Brain Tumour : लगातार रहता है सिरदर्द तो हो सकता है ब्रेन ट्यूमर, जानें इसके लक्षण, कारण और उपचार

ब्रेन ट्यूमर की पहचान जितनी पहले हो जाए, इलाज उतना ही आसान हो जाता है।

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Written By: Anshumala | Updated : November 15, 2019 7:32 PM IST

ब्रेन ट्यूमर (Brain tumour) एक गंभीर बीमारी है, लेकिन आज इसका उपचार रेडियो सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियेशन थेरेपी के अलावा कंप्यूटर आधारित स्टीरियोटौक्सी एवं रोबेटिक सर्जरी जैसी नवीनतम तकनीकों की बदौलत अत्यंत कारगर, सुरक्षित एवं काफी हद तक कष्ट रहित हो गया है। ब्रेन ट्यूमर (Brain tumour) की पहचान जितनी पहले हो जाए, इलाज (Brain tumour treatment) उतना ही आसान हो जाता है। कभी-कभी ट्यूमर की वजह से सिर में पानी इकट्ठा होने लगता है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ''हाइड्रोसिफेलस'' कहते हैं। यह स्थिति मरीज के लिए खतरनाक हो सकती है। प्रायः ब्रेन ट्यूमर का निदान करना थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि इसमें पाए जाने वाले लक्षण किसी अन्य समस्या के भी संकेत हो सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर के लक्षण (Brain tumour symptoms) इस प्रकार हैं-

सिरदर्द

ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती (Brain tumour symptoms) लक्षणों में एक है सिरदर्द। इसमें अक्सर सुबह उठते ही भयानक सिरदर्द शुरू हो जाता है, जो दिन में धीरे-धीरे ठीक हो जाता है। झुकने में, व्यायाम करने में सिरदर्द अधिक कष्टकारी होता है।

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मानसिक और व्यक्तित्व बदलाव

मरीजों के स्वभाव संबंधी व्यवहार और व्यक्तित्व में बदलाव पाया जाता है। मरीज को बोलने में तकलीफ महसूस होती है और स्मरण शक्ति (Brain tumour) भी कम हो जाती है।

फोकल से संबंधित समस्याएं

फोकल से संबंधित लक्षणों जैसे साफ सुनाई न देना, कानों में कुछ बजने की आवाज सुनना, कमजोरी, बोलने व चलने में दर्द, मांसपेशियों पर घटता नियंत्रण, दोहरा दिखाई देना और घटती चेतना (सेंसेशन) आदि भी ट्यूमर के कारण हो सकते हैं।

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क्या ब्रेन ट्यूमर खतरनाक है?

मस्तिष्क में किसी भी चीज में वृद्धि होना बहुत खतरनाक माना जाता है। यह बात ब्रेन ट्यूमर के मामले में भी लागू होती है। ब्रेन ट्यूमर कई प्रकार के होते हैं। हालांकि, इसे कैंसर के आधार पर मुख्य रूप से दो वर्गों कैंसरजन्य और कैंसर रहित ट्यूमर में विभाजित किया जा सकता है। बीस से चालीस साल के लोगों को ज्यादातर कैंसर रहित और 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को ज्यादातर कैंसर वाले ट्यूमर होने की संभावना रहती है। कैंसर रहित ट्यूमर, कैंसर वाले ट्यूमर की तुलना में धीमी गति से बढ़ता है।

क्या यह अनुवांशिक है?

यहां कुछ ऐसे ब्रेन ट्यूमर (Brain tumour) हैं, जो अनुवांशिक होते हैं, जैसे न्यूरोफाइब्रोमेटोसिस लेकिन ऐसा व्यापक रूप से नहीं है। चिकित्सा विज्ञान में ब्रेन ट्यूमर के मुख्य कारणों का पता नहीं चल पाया है। अनुवांशिक संबंधों के विषय में दुनिया भर में शोध कार्य चल रहा है।

ब्रेन ट्यूमर का इलाज (Brain tumour treatment)

ब्रेन ट्यूमर के प्रकार, स्थान और आकार पर अधारित विभिन्न प्रकार के इलाज करने के तरीकों का चुनाव किया जाता है। यदि ऑपरेशन सुरक्षित है, तो ऐसे में ट्यूमर को हर संभव तरीके से दूर करने के लिए ऑपरेशन को उपचार की पहली विधि के रूप में अपनाया जाता है। यह सर्जरी इंडोस्कोपिक पक्रिया से की जाती है या फिर स्टीरिओटेक्सी से बायोप्सी की जाती है। यदि ट्यूमर ऑपरेशन योग्य है, तो चिकित्सक इस सर्जरी के लाभ और जोखिम को निर्धारित करते हैं और सर्जरी के बाद यदि कोई ट्यूमर बच जाता है, तो उसे रेडियेशन या कीमोथेरेपी से ठीक किया जाता है। अक्सर ट्यूमर को पोस्ट-ऑपरेटिव ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन कई बार इसकी जरूरत पड़ती भी है।

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