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आपने ऐसे कई लोगों को देखा होगा जो एक पल खुश तो अगले पल परेशान नजर आते हैं। कभी वह हंसते हुए बात करते हैं तो अचानक किसी बात पर गुस्सा करने लगते हैं। अक्सर हम इस तरह के लक्षणों को मूड स्विंग मानकर छोड़ देते हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि ये समस्या आपको साथ लंबे समय से है तो ये बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर का संकेत हो सकते हैं। यदि आपको ऐसे संकेत बार-बार देखने को मिल रहे हैं तो आपको अधिक सावधान रहने की जरूरत है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने जा रहे हैं कि बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर क्या होता है और इसके लक्षण क्या हैं।
बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर एक मानसिक रोग है जो हमारे सोचने की क्षमता को कमजोर कर देता है। यह डिसऑर्डर आपकी मानसिक क्षमता को इस हद तक प्रभावित करता है कि आप खुद से प्यार करना ही छोड़ देते हैं। बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व में बहुत कमियां नजर आती हैं और वह कभी-कभी अपनी फीलिंग्स पर नियंत्रण भी खो देता है।
बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर वाले व्यक्ति को साथ रह रहे लोगों को अचानक से छोड़ जाने का डर हमेशा लगा रहता है। इसके साथ ही इस समस्या से परेशान लोग अकेले रहना बिल्कुल भी पसंद नहीं करते हैं। हालांकि इनको अलेके रहना पड़ता है क्योंकि बार-बार मूड बदलने और गुस्सा होने के स्वाभाव के कारण ज्यादातर लोग इनसे खुद ही दूरी बना लेते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के कारण हमारे दिमाग का हिप्पोकैम्पस, एमिग्डाला और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स भाग मुख्य रूप से प्रभावित होते हैं।
बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के शिकार लोगों के विचार कभी स्थिर नहीं हो सकते हैं। वह अपने विचारों में लगातार फंसे रहते हैं और कभी आप खुद को एक शानदार व्यक्ति तो कभी खुद को बेहद खराब व्यक्ति समझने लगते हैं। यही कारण है कि आप अक्सर अपने साथी, दोस्त और नौकरी काफी जल्दी बदल देते हैं।
बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर से परेशान व्यक्ति को अक्सर ये डर सताता रहता है कि उसके अपने लोग एक दिन उसे छोड़कर चले जाएंगे। इसके अलावा ये व्यक्ति अपना भी सम्मान नहीं कर पाता है। अक्सर अपनी तुलना दूसरे व्यक्तियों से करने लगता है और खुद को दूसरों से कम आंकता है। यदि इस तरह के व्यक्ति के साथ आप कोई प्लान बनाकर कैंसिल करते हैं तो इन्हें लगता है कि वह व्यक्ति काफी बुरा है।
बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति अक्सर स्ट्रेस में रहते हैं और जिससे दूर होने के लिए वह छटपटाते रहते हैं। अक्सर ऐसे व्यक्ति कुछ खराब आदतों के शिकार हो जाते हैं, जैसे- नशीले पदार्थों का सेवन, फिजूलखर्ची, झगड़ा और कुछ न कुछ खाते रहना।