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Breastfeeding के कारण होने वाले दर्द से बचने के लिए करें ये आसान योगासन

डिलीवरी के बाद इन योगासनों को कुछ ही दिन करने से दर्द भी कम हो जाता है और आप पहले जैसे फिट हो सकती हैं!

Written by Editorial Team |Updated : July 25, 2017 12:09 PM IST

अगर हाल ही में आपने बच्चे को जन्म दिया है तो इस समय सबसे ज़रूरी है की आप अपने शरीर की फिटनेस पर ध्यान दें। देर तक ब्रेस्टफीडिंग कराने की वजह से शरीर के ऊपरी हिस्सों की कई मांसपेशियों में जकड़न होने लगती है और उनमें दर्द भी होने लगता है। योगा की मदद से आपको इन समस्याओं से राहत मिल सकती है। अगर आप भी स्तनपान के दौर में हैं तो यहां योगा एक्सपर्ट पुष्पा बालाचंद्रन आपके लिए कुछ ख़ास किस्म के योगासन बता रही हैं।

बालासन : ब्रेस्टफीडिंग, स्ट्रेस और गलत ढंग से सोने के कारण इस दौरान महिलाओं को पीठ में दर्द होने लगता है। आमतौर पर महिलायें जिस पोजीशन में बैठकर स्तनपान करवाती हैं उससे सीने और पीठ की मांसपेशियों में जकड़न और दर्द होने लगता है। इससे राहत पाने के लिए आप रोजाना बालासन करें। इस पोजीशन में बने रहते हुए कम से कम 30 सेकंड तक रुके रहें और फिर वापस शुरुवाती पोजीशन में आ जायें।

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मयूरासन: इस आसन को करने से पीठ, गर्दन और कंधों की मांसपेशियों का खिंचाव होता है और उनकी जकड़न दूर होती है। इसके अलावा इसे करने से हिप्स, जांघो और एड़ियों को भी आराम मिलता है। इसलिए आप रोजाना 30-40 सेकेंड इस आसन को करें और गहरी सांसे लें।

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कुम्भकासन : इस योगासन को करने से स्तनों के आस पास की पेक्टोरल मसल्स और पेट की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। चित्रानुसार इसे करें और लगभग 20-30 सेकंड इस पोजीशन में बने रहें। इसे करते समय सपोर्ट के लिए आप घुटने नीचे भी ला सकती हैं।

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सेतुबंधासन : स्तनपान कराने से होने वाली थकान से परेशान हैं तो आप इस आसन को रोजाना करें। इससे न सिर्फ कंधे और गर्दन की मांसपेशियों को आराम मिलता है बल्कि कुछ ही देर में आप पूरी तरह रिलैक्स फील करने लगती हैं। इस पोजीशन में 10-15 सेकंड तक बनी रहें और अपनी सांसों पर फोकस करें।

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विपरीत करणी आसन : पूरे शरीर में ब्लड फ्लो को बढ़ाने के लिए यह सबसे असरदार योगासन है। इसे नियमित रूप से करने पर नींद से जुड़ी सारी समस्याएं भी खत्म होने लगती हैं। इस पोजीशन में आप जितनी देर तक टिके रह सकती हैं उतनी देर करें।

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नाड़ी शोधन प्राणायाम : इस प्राणायाम को करने से आप बेहतर तरीके से सांस ले पाती हैं जिससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है। इसे नियमित रूप से करने से शरीर से हानिकारक टोक्सिन बाहर निकल जाते हैं और पोस्टपार्टम डिप्रेशन जैसी समस्याओं से आराम मिलता है।

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सूर्य नमस्कार : रोजाना सुबह सूर्य नमस्कार करने से पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग हो जाती है। सूर्य नमस्कार के सभी 12 तरीकों को अपनाने से शरीर को मजबूती मिलती है और दिमाग रिलैक्स होता है। डिलीवरी के बाद महिलाओं को इस आसन को रोजाना करना चाहिये।

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अनुवादक: Anoop Singh

चित्रस्रोत: Shutterstock

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