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भले ही कुछ लोगों को लगता हो कि मेडिटेशन करना जरूरी नहीं है लेकिन ये समझ लिजिए कि जिस तरह शरीर के लिए एक्सरसाइज और एक बैलेंस डाइट जरूरी है उतना ही ध्यान करना भी है। क्या होता है ध्यान/मेडिटेशन? (What is meditation in hindi) दरअसल ध्यान, यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ऐसी टेकनीक का प्रयोग किया जाता है जिसमें दिमाग को शांत करने के साथ-साथ इमोशंस करने का अभ्यास किया जाता है। प्राचीन काल से दुनियाभर में कई संस्कृतियों में ध्यान का अभ्यास किया गया है। ध्यान करने के कई तरीके होते हैं। कई बार इस प्रकिया में व्यक्ति को बैठाकर आंख बंद कर दिन की सभी घटनाओं को याद करने के लिए कहा जाता है तो कई बार एक्सपर्ट् मेडिटेशन करने वालों को कुछ न सोचने पर आंख बंद कर सांसों के आने जाने पर फोकस करने को कहते हैं। जो लोग अक्सर मेडिटेशन करते हैं उन्हें इसके फायदों के बारे में अच्छी तरह से पता होगा। लेकिन जो लोग मेडिटेशन नहीं करते हैं उन्हें ये थोड़ा बोरिंग लग सकता है। अगर आप बिगिनर हैं लेकिन मेडिटेशन करना चाहते हैं तो आज हम आपको मेडिटेशन की शुरुआत करने की 5 टिप्स (Meditation Tips for Beginners in hindi) बता रहे हैं। यकीन मानिए इन्हें फॉलो करने से आपको ध्यान कही प्रक्रिया बिल्कुल बोरिंग नहीं लगेगी।
अगर आप ये समझ रहे हैं कि मेडिटेशन की शुरुआत करते ही आपका माइंड एकदम रिलेक्स हो जाएगा और आपको नेगेटिव विचार नहीं आएंगे तो आप गलत हैं। किसी भी चीज को होने में समय लगता है। जब आप मेडिटेशन करें तो अपने दिमाग को धीरे धीरे शांत करने की कोशिश करें। मेडिटेशन की शुरुआत के पहले दिन आप 5 से 10 मिनट तक ध्यान करें। धीरे-धीरे आप इस समय को आधे घंटे से 1 घंटे तक बढ़ा सकते हैं।
अगर आपको यह शिकायत है कि जब आप मेडिटेशन करने बैठते हैं तो फोकस करने के बाद भी आपका ध्यान इधर-उधर भटक जाता है तो एक ट्रिक ट्राई करें। मेडिटेशन करते वक्त आप अपनी सांसों पर ध्यान दें। इस चीज पर फोकस करें कि आपकी सांसें कैसे अंदर-बाहर जा रही हैं। यह देखें कि ये सांस शरीर में कहां से आ रही है और फिर कहां जा रही है। जब आप इन चीजों पर विचार करेंगे तो आपका माइंड एकदम फोकस हो जाएगा।
मेडिटेशन करते वक्त बीच बीच में लंबी सांस लें। इस दौरान जब आप सांस भरेंगे तो आपका पेट अंदर की तरफ हो जाएगा। फिर सांस को धीरे धीरे छोड़ें। इससे आपकी एक्टिव इमेजिनेशन और मेडिटेशन क्वॉलिटी बढ़ेगी।
यह जरूरी नहीं है कि आपको ध्यान का अभ्यास बैठकर ही करना है। आप चाहें तो योगा निद्रा में लेटकर भी मेडिटेशन कर सकते हैं। लेकिन हां, इस दौरान अपने बॉडी पोस्चर और एनर्जी पर ध्यान दें। अगर आपका किसी तरह की दिक्कत हो रही है तो थोड़ा ब्रेक लें और फिर शुरू करें। मेडिटेशन के वक्त गलती करने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।
कुछ लोग रोज मेडिटेशन करने के बजाय हफ्ते में एक दिन 45 मिनट तक मेडिटेशन करना पसंद करते हैं। जबकि एक्सपर्ट कहते हैं कि रोज 5 से 10 मिनट तक ध्यान करना हफ्ते में 45 मिनट ध्यान करने की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है।