Bigg Boss Afsana Khan: रिजेक्शन की वजह से लोग खुद को नुकसान क्यों पहुंचाते हैं? साइकेट्रिस्ट से जानिए डिटेल में
अगर कहीं पर आपको रिजेक्शन का सामना करना पड़े या कोई आपको छोड़कर किसी और को बेहतर बता रहा है तो आपको इसे सकारात्मक तरीके से लेना चाहिए और अपनी स्किल्स पर काम करना चाहिए।
Written by Atul Modi|Published : November 13, 2021 9:41 PM IST
हर व्यक्ति चाहता है कि उसे अपनी जिंदगी में सफलता मिले, उसकी तरक्की हो और वो निरंतर आगे बढ़ता रहे। कर्म करना इंसान का काम है लेकिन हर बात निर्णय उसी के पक्ष में होगा; यह जरूरी नहीं है। जो लोग आध्यात्म से जुड़े होते हैं उनका मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) संतुलित रहता है और वो सोच समझकर फैसले लेते हैं। इसके विपरित जो लोग आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी फसे रहते हैं और अपने मानसिक स्वास्थ्य पर काम नहीं करते हैं वो बहुत जल्दी आहात हो जाते हैं और दूसरों द्वारा आहत करने पर अपना ही नुकसान करने लगते हैं।
आज के समय में काफी कॉम्पिटिशन बढ़ गया है इसलिए अगर कहीं पर आपको रिजेक्शन का सामना करना पड़े या कोई आपको छोड़कर किसी और को बेहतर बता रहा है तो आपको इसे सकारात्मक तरीके से लेना चाहिए और अपनी स्किल्स पर काम करना चाहिए। अगर आप बिग बॉस देखते हैं तो आपको अफसाना खान (Afsana Khan) मामले के बारे में जरूर पता होगा। अगर नहीं पता तो आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है। साथ ही आज डॉक्टर मीमांसा सिंह तंवर, (क्लिनकल साइकोलॉजिस्ट एंड हेड, फोर्टिस स्कूल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम) हमें बताएंगी कि आजकल का युवा रिजेक्ट होने या फेल होने को इतना पर्सनली क्यों लेने लगा है कि खुद को नुकसान पहुंचाने लगता है?
क्या है बिग बॉस कंटेस्टेंट अफसाना खान (Bigg Boss Afsana Khan Case In Hindi)
इन दिनों बिग बॉस कंटेस्टेंट अफसाना खान काफी चर्चाओं में है और उन्हें लेकर इंडस्ट्री में लड़ाई छिड़ चुकी है। दरअसल, मामला ये है कि बिग बॉस हाऊस के कैप्टन उमर रियाज के सामने 4 कंटेस्टेंट निशांत, तेजस्वी, करण और अफसाना के नाम थे जिनमें से उन्हें 3 नाम चुनकर उन्हें वीआईपी रूम में ले जाना था। ऐसे में कैप्टन उमर रियाज ने अफसाना का नाम छोड़कर निशांत, तेजस्वी और करण का नाम वीआईपी रूम के लिए चुना। यह सिर्फ शो का एक टास्क था लेकिन अफसाना ने इसे इतना पर्सनली ले लिया कि वो रोने-चिल्लाने के बाद चाकू से अपने हाथ की नस काटने की कोशिश करने लगी। यह देख वहां मौजूद कंटेस्टेंट ने भागकर अफसाना को रोकने की कोशिश की और बड़ी मुश्किल से उन्हें समझाकर स्थिति को काबू में किया गया। हालांकि अब अफसाना को शो से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
रिजेस्ट होने पर सबसे पहले दिमाग में क्या विचार आता है? (After rejection what first thought comes to mind)
डॉक्टर मीमांसा कहती हैं कि, सेल्फ डाउट आना बहुत ही नॉर्मल सी बात होती है, जब आपको फील होता है कि रिजेक्शन हो रहा है। आप अपने बारे में नकारात्मक विचार रखने लगते हैं। आप खुद को दूसरों से कंपेयर करने लगते हैं। ऐसे में आप घबराहट, तनाव और डिप्रेशन महसूस करने लगते हैं। किसी के द्वारा रिजेक्शन के बाद कोई भी इंसान इस तरह की स्थितियों से गुजर सकता है।
रिजेक्शन और फेल होने के कारण लोग खुद को नुकसान क्यों पहुंचाते हैं? (Why do people harm themselves because of rejections and failures)
डॉक्टर मीमांसा के अनुसार, सेल्फ हार्म (खुद को नुकसान पहुंचाना) अपने आप में एक मेंटल हेल्थ रिलेटेड प्रॉब्लम है जिसे हमें उस तरह से देखने की जरूरत है। ऐसी स्थिति में जब कोई गुस्सा होता है तो उसे शांत करने के लिए वह खुद को किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचाता है जोकि यह हेल्दी तरीका नहीं है। रिजेक्शन के कारण भावनाओं पर लगी चोट को कम करने के लिए आप दूसरे हेल्दी तरीकों को अपना सकते हैं। ऐसी सिचुएशन में आपको वह काम करने चाहिए जिसमें आपको खुशी मिले।
अगर हमारे सामने कोई खुद को नुकसान पहुंचा रहा तो उसे कैसे समझाना चाहिए? (If someone is harming himself in front of us, how should we handle it)
डॉक्टर मीमांसा के मुताबिक, अगर हमारे आस पास कोई रिजेक्शन का सामना कर रहा है तो उस व्यक्ति को फैमिली सपोर्ट का होना बहुत जरूरी है। इसमें आपकी फैमिली के अलावा दोस्तों का सपोर्ट आपके सहकर्मियों और प्रियजनों का सपोर्ट होना बहुत जरूरी है। अगर आप लोगों को सपोर्ट के बाद भी इस समस्या से नहीं निकल पा रहे हैं तो आपको मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स के पास जरूर जाना चाहिए ऐसी सिचुएशन में वह आपको काउंसलिंग करने के साथ थेरेपी वह कुछ मेडिसिंस के जरिए ठीक कर सकते हैं। इसमें डॉक्टर एविडेंस बेस्ड ट्रीटमेंट करते हैं।
नेगेटिव विचारों को कैसे हैंडल करें? (How to handle negative thoughts)
डॉक्टर ने मानसा ने बताया कि, कोई भी इंसान किसी भी तरह के रिजेक्शन का सामना कर सकता है वह चाहे रिलेशनशिप में हो या दोस्तों के बीच या अपने वर्क लाइफ में। किसी भी कारण से मिले रिजेक्शन से समझदारी से निपटना चाहिए। इस दौरान आप कितना उतार-चढ़ाव महसूस करते हैं कितना हेल्दी वे में लेते हैं और कितना अनहेल्दी वे में लेते हैं यह समझना बहुत जरूरी है। अगर आप इसकी वजह से चिड़चिड़ा महसूस कर रहे हैं, आपके रिलेशन पर इसका असर हो रहा है तो इसका मतलब है कि आप इससे निपटने के लिए प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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