दिन में इस समय म्यूजिक सुनने से कम होता है डिप्रेशन और अनिद्रा, जानें संगीत सुनने के सभी फायदे

कुछ स्टडीज में ऐसा कहा गया है कि, जब किसी व्यक्ति को डिप्रेशन या स्ट्रेस जैसी समस्याएं महसूस होती हैं तो उन्हें इलाज के लिए म्यूजिक थेरेपी की सलाह दी जाती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 21, 2024 2:17 PM IST

World Music Day 2024: जब भी आप बोर हो रहे हों, ट्रैवल कर रहे हों या आपके पास खाली समय हो तब सबसे पहले आप कानों में हेड फोन लगाकर अपनी पसंद के गाने सुनना पसंद करते हैं, है ना? संगीत या म्यूजिक सुनने से बेहतर महसूस होता है और इसीलिए लोग अक्सर अपना खराब मूड ठीक करने के लिए फिल्मी संगीत या इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक (Instrumental Music) सुनना पसंद करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि वैज्ञानिक भी लोगों को मानसिक परेशानियों से बचने के लिए अच्छा संगीत सुनने की सलाह देते हैं। दरअसल, संगीत एक थेरेपी की तरह काम करता है और इसीलिए, खराब मेंटल हेल्थ से जूझ रहे लोगों को संगीत सुनने की सलाह दी जाती है।

कुछ स्टडीज में ऐसा कहा गया है कि, जब किसी व्यक्ति को डिप्रेशन या स्ट्रेस जैसी समस्याएं महसूस होती हैं तो उन्हें इलाज के लिए म्यूजिक थेरेपी की सलाह दी जाती है।

क्या है म्यूजिक थेरेपी? (What IS Music Therapy)

  • दरअसल संगीत सुनने से ब्रेन को शांत रखने वाले हार्मोन्स का निर्माण होता है। इससे स्ट्रेस भी कम होता है।
  • तनाव कम करने के लिहाज से संगीत सुनना लाभकारी हो सकता है।
  • संगीत सुनने से मूड बेहतर हो सकता है।
  • जिन लोगों को गुस्सा बहुत आता है उन्हें म्यूजिक सुनने से आराम मिलता है।
  • नेगेटिव विचारों से बचने के लिए भी म्यूजिक सुनना लाभकारी हो सकती है। इससे लोगों को सकारात्मक महसूस हो सकता है।
  • दुख, तकलीफ और निराशा जैसी भावनाओं से गुजर रहे लोगों को संगीत सुनने से फायदा मिलता है।

डिप्रेशन कम करने के लिए किस समय संगीत सुनना चाहिए?

क्या आप जानते हैं कि रात में सोने से पहले संगीत सुनना मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। जिन लोगों को अनिद्रा की वजह से रात में सोने से जुड़ी समस्याएंहोती हैं, उन्हें सोने से पहले संगीत सुनने से लाभ होता है। इससे तनाव कम होता है और रिलैक्शेसन के कारण आपको ठीक तरह से नींद आती है।

Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।