मेडिटेशन सुबह करना चाहिए या रात को? जानिए कब मेडिटेशन करने से मिलता है ज्यादा फायदा

मेडिटेशन करना फिजिकल और मेंटल दोनों हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है। आज हम जानेंगे कि क्या रात में भी मेडिटेशन किया जा सकता है। अगर हां तो इससे क्या फायदे मिलते हैं।

WrittenBy

Written By: Vishal Giri | Updated : September 2, 2024 11:38 AM IST

Does meditation before sleep improve sleep?: समय के साथ मानसिक बीमारियां काफी तेजी से बढ़ रही हैं। एंग्जाइटी, डिप्रेशन, बिहेवियर इश्यू और चिड़चिड़ापन ऐसी चीजें हैं जिनका अनुभव बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई किसी न किसी स्टेज पर कर रहा है। एक्सपर्ट कहते हैं कि मेंटल हेल्थ को बेहतर रखने के लिए नियमित रूप से मेडिटेशन और व्या​याम करना चाहिए। मेडिटेशन करने से स्वास्थ्य को काफी लाभ होते हैं। कुछ लोगों को सुबह जल्दी उठने में आलस्य आता है जिसके चलते वो ​मेडिटेशन नहीं कर पाते हैं। अगर आप भी उनमें से हैं तो आप रात को भी मेडिटेशन कर सकते हैं। मेडिटेशन यानि कि ध्यान करने से चिंता-तनाव तो दूर होते ही हैं साथ ही इंसान का फोकस भी अच्छा होता है। आज हम इस आर्टिकल में बात करेंगे कि रात को सोने से पहले मेडिटेशन करना कितना फायदेमंद होता है और इसके सही नियम क्या हो सकते हैं।

मानसिक तनाव होता है कम

मेडिटेशन से मानसिक तनाव कम होता है। मेडिटेशन से आपको शांति, सुकून, और संतुलन का एहसास होता है, जिससे आपका भावनात्मक और समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है। मेडिटेशन से आपका मूड भी बेहतर होता है और आप हमेशा पॉजिटिव एनर्जी महसूस करते हैं। इससे आपको केंद्रित रहने में मदद मिलती है और आप आंतरिक शांति बनाए रख पाते हैं।

 शारीरिक तनाव होता है कम

ध्यान या मेडिटेशन करने से शारीरिक तनाव कम होता है और मन शांत होता है। जब आप मेडिटेशन का अभ्यास करते हैं तो आपकी पूरी बॉडी और माइंड रिलेक्स होता है और आप अच्छा महसूस करते हैं। इसलिए रोज कम से कम 15-20 मिनट मेडिटेशन जरूर किया जाना चाहिए।

 नींद की गुणवत्ता में होता है सुधार

रात में मेडिटेशन करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ध्यान करने से क्वॅलिटी नींद आती है बेवजह नींद में खलल डालने वाले विचार नहीं आते हैं। ध्यान करने के बाद शांति महसूस होती है, जिससे चिंतनशील विचार और भावनात्मक प्रतिक्रिया कम हो सकती है। ध्यान करने से हृदय गति बेहतर होती है और शरीर में तनाव पैदा करने वाला हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर कम होता है।

नींद की बढ़ती है अवधि

समय के साथ लगातार ध्यान की आदत अल्फा आवृत्ति में बिताए गए समय के प्रतिशत को बढ़ा सकती है, जो आपकी नींद की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है और तनाव को कम कर सकती है।

 दिमाक को रखता है तेज

मेडिटेशन करने से दिमाग के हिप्पोकैम्पस क्षेत्र में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे याददाश्त अच्छी होती है। लगातार आठ सप्ताह तक ध्यान का अभ्यास करने से मस्तिष्क में हैप्पी हॉर्मोन का विस्तार होता है। इसलिए अगर सुबह मेडिटेशन नहीं कर पा रहे हैं तो रात को भी मेडिटेशन किया जा सकता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source