कैंसर में से एक है जो योनि के अंदर विकसित होता है। यह कैंसर ज्यादातर वृद्ध महिलाओं में पाया जाता है।
वाल्वा का कैंसर एक अन्य दुर्लभ कैंसर है जो गुप्तांगों के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचाता है। यह आमतौर पर वल्वा के होंठों के दो जोड़े के अंदरूनी किनारों पर विकसित होता है। यह होंठों के बीच की त्वचा, साथ ही क्लिटोरिस, योनी और गुदा के बीच की त्वचा पर भी उभर सकता है।
गायनेकोलॉजिकल कैंसर से जुड़े कई लक्षण हैं और प्रत्येक कैंसर के प्रकार को विशेष लक्षणों से जोड़ा जा सकता है। सामान्य लक्षण हैं:
-रजोनिवृत्ति के बाद योनि से रक्तस्राव या धब्बा
-निचले पेट में दर्द जो दो सप्ताह से अधिक समय तक बना रहता है
-पेट के निचले हिस्से में गांठ का महसूस होना
-पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग
-संभोग के बाद रक्तस्राव
-बाह्य जननांग पर असामान्य खुजली
यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव करती हैं, तो आपको जांच कराने की आवश्यकता है। हर गायनेकोलॉजिकल कैंसर अलग-अलग होता है, जिसमें विभिन्न लक्षण और रिस्क फैक्टर होते हैं। हर एक महिला को किसी भी प्रकार के गायनेकोलॉजिकल कैंसर का खतरा हो सकता है, और इसका खतरा उम्र के साथ बढ़ता है। जब इन गायनेकोलॉजिकल कैंसर का जल्दी पता चल जाता है, तो उपचार सबसे प्रभावी हो जाता है। गायनेकोलॉजिकल कैंसर का इलाज कई तरीकों से किया जाता है। उपचार कैंसर के प्रकार पर निर्भर करता है। उपचार में सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन शामिल हैं।
हालांकि गायनेकोलॉजिकल कैंसर को रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन इन महत्वपूर्ण बातों का पालन करके खतरों को कम किया जा सकता है:
यदि आपको लगभग दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक किसी भी प्रकार की असामान्यता महसूस होती है, तो डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है।
नियमित जांच डॉक्टर को आपके गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले अनिश्चित बदलावों को खोजने में मदद करेंगे। 21 से 65 वर्ष की आयु की सभी महिलाओं को डॉक्टर द्वारा निर्देशित नियमित जांच करवाना चाहिए।
यदि परिवार के किसी सदस्य को ओवेरियन कैंसर या किसी गायनेकोलॉजिकल कैंसर का इतिहास है, तो डॉक्टर जांच कराने का सुझाव दे सकते हैं।
एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन शैली का पालन करना, एक स्वस्थ वजन बनाए रखने से गर्भाशय और ओवेरियन कैंसर सहित कुछ गायनेकोलॉजिकल कैंसर के लिए जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। धूम्रपान न करना, स्वस्थ आहार खाना, नियमित व्यायाम करना और सेफ सेक्स भी मदद कर सकते हैं।