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अगर दोस्त में दिखे एंग्जाइटी के लक्षण तो उससे कहें ये 3 बातें, डिप्रेशन में जाने से बच जाएगा साथी

एक बार अगर व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाए तो उसके लिए इससे बाहर निकल पाने में बहुत मुश्किल होती है। यह ओवरऑल हेल्थ को प्रभावित करता है और इससे लोगों की मेंटल हेल्थ और रिलेशनशिप भी खराब हो सकती है।

अगर दोस्त में दिखे एंग्जाइटी के लक्षण तो उससे कहें ये 3 बातें, डिप्रेशन में जाने से बच जाएगा साथी

Written by Sadhna Tiwari |Updated : November 16, 2023 7:54 PM IST

Helping people with depression: हमारा जीवन कई तरह के अच्छे अनुभवों के साथ-साथ मुश्किलों से भी भरा होता है। कई बार ज़िंदगी में आनेवाली मुश्किलों से हम हिम्मत के साथ निपट लेते हैं लेकिन कई बार ये उतार-चढ़ाव आपको तोड़ सकते हैं। मुश्किल समय में लोग हताश हो जाते हैं और स्ट्रेस या एंग्जायटी जैसी मेंटल प्रॉब्लम्स (mental health problems) का शिकार हो सकते हैं। ये समस्याएं आगे चलकर डिप्रेशन की वजह बन सकती हैं और एक बार अगर व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाए तो उसके लिए इससे बाहर निकल पाने में बहुत मुश्किल होती है। यह ओवरऑल हेल्थ को प्रभावित करता है और इससे लोगों की मेंटल हेल्थ और रिलेशनशिप भी खराब हो सकती है। (side effects of stress and depression)

ऐसे में पीड़ित व्यक्ति के आसपास के लोगों की ज़िम्मेदारी बन जाती है कि वे अपने दोस्तों और फैमिली मेम्बर्स या कलिग्स की मदद करें। उनमें डिप्रेशन के लक्षण दिखायी दें तो उनका ख्याल रखें और उन्हें डॉक्टर के पास ले जाएं। (how to prevent depression in others in hindi.)

डिप्रेशन के लक्षण (Symptoms of depression in Hindi)

एंग्जाइटी होना (Anxiety)

अवसाद या डिप्रेशन वाले व्यक्ति में एंग्जायटी के लक्षण दिखायी देते हैं। इसमें व्यक्ति को छोटी-छोटी बात पर घबराहट होने लगती है। घबराहट और बेचैनी से बचने के लिए लोग कई बार शराब पीने, तम्बाकू खाने या सिगरेट पीने जैसी आदतें अपना लेते हैं। गौरतलब है कि ये सब आदतें एडिक्शन में गिनी जाती हैं और इससे स्वास्थ्य को बहुत नुकसान पहुंच सकता है।

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अकेले रहना

सोशल एंग्जायटी और लोगों से कटे-कटे रहना डिप्रेशन का एक शुरूआती लक्षण(early signs of depression) है। ऐसे लोगों को किसी से बात करने का मन नहीं करता है और अकेले रहने की यह आदत समय के साथ और भी गम्भीर हो सकती है। ये लोग छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ जाते हैं और उनका यह चिड़चिड़ापन भरा व्यवहार उन्हें हमेशा बीमार और थका हुआ महसूस कराता है और ऐसे में लोग अपने रोजमर्रा के काम भी सही तरीके से नहीं कर पाते।

बहुत अधिक इमोशनल होना

डिप्रेशन होने पर लोगों को भावनात्मक स्तर पर बहुत अधिक बदलाव महसूस होता है। ऐसे लोग हर बात पर इमोशनल हो जाते हैं, मामीला बातों पर बहुत देर तक सोचते रहते हैं और छोटी-छोटी बातों पर रो देते हैं।

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ऐसे करें दोस्त की मदद (Tips to help people with poor mental health)

  • उनके साथ समय बिताएं।
  • उनकी बात शांति से सुनें और उनकी बातों को गलत-सही ना ठहराएं।
  • जब एंग्जायटी से परेशान व्यक्ति रो रहा हो तो उनके बगल में बैठें और उनका सहारा बनें।
  • उन्हें अपनी पुरानी पर्सनालिटी और अचीवमेंट्स के बारे में याद दिलाएं।
  • किसी भी बात के लिए उनपर आरोप ना लगाएं और ना ही उन्हें उनकी गलती का एहसास दिलाने की कोशिश करें। इससे वह व्यक्ति चिढ़ सकता है और बात बिगड़ सकती है।