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World Brain day 2022: किसी दवा से कम नहीं आपकी ये 8 आदतें! दिमागी बीमारियों को दूर रखने के लिए आज से ही करें फॉलो

वर्ल्ड ब्रेन डे 2022: दिमागी बीमारियों का इलाज हर बार किसी दवा में नहीं होता है, बल्कि कई बार अपनी जीवनशैली में थोड़ा सा बदलाव करके भी इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है। चलिए जानते हैं ब्रेन को हेल्दी बनाने वाली खास लाइफस्टाइल हैबिट्स के बारे में।

World Brain day 2022: किसी दवा से कम नहीं आपकी ये 8 आदतें! दिमागी बीमारियों को दूर रखने के लिए आज से ही करें फॉलो

Written by Mukesh Sharma |Published : July 22, 2022 12:06 PM IST

शरीर के अन्य अंगों की तरह दिमागी बीमारियां भी उतनी ही गंभीर होती हैं। यहां तक कि कुछ दिमागी बीमारियां तो ऐसी होती हैं, जो व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को भी बिगाड़ देती हैं। दिमागी बीमारियों का प्रभाव भारत में शुरुआत से ही रहा है। बल्कि आज भी कई ग्रामीण क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां पर दिमागी बीमारियों को कोई बीमारी समझा ही नहीं जाता है। बल्कि कुछ लोग तो इसे अंधविश्वास व अन्य धार्मिक समस्याओं से जोड़ देते हैं। इस समस्याओं को देखते हुए वर्ल्ड ब्रेन डे (World brain day) मनाया जाता है। विश्व मस्तिष्क दिवस को हर साल 22 जुलाई को मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। हर साल ब्रेन डे का थीम अलग होता है और इस बार का थीम है ब्रेन हेल्थ फॉर ऑल’ (Brain Health For All) है। जीवनशैली में बढ़ते तनाव, समय की कमी, प्रदूषण और अच्छा खान-पान न होने की वजह से भारत में भी मानसिक समस्याओं की गंभीरता लगातार बढ़ रही है। आज विश्व मस्तिष्क दिवस के मौके पर हम आपको बताएंगे कि मानसिक बीमारियों से बचने के लिए हर बार आपको किसी दवा की जरूरत नहीं होती है, सिर्फ अपनी जीवनशैली में कुछ अच्छे बदलाव लाकर ही आप इन समस्याओं से बच सकते हैं। इतना ही नहीं जीवनशैली में ये अच्छी आदतें अपनाने से आपको पहले से मौजूद मानसिक बीमारियों जैसे डिप्रेशन, स्ट्रेस और एंग्जायटी आदि के लक्षणों को कम करने में भी मदद मिलेगी।

नियमित एक्सरसाइज से मस्तिष्क रहता है हेल्दी

सीडीसी की वेबसाइट पर छपी एक रिपोर्ट के अनुसार नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करने से मस्तिष्क के स्वास्थ्य में सुधार होता है। एक्सरसाइज न सिर्फ अन्य शारीरिक अंगों को स्वस्थ बनाती है, इससे हमारे मस्तिष्क को भी बहुत फायदा होता है। एक्सरसाइज करने से मस्तिष्क में नई कोशिकाएं (Brain cells) बनती हैं और साथ ही यह एजिंग और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग होने के खतरे को भी कम करता है।

दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नींद

पर्याप्त नींद न लेना मेंटल हेल्थ की तरह ब्रेन हेल्थ पर भी प्रभाव डालता है। हाल ही में की गई एक रिसर्च के अनुसार दिन के समय काम करते हुए आपके दिमाग में कुछ विषाक्त पदार्थ बन जाते हैं और नींद की मदद से उसे दिमाग से निकाल दिया जाता है। इसलिए मस्तिष्क को क्रियाशील रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी होता है।

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सही व बैलेंस्ड डाइट है ब्रेन हेल्थ के लिए जरूरी

भोजन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है और वहीं से हमारे शरीर को एनर्जी व अन्य जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। लेकिन असंतुलित भोजन हमारे शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है और इसी प्रकार इसका प्रभाव मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर पड़ता है। ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ लेकर मस्तिष्क को हेल्दी रखा जा सकता है।

ब्रेन को हेल्दी रखना है तो आज ही छोड़ें बुरी आदतें

अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो टशन मारने के लिए सिगरेट पीते हैं या फिर आपको भी शराब पीने की आदत है, तो ब्रेन हेल्थ को भूल जाइए। जी हां धूम्रपान सिर्फ आपके फेफड़ों को ही नहीं और शराब सिर्फ आपके किडनी व लिवर को ही नहीं बल्कि दिमाग को भी नुकसान पहुंचाती है।

मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी है जरूरी

जिस प्रकार मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए एक अच्छी लाइफस्टाइल जरूरी है। ठीक इसी प्रकार ब्रेन को हेल्दी रखने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरूरी है। जिन लोगों को मानसिक समस्याएं जैसे डिप्रेशन, स्ट्रेस व एंग्जायटी है, उन्हें दिमागी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी बेहद जरूरी है।

क्रोनिक बीमारियों को रखें कंट्रोल

डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर समेत अन्य कई दीर्घकालिक बीमारियां हैं, जो कहीं ना कहीं हमारे मस्तिष्क पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। इसलिए अगर आप शुगर के मरीज हैं, तो सही डाइट और एक्सरसाइज आदि के माध्यम से रक्त में शर्करा के स्तर को कंट्रोल रखें। वहीं हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी अपने रक्तचाप दबाव को सामान्य रेंज में रखना जरूरी होता है और ऐसा न होने पर उनसे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

विषाक्त पदार्थों से रखें मस्तिष्क को दूर

बढ़ते प्रदूषण व वातावरण में मौजूद अन्य कई ऐसे कारक हैं, जो मस्तिष्क के लिए एक विषाक्त पदार्थ का काम करते हैं। कुछ गैस या रसायन तो ऐसे होते हैं, जिनके संपर्क में आने से मस्तिष्क में ट्यूमर व स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। वहीं रेडिएशन के संपर्क में आना भी मस्तिष्क की स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक हो सकता है, ऐसे में आपको कई मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।

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समय-समय पर जांच है जरूरी

मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए आप अच्छी लाइफस्टाइल हैबिट्स तो अपना सकते हैं, लेकिन फिर भी कई ऐसे कारक हैं जो कई ब्रेन डिजीज होने के खतरे को बढ़ा देते हैं। इसलिए जरूरी है कि समय-समय पर डॉक्टर से अपने मस्तिष्क की जांच कराते रहें। ऐसे में डॉक्टर आवश्यकता पड़ने पर कुछ इमेजिंग स्कैन भी कर सकते हैं। ताकि समस्या का शुरुआती चरण में ही पता लगा लिया जाए। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ बीमारियों के सफलतापूर्वक इलाज की संभावना उसके शुरुआती चरणों में ही होती है। स्टेज बढ़ने पर मरीज की जान को खतरा भी हो सकता है।