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Written By: Atul Modi | Updated : May 24, 2024 7:01 PM IST
ऑफिस के टारगेट पूरा करना की टेंशन, अपेक्षाओं की खरा उतरने की जद्दोजहद, खुद को साबित कर दिखाने का प्रेशर, एक के बाद एक कामों का पिटारा, प्रमोशन और पॉलिटिक्स आदि के कारण क्या आपका भी सुख, चैन, शांति सब छिन गया है। भले ही ऊपर से आप लोगों को खुश, शांत और सफल नजर आ रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर आपको खालीपन और घुटन महसूस होने लगी है। अगर हां, तो इसका मतलब है कि आप हाई फंक्शनिंग एंग्जायटी का शिकार हैं। आज के समय में अधिकांश प्रोफेशनल्स इस परेशानी से जूझ रहे हैं। आपको भले ही लगे कि आप एंग्जायटी यानी चिंता के इस भंवर से बाहर नहीं निकल पाएंगे, लेकिन सच्चाई ये है कि आपकी थोड़ी सी कोशिशें आपके लिए बड़ी मददगार बन सकती हैं। कैसे होगा ये संभव, आइए जानते हैं।
माइंडफुलनेस का अभ्यास करके आप हाई फंक्शनिंग एंग्जायटी यानी काम के कारण होने वाले तनाव से राहत पा सकते हैं।
इस विकट परिस्थिति से बाहर आने के लिए सबसे पहले खुद पर काम करें। ये जानने की कोशिश करें कि आखिर सच में आप क्या चाहते हैं। जरूरी नहीं है कि दुनिया जिस काम को कर रही है, आप भी उसी काम को करें। आप अपने तरीके खुद, अपनी सुविधा से बनाएं।
कई बार आपकी प्रतिक्रिया आपको परेशानी में डाल देती हैं। कई बार ऐसा होता है कि सामने वाला आपको कुछ कहता है तो आप उसका जवाब ही नहीं दे पाते और बाद में पछताते हैं। वहीं कई बार आप इतनी जल्दी प्रतिक्रिया दे देते हैं कि लोग इसे गुस्सा या घमंड मान बैठते हैं। इसलिए किसी भी बात पर न ज्यादा देर से प्रतिक्रिया दें, न ही ज्यादा जल्दी। सीमित समय में सोच समझकर ही प्रतिक्रिया देंं।
ये बात बिलकुल सच है कि कोई भी इंसान कभी भी परफेक्ट नहीं होता। कमियां सब में होती हैं। ऐसे में आप भी अपनी कमियों को पहचानें और उन्हें दूर करने के लिए काम करें। आलोचनाओं से अपना आत्मबल न तोड़ें, बल्कि उसे सकारात्मक रूप से लें और उनमें सुधार का प्रयास करें।
कुछ लोग बदलाव को स्वीकार ही नहीं पाते। वे हमेशा अटल रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि बदलाव जिंदगी का हिस्सा है। इसलिए खुद को समय के अनुसार बदलें, अपडेट रहें, इससे आप अंदर से कॉन्फिडेंस महसूस करेंगे और आपको अच्छा महसूस होगा।
दूसरों को खुश रखने की कोशिश करना, ये वो सबसे बड़ी गलती है, जो आमतौर पर सभी करते हैं और फिर दुखी होते हैं। इसलिए सबसे पहले खुद को खुश रखने पर फोकस करें। जब आप खुश होंगे, तभी आप दूसरों को भी खुश रख पाएंगे।
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