
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Updated : March 11, 2024 8:01 AM IST
Side Effects Of Loneliness: मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। हर व्यक्ति लोगों के बीच रहकर, दूसरों के साथ अपना सुख-दुख बांटकर अच्छा महसूस करता है। लेकिन कई बार इंसान समाजिक रूप से अलग-थलग रहने लगता है और दूसरों से बातचीत करना कम या बंद कर देता है। इसकी वजह से वह धीरे-धीरे अकेलेपन का शिकार होने लगता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में गहरा संबंध होता है। अकेलेपन के कारण न केवल मेंटल हेल्थ खराब होती है, बल्कि कई गंभीर रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। सीडीसी में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, अकेलापन कभी-कभी वक्त से पहले मौत का कारण भी बन सकता है। तो आइए, जानते हैं अकेलापन कितना खतरनाक हो सकता है और इसके कारण कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।
एक रिसर्च के मुताबिक, अकेलेपन के कारण डिस्थीमिया यानी लगातार डिप्रेशन की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में व्यक्ति हर समय अकेले रहना चाहता है। इसमें व्यक्ति को हर समय बुरे ख्यासल आते रहते हैं और वह अपनी जिंदगी को लेकर काफी नेगेटिव हो सकता है। इसकी वजह से आपकी मानसिक सेहत पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति धीरे-धीरे अपना आत्मविश्वास खोता जाता है।
हर समय अकेले रहने वाले लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती जाती है। ऐसे लोग बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, जो लोग अकेलेपन के शिकार हैं, उनके शरीर में एंटीबॉडी का उत्पादन सही से नहीं पाता, जिसकी वजह से वो संक्रमण और बीमारियों की चपेट में जल्दी आ आते हैं।
जो लोग अकेले रहते हैं या अकेलेपन का शिकार हैं, उन्हें सोशल एंग्जाइटी की समस्या हो सकती है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति बाहर निकलने या दूसरे लोगों से मिलने को लेकर काफी ज्यादा चिंतित रहता है। ऐसे में वह दूसरों से बात करने में कतराता है या उसे डर लगता है कि लोग उसके बारे में क्या सोचेंगे। कई मामलों में व्यक्ति बाहर जाने या दूसरों से मिलने में शर्मिंदगी भी महसूस करता है।
अकेलेपन के कारण कई क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। शोध में यह बात साबित हो चुकी है कि जो लोग सामाजिक रूप से अलग-थलग रहते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और हार्ट अटैक आदि बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।
गलत खानपान या खराब जीवनशैली को डायबिटीज के लिए जिम्मेदार माना जाता है। हालांकि, जो लोग अकेलेपन का शिकार होते हैं, उनमें टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा भी ज्यादा हो सकता है। दरअसल, जो लोग अकेले रहते हैं, उन्हें अक्सर नींद से जुड़ी समस्याएं हो जाती हैं। ऐसे लोगों की लाइफस्टाइल और खानपान की आदतें भी खराब होने लग जाती हैं, जो डायबिटीज टाइप-2 के रिस्क को बढ़ा देता है।
अकेलापन कई जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है। अकेलेपन से बचने के लिए आप खुद को किसी काम या हॉबी में व्यस्त रखने की कोशिश कर सकते हैं। आप चाहें तो अकेलेपन से बाहर निकलने के लिए किसी क्लब या ग्रुप में शामिल हो सकते हैं या फिर किसी प्रोफेशनल की मदद भी ले सकते हैं।