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बनना है ज्यादा प्रोडक्टिव, एनर्जेटिक और खुश, तो रोज करें ये आसान लेकिन फायदेमंद एक्सरसाइज

ब्रीदिंग यानि कि सांस लेना एक ऐसी चीज है जो आपका शरीर अपने आप करता है, लेकिन हम में से अधिकांश लोग इसे ठीक तरह से नहीं पाते हैं, जबकि हम ऐसा कर सकते हैं। जब आप सांस लेते हैं तो आपको फेफड़ों में हवा खींचने के लिए डायाफ्राम, फेफड़ों के नीचे एक मांसपेशी का उपयोग करना चाहिए।

Written by Rashmi Upadhyay |Updated : October 23, 2020 8:01 PM IST

ज्यादातर लोग अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने के लिए अच्छी डाइट और एक्सरसाइज पर जोर देते हैं। जो सही भी है। क्योंकि जब तक आप अच्छा खाएंगे नहीं और अपने लाइफस्टाइल को अच्छा नहीं रखेंगे तब तक बीमारियों से दूर रहना लगभग नामुमकिन होता है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि आपके सांस लेने का तरीका भी आपकी हेल्थ को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ब्रीदिंग यानि कि सांस लेना एक ऐसी चीज है जो आपका शरीर अपने आप करता है, लेकिन हम में से अधिकांश लोग इसे ठीक तरह से नहीं पाते हैं, जबकि हम ऐसा कर सकते हैं। जब आप सांस लेते हैं तो आपको फेफड़ों में हवा खींचने के लिए डायाफ्राम, फेफड़ों के नीचे एक मांसपेशी का उपयोग करना चाहिए। जैसा कि आप नाक और फेफड़ों में हवा भरते हैं तब पेट फूलता है और छाती में वृद्धि होती है। और जब आप सांस छोड़ते हैं, तो पेट अंदर की तरह चला जाता है। यह सांस लेने का उचित तरीका है लेकिन हम में से अधिकांश ऐसा कर नहीं पाते हैं।

समय के साथ, हल्की तरह से सांस लेने की आदत हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। सिर्फ यही नहीं इससे तनाव, अनिद्रा, चिंता, हृदय संबंधी मुद्दों और श्वसन समस्याओं के पैदा होने का भी खतरा रहता है। धीरे श्वास हमारे शरीर को तीव्र बीमारियों, अनुबंधित पूर्व-चिकित्सा स्थितियों और लंबे समय तक उपचार के समय के लिए अतिसंवेदनशील बना सकता है। इस तरह से सांस लेने से शरीर के अन्य हिस्सों में तनाव पैदा हो सकता है और इसके परिणामस्वरूप गर्दन में दर्द, सिरदर्द और चोट का खतरा भी बढ़ सकता है। यह सांस लेने का पैटर्न आपके कंधों को आगे की ओर झुका सकता है और इससे लंबी अवधि में खराब मुद्रा हो सकती है। इन सब चीजों का असर आपकी प्रोडक्टिविटी और आपके काम पर पड़ सकता है।

डीप ब्रिदिंग के फायदे

कैसे करें डीप ब्रिदिंग की प्रेक्टिस

गहरी सांस लेने की शुरुआत धीरे धीरे करनी चाहिए। जब आपको एक बार इसकी प्रेक्टिस हो जाएगी तब आप इसे आसानी से कर पाएंगे। नाक के माध्यम से धीरे-धीरे और गहरी सांस लेने की शुरुआत करें। आमतौर पर 5 या 3 से 5 सेकंड की गिनती के लिए, एक समान गिनती के लिए सांस छोड़ें। अपने डायाफ्राम से सांस लेने का अभ्यास करने के लिए चरणों का पालन करें। इस प्रेक्टिस से आप ज्यादा प्रोडक्टिव और एनर्जेटिक बनते हैं साथ ही ज्यादा खुश भी रहते हैं।

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