''ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ'' पर जानें, ब्रेस्ट कैंसर से बचने के जरूरी तीन उपाय

''ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ'' हर साल अक्टूबर में विश्वभर में मनाया जाता है। आप भी इस रोग के प्रति जागरूक होकर ब्रेस्ट कैंसर से बचने के इन जरूरी तीन स्टेप्स को अपनाएं।

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Written By: Anshumala | Updated : October 2, 2019 2:27 PM IST

आज जिस तरह की जीवनशैली लोगों की होती जा रही है, उसने कैंसर होने की आशंका काफी बढ़ा दी है। महिलाएं भी इससे बची हुई नहीं हैं। आज महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है ब्रेस्ट कैंसर। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत में इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता की कमी के कारण भी ऐसा हो रहा है। हर साल भारत में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है।

हालांकि, ब्रेस्ट कैंसर का पता शुरुआत में ही चल जाए, तो यह अधिक गंभीर नहीं होता है। इसमें आपका सही समय पर इलाज शुरू करके जान भी बचाई जा सकती है। इस पूरे महीने ब्रेस्ट कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ''ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ'' (breast cancer awareness month 2019) सेलिब्रेट किया जाता है। आप भी जानें, इस खतरनाक रोग से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए...

कब होता है अधिक खतरा

वैसे तो ब्रेस्ट कैंसर होने का अधिक खतरा 40 वर्ष के बाद ही होता है, लेकिन आज की जिस तरह से लाइफस्टाइल है, उससे कम उम्र में भी यह जानलेवा बीमारी हो जा रही है। ऐसे में जरूरी है नियमित रूप से अपने स्तनों की जांच करवाते रहना। ताकि कोई भी लक्षण नजर आए, तो समय पर इलाज शुरू किया जा सके।

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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या हैं ?

  • ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों में सबसे पहले आपको ब्रेस्ट में गांठ, अंडरआर्म्स में दर्द या उभार नजर आने लगेगा।
  • निप्पल से तरल पदार्थ आना या पपड़ी बनना।
  • ब्रेस्ट पर लाल रंग के निशान या सूजन आ जाना।
  • ब्रेस्ट के आकार में बदलाव।
  • ब्रेस्ट पर फोड़ा, घाव होना जो काफी समय से ठीक ना हो रहा हो।

ब्रेस्ट कैंसर से बचने के जरूरी तीन उपाय

1 मैमोग्राम करवाती रहें। महिलाओं को 40 वर्ष के बाद नियमित रूप से मैमोग्राम करवाते रहना चाहिए। मैमोग्राम के जरिए कैंसर होने की आशंका आपको कितनी प्रतिशत है, इसका आसानी से पता लगाया जा सकता है। यदि आपके घर में ब्रेस्ट कैंसर होने का इतिहास है या अनुवांशिक कारणों से भी स्तन कैंसर के होने का जोखिम अधिक है, तो यह टेस्ट प्रत्येक वर्ष या डॉक्टर की सलाह पर करवाती रहें।

2 हेल्दी डाइट लें। जितना हो सके हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों का सेवन करें। फल में अनार खूब खाएं। अनार में मौजूद फोटोकेमिकल्स एरोमाटेज एंजाइम को कम करता है। एंजाइम एंड्रोजन हार्मोन को एस्ट्रोजन हार्मोन में बदलता है। ये ब्रेस्ट कैंसर के होने के खतरे को बढ़ा देता है। अनार में कई ऐसे प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं, जो स्तन कैंसर को रोकने में प्रभावी होते हैं।

3 एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अखरोट खाने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसमें मौजूद विटामिन ई, विटामिन बी 6, कैल्शियम और कई तरह के मिनरल्स कैंसर कोशिकाओं के ग्रोथ को रोकती हैं। रोज आप आधी मुट्टी अखरोट खाएं। इसमें मौजूद प्रोटीन ब्रेस्ट कैंसर से ही नहीं, बल्कि अर्थराइटिस, त्वचा संक्रमण, अस्थमा, एग्जीमा जैसी बीमारियों सें भी बचाता है।

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