लोगों से मिलने-जुलने से लगता है डर या भीड़ देखते ही होती है एंग्जायटी, ये टिप्स दूर करेंगी ये परेशानी

भीड़ के बीच कुछ लोगों का कॉन्फिडेंस पूरी तरह से डगमगा जाता है और वे सबके सामने बोल नहीं पाते। अगर आपकी भी समस्या यही है तो जरूर पढ़ें यह लेख।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 18, 2024 2:46 PM IST

Social Anxiety Overcoming tips: कुछ लोग फिजिकली हेल्दी होते हैं, उनकी पर्सनालिटी भी दमदार होती है लेकिन इन लोगों को अन्य लोगों के बीच रहना पसंद नहीं होता। ये लोग अन्य लोगों के बीच अपन कॉन्फिडेंस खो देते हैं और घबरा जाते हैं। ऐसे में उनकी एंग्जायटी कभी-कभी ऐसी बढ़ जाती है कि वे सोशल इवेंट्स, मीटिंग्स और पार्टियों से दूर रहते हैं। यह एक मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या है जिसे सोशल एंग्जायटी (Social Anxiety) कहा जाता है।

आमतौर पर भीड़-भाड़ से बचने वाले लोगों को शर्मीला या शाई कहा जाता है। लेकिन, सोशल एंग्जायटी वाले लोग घर के बाहर जाकर छोटे-मोटे काम करने से बचते हैं। ऐसे लोग दुकान पर जाकर खरीददारी करने और लोगों के साथ फिल्म देखने जाने जैसे काम भी नहीं करते। आइए जानें क्या हैं सोशल एंग्जायटी के कारण और कैसे इस आदत को मैनेज कर सकते हैं

सोशल एंग्जायटी के कारण क्या हैं? (Causes of social anxiety)

सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर (Social Anxiety) केवल एक आदत नहीं बल्कि, एक मेडीकल कंडीशन भी है। इसमें लोगों को हमेशा डर लगता है कि अन्य लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे। इसी डर की वजह से वे अन्य लोगों से दूर-दूर रहते हैं। सोशल एंग्जायटी के कुछ बड़े कारण ये हैं-

  • जेनेटिक्स या आनुवांशिक कारण
  • बचपन में बुलिंग या लोगों द्वारा परेशान किया जाना
  • किसी तरह के मानसिक दबाव
  • माता-पिता द्वारा अन्य बच्चों से तुलना करना
  • लाइफस्टाइल और खान-पान से जुड़ी गलतियां
  • सोशल मीडिया का बहुत अधिक इस्तेमाल करना (Effects of social media usage)

सोशल एंग्जायटी के लक्षण क्या हैं? (Social Anxiety Symptoms)

  • अन्य लोगों के बीच बहुत शर्माना
  • भीड़ के बीच डर जाना, पसीने आना
  • सोशल इवेंट्स में जाने के नाम से धड़कन बढ़ जाना (Heart beat rising) और कांपना
  • दूसरों के साथ बात करते हुए आय कॉन्टैक्ट ना करना
  • संकोच करना
  • नये लोगों के आसपास रहने से घबराना

सोशल एंग्जायटी से राहत पाने के उपाय क्या हैं?

थेरेपी

मन से डर को दूर करने के लिए कॉग्नीटिव-बिहेवरियल थेरेपी की मदद ली जा सकती है। सीबीटी थेरेपी में लोगों के मन से नेगेटिव विचारों और मन में घर कर चुकी बातों को दूर करने की कोशिश की जाती है। इससे बेचैनी, डर और घबराहट कम होती है।

रिलैक्सेशन एक्सरसाइजेस

प्राणायाम, डीप-ब्रीदिंग, ध्यान और प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन जैसी कुछ थेरेपीज और एक्सरसाइजेस की मदद ली जा सकती है। इससे एंग्जायटी के लक्षणोंसे आराम मिलता है।

पारिवारिक सपोर्ट

जिन लोगों को सोशल एंग्जायटी होती है उन्हें दोस्तों, परिवार के सदस्यों और जान-पहचान के लोगों के बीच रहना चाहिए। अपनों से मिला सपोर्ट और उनके साथ बिताया वक्त मन डर को दूर करता है।

हेल्दी लाइफस्टाइल

बैलेंस्ड डाइट लें। रोजाना एक्सरसाइज करें और फिजिकली एक्टिव रहें। चाय-कॉफी और अल्कोहल का सेवनबंद कर देँ।

मन को डाइवर्ट करें

खुद को नेगेटिव विचारों से दूर रखें। अपने मन को डाइवर्ट करें और अपनी हॉबीज की तरफ ध्यान दें।

इन सबके साथ अपने डॉक्टर से मिलें और डॉक्टरी मदद लें। इससे आप अपने लिए थेरेपीज, एक्सरसाइजेस और अन्य दवाओं का चयन भी सही तरीके से कर पाएंगे।

Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।