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Written By: Anshumala | Updated : October 7, 2019 1:27 PM IST
There are alternative risk-reduction strategies beyond surgery. It involves carefully weighing genetic factors, medical history, alternative risk-reduction measures, quality-of-life considerations, and family planning goals.
अक्टूबर का महीना ''ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ'' (Breast Cancer Awareness Month 2019) के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। आज से 20-25 वर्षों पहले की बात करें, तो ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer in women) के मामले काफी कम थे और होते भी थे तो 50 वर्ष की हो चुकी महिलाओंको अधिक होते थे, पर अब ऐसा नहीं है। यह खतरनाक बीमारी किसी को भी और किसी भी उम्र में हो जाती है। हाल के वर्षों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले काफी और लगातार बढ़ रहे हैं। ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer in women) के लक्षणों को सही समय पर पहचानकर इसका इलाज किया जाए, तो इससे आपकी जन बच भी सकती है। हालांकि, अपनी डाइट पर भी खास ध्यान देकर आप इस रोग से बच सकती हैं। कुछ ऐसे फूड्स हैं, जिनके अधिक सेवन से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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दूध सेहत के लिए हेल्दी होता है, लेकिन मिलावट होने के कारण यह सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें मिलावट के दौरान कई तरह के केमिकल्स मिला दिए जाते हैं और केमिकल युक्त दूध पीने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। ये सेल और डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं।
वेजिटेबल ऑयल जैसे सनफ्लावर, सोयाबीन, कॉर्न ऑयल में पॉलीसैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होने के कारण यह ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। इनका कम ही सेवन करें। बेहतर होगा कि आप सरसों का तेल यूज करें।
प्रॉसेस़्ड रेड मीट के सेवन से भी आजकल ब्रेस्ट कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इनमें प्रिजर्वेटिव्स और नमक का भी अधिक इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही नुकसानदायक फैट भी काफी होता है, जो ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाने के लिए काफी है।
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प्रॉसेस्ड फूड्स में उपलब्ध ट्रांस फैट्स ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। ट्रांस फैट्स फ्राइड फूड, बिस्किट, पेस्ट्रीज, केक, डोनट्स, कुकीज, फास्ट फूड्स में अधिक होते हैं।
मीठा जहां डायबिटीज की समस्या को बढ़ाता है, तो वहीं इससे ब्रेस्ट कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है। शायद इस बारे में अधिकतर महिलाएं ना जानती हों, लेकिन चीनी में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इससे ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। ग्लूकोज से शरीर में इंसुलिन बढ़ाता है। ये कैंसर सेल्स को बढ़ाता है। मीठे पदार्थों का सेवन करने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना लगभग 27 फीसदी तक बढ़ जाती है।
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