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Written By: Pallavi Kumari | Published : May 31, 2022 12:47 PM IST
क्या आप ध्यान या मेडिटेशन करते हैं? इस सवाल से बहुत से लोग बचते हैं क्योंकि इस व्यस्त जिंदगी में हमारे पार ध्यान या मेडिडेट करने का समय ही नहीं है। दरअसल, ध्यान करने से पहले कुछ दिन आपको इसका कोई फायदा नजर ना आए लेकिन कुछ दिनों के बाद आप अपने व्यवहार और शरीर में कुछ बदलाव महसूस करेंगे। जी हां, मेडिटेशन करने से ( meditation benefits) पहले तो आपका माइंड डिटॉक्स होता है और फिर ये शरीर के काम काज को बेहतर बनाने में मदद करता है। वो कैसे, आइए हम आपको बताते हैं लेकिन इससे पहले जानते हैं मेडिटेशन के 5 प्रकार(5 types of meditation)
ध्यान की शुरुआत एकाग्रता के साथ शुरू होती है। ऐसे में शुरुआत में मन को एकाग्र करने के लिए आपको किसी आवाज या स्वर पर ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में ऊं के स्वर के साथ आप मेडिटेशनकी शुरुआत कर सकते हैं। हिंदू धर्म में इस शब्द को सार्वभौम से जोड़ा गया है यानी कि ये आपके शरीर और मन का मेल करता है और इसे एक करता है। इससे आपकी एकाग्रता बढ़ेगी। उसके बाद ये आपकी समझ और याददाश्त बढ़ाने में मदद करती है। साथ ही इसे करने से आप स्ट्रेस फ्री महसूस करते हैं और आपको बेहतर महसूस होता है।
माइंडफुलनेस मेडिटेशनआपके विचारों के साथ पूरी तरह से उपस्थित होने की प्रक्रिया है। जागरूक होने का अर्थ है कि हम कहां हैं और हम क्या कर रहे हैं, इसके बारे में जागरूक होना और हमारे आस-पास क्या हो रहा है, इसके प्रति अत्यधिक प्रतिक्रियाशील नहीं होना। ये ब्रेन डिटॉक्स करने के साथ बॉडी डिटॉक्स करने में मददगार है। ये आपके माइंडफुल मेडिटेशन कहीं भी किया जा सकता है। कुछ लोग शांत जगह पर बैठना पसंद करते हैं, अपनी आंखें बंद कर लेते हैं और अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करते हैं। लेकिन आप दिन के किसी भी समय काम करने के दौरान भी कर सकते हैं।
चक्र एक प्राचीन संस्कृत शब्द है। चक्र शरीर में ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति के केंद्रों का उल्लेख करते हैं। माना जाता है चक्र सात प्रकार के होते हैं। प्रत्येक चक्र शरीर के अलग-अलग हिस्से में स्थित होता है और प्रत्येक का एक समान रंग होता है। चक्र ध्यान चक्रों में संतुलन और मन के भावों पर कंट्रोल करने पर जोड़ देता है। इससे हार्मोनल हेल्थ सही रही है और मूड स्विंग्स नहीं होते।
अधिकांश लोग एक जगह पर स्थिर हो कर मेडिटेट नहीं कर पाते हैं। ऐसे में उनके लिए कुछ करते हुए ध्यान लगाना आसान होता है। ऐसे में आप कुछ करते हुए मेडिटेशन कर सकते हैं। जैसे कि
-टहलना
-सर्कुलर मूवमेंट में किसी पार्क पर घूमना
केंद्रित ध्यान में पांच इंद्रियों में से किसी एक का उपयोग करके एकाग्र होना शामिल है। उदाहरण के लिए, आप किसी आंतरिक चीज पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जैसे कि आपकी सांस या अपनी नाक या सिर के किसी बिंदू पर। इसके अलावा आप बाहरी की चीज पर भी ध्यान केंद्र कर सकते हैं। जैसे कि म्यूजिक पर, मोमबत्ती की लौ पर, पेड़ पर और चांद पर। यह अभ्यास सिद्धांत रूप में सरल हो सकता है, लेकिन शुरुआती लोगों के लिए पहले कुछ मिनटों से अधिक समय तक अपना ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो सकता है। अगर आपका मन भटकता है, तो बस अभ्यास पर वापस आएं और फिर से ध्यान केंद्रित करें।