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Written By: Atul Modi | Published : November 29, 2020 3:42 PM IST
इन 7 बुरी आदतों वाले व्यक्तियों को लोग नहीं बनाते अपना दोस्त, नजरअंदाज कर दिए जाते हैं ऐसे लोग
कई बार ऑफिस या स्कूल, कॉलेज इत्यादि जगहों पर कुछ लोगों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसका कारण उस व्यक्ति का गलत व्यवहार या कुछ दूसरा कारण भी हो सकता है। परंतु जब वह नजरअंदाज होता है, तो हो सकता है उसको बहुत दुख होता हो। यह भी हो सकता है कि वह व्यक्ति इसका कारण ना समझ पाए। लेकिन अपने व्यवहार या उन कारणों में थोड़ा बदलाव करके लोगों के मन और सोच का नजरिया बदला जा सकता हैं। ऐसा करने से उस व्यक्ति की इज्जत दूसरों की नजरों में घटेगी नहीं उल्टा बढ़ेगी ही। यदि आप चाहते हैं कि ऐसी किसी भी समस्या से आपको दो-चार ना होना पड़े। तो जरूरी है कि आप पहले ही अपने व्यवहार का अवलोकन कर, अपनी कुछ आदतों में बदलाव कर लें। डालते हैं एक नजर उन वजहों पर।
अक्सर हमारे समाज में उन लोगो को नजरअंदाज किया जाता हैं जो हमेशा अपने मतलब से संपर्क रखते हैं। ऐसे लोगों की दूसरों से अपेक्षाएं तो बहुत होती हैं, लेकिन उनको अपने कर्तव्य याद नहीं होते। हमेशा कुछ ना कुछ मांगते रहते हैं। कभी अपनी मजबूरी बताकर, तो कभी अपने दुखड़े रो कर। क्या आप भी ऐसे ही किसी बहाने से दूसरों की सहायता चाहते हैं? यदि आप में भी कुछ इस प्रकार के गुण हैं और आप हमेशा दूसरों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ भी उल्टा सीधा करते रहते हैं, तो हो सकता है आपके साथी या जानने वाले आपको नजरअंदाज करने लग जाएं।
नकारात्मक रवैया का प्रभाव न सिर्फ व्यक्ति के करियर, उसके संबंधों, घर-परिवार पर, यहां तक कि व्यवसाय और जीवन के हर पहलू पर पड़ता है। वह प्रतिकूल परिस्थितियों में भी कुछ सकारात्मक सोच पाने में असमर्थ महसूस करता हैं। उसकी क्षमता से ज्यादा महत्वाकांक्षाएं, दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा की भावना व सामने वाले को हर दम नीचा दिखाने की होड़ के कारण लोग उसे नज़र अंदाज़ करने लगते हैं। यदि आप भी स्वभाव से ऐसे हैं , तो अपने आप को बदल लीजिए ।
एक सुखद रिश्ते की नींव है, एक दूसरे को सुनना और समय पड़ने पर सहायता के लिए खड़े रहना। लेकिन मतलबी व्यक्तित्व वाला व्यक्ति कभी भी किसी के काम नहीं आता। लोग उसे उसके इस रवैए की वजह से नजरअंदाज करते हैं। क्योंकि उनको मालूम होता है कि बिना मतलब के यह व्यक्ति कभी याद नहीं करेगा। यदि आप भी कुछ ऐसे ही स्वभाव के हैं तो यह बिल्कुल भी अच्छी बात नहीं है। ऐसे में लोग आपको नजरअंदाज तो करेंगे ही। आप अपने इस स्वभाव को जितना हो सके उतनी जल्दी बदल लें। क्योंकि आपका स्वभाव आप की छवि को दूसरों के सामने खराब कर रहा है।
यदि आपके सामने वाला व्यक्ति जितनी देर भी आपके साथ रहे, सिर्फ अपने गुणगान गाता रहे। अपनी तारीफों के कसीदे कसता रहे। तो आपको कैसा लगेगा? बुरा लगेगा ना? इसी बात से समझ जाइए कि आप भी कुछ ऐसा ही करते हैं यानी कि हर समय अपने मुंह मियां मिट्ठू बनते रहते हैं तो, आपको अपनी इस आदत को फौरन बदल लेना चाहिए। यदि आप हर समय स्वयं के ही गुणगान व तारीफें करते रहेंगे, तो लोग न केवल आपको नजरअंदाज करेंगे, बल्कि आपका मजाक भी उड़ायेंगे। क्योंकि दूसरे इंसानों को आपकी निजी जिंदगी की तारीफ सुनने का कोई शौक नहीं है। इसलिए अपनी पीठ खुद थपथपाना बंद कर दीजिए।
इंसानी फितरत ही ऐसी है कि जैसा आप देंगे वैसा ही आप पाएंगे। सीधी सी बात है यदि आप चाहते हैं कि कोई आपको सुने तो आपको भी दूसरे को सुनने के लिए समय निकालना ही पड़ेगा यह कैसे संभव है कि आप सिर्फ अपनी महान गाथा गाते रहें और दूसरा चूं भी ना करें। यदि आप हर समय खुद को ही महान सिद्ध करते रहेंगे तो हो सकता है, लोग आपमें इतनी दिलचस्पी न दिखाएं। यह मौका दूसरे को भी दें। सिर्फ आप ही नहीं आपके जैसे अन्य लोग भी हैं। आप हर समय अपनी ही बात करते रहते हैं और दूसरों की बातो को बीच में ही काट देते हैं तो ऐसा गलत है।
क्या आप ऐसे व्यक्ति को पसंद करेंगे जो हर समय आपका मजाक बनाता हो। आप की कदर नहीं करता हो। या कार्यक्षेत्र पर आपके काम में कमी निकालता रहे। स्वभाविक है कि आपको बुरा लगेगा ठीक इसी प्रकार अगर आप भी ऐसा कोई व्यवहार करते हैं जो दूसरे के लिए दुखदाई है। तो वह आपसे बात करने से बचेगा। आप को नजरअंदाज करेगा। हर समय ताना मारते हुए बात करने वाला व्यक्ति या उपहास उड़ाने वाला व्यक्ति कॉमेडी किंग नहीं होता। बल्कि आप का व्यवहार आप की नीचता दर्शाता है। हो सकता है सामने वाले व्यक्ति की परिस्थितियां अनुकूल ना हो।
मैं एक ऐसे व्यक्ति को जानती हूं जो अक्सर बिना सोचे समझे जरा जरा सी बात पर भड़क जाते हैं। लेकिन जितनी जल्दी उनको गुस्सा आता है उतनी ही जल्दी नरम भी हो जाते हैं। बिना यह सोचे कि सामने वाले व्यक्ति को दुख पहुंचा होगा।सामने वाले व्यक्ति से उम्मीद करते हैं कि वह भी पुरानी बात को भूल कर एकदम सामान्य हो जाए। क्या यह हकीकत में संभव है? ऐसे में उनके परिवार के लोग भी उनसे बात करने से कतराते हैं। माना कि आप इमोशनल हैं, भावनाओं में जल्दी बह जाते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि आप अपनी भावनाओं पर नियंत्रण ना रखें। आपका स्वभाव दूसरों को चिड़चिड़ा बना रहा है। जिस वजह से वह आपको नजरअंदाज कर रहे हैं।