
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Social Media And Mental Health: ट्वीटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स आज सबकी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं और लोग दिन में कई घंटे वे सोशल मीडिया पर बिताते हैं। वहीं, एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि, सोशल मीडिया वेबसाइट्स से कम से कम एक सप्ताह की दूरी भी गम्भीर मानसिक समस्याओं जैसे स्ट्रेस, डिप्रेशन और चिंता से बचने में लोगों को मदद कर सकते हैं। यह दावा किया है कि 'साइबरसाइकोलॉजी, बिहेवियर एंड सोशल नेटवर्किं ग' जर्नल में प्रकाशित किए गए एक नये अध्ययन में जिसके अनुसार, सोशल मीडिया से केवल सप्ताहभर की दूरी भी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत बेहतर साबित हो सकती है।
इस नयी स्टडी में कहा गया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल स्ट्रेस और एंग्जायटी जैसी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है और इसीलिए, जब लोग इनका इस्तेमाल कम करते हैं तो उनमें तनाव और व्यग्रता के लक्षणों में कमी आती है।
सोशल मीडिया का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव और उससे होने वाले नुकसान के बारे में बात करते हुए बाथ यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधकर्ता जेफ लैम्बर्ट ने कहा,'' इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि लोग सोशल मीडिया का बहुत अधिक इस्तेमाल करते हैं। जिसकी वजह से मानसिक स्वास्थ्य पर इसके होने वाले बुरे प्रभावों के सबूत भी सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया से दिमाग पर पड़नेवाले दुष्परिणाम भी दुनियाभर में चिंता का विषय हैं। वहीं, इस नयी स्टडी के माध्यम से हमने यह जानने की कोशिश कि क्या मात्र एक सप्ताह तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।''
एक्सपर्ट के अनुसार, ''हमने शोध में पाया कि कई प्रतिभागियों ने मात्र एक सप्ताह तक सोशल मीडिया न इस्तेमाल करने पर अपने मूड को बेहतर पाया और उनमें एंग्जायटी के लक्षण भी कम दिखे। इससे पता चलता है कि सोशल मीडिया से एक छोटा सा ब्रेक भी स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक हो सकता है। '' स्टडी के लिए 18 से 72 साल की आयु के 154 प्रतिभागियों पर ध्यान दिया गया। इनमें से कुछ को कहा गया कि वे पहले की तरह सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते रहें जबकि कुछ को इसे पूरी तरह बंद करने के लिये कहा गया। शोध की शुरूआत में ही सबके तनाव, चिंता और स्वास्थ्य से जुड़े स्कोर इकट्ठा किए गए। एक सप्ताह के बाद पाया गया कि,
(आईएएनएस)