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Written By: Atul Modi | Published : February 22, 2024 5:59 PM IST
आपने देखा होगा कि कुछ लोगों को बर्थडे, एनिवर्सरी की डेट, लोगों के नाम, रखा हुआ सामान आदि याद करने में काफी परेशानी होती है। कुछ लोग तो ये तक भूल जाते हैं कि वे आपसे आगे क्या बात कहने वाले थे। बढ़ती उम्र के साथ ये परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। ये सभी बातें बताती हैं कि आप मानसिक रूप से थक चुके हैं और आपका ब्रेन पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर रहा है। अगर आप हमेशा फिट और हेल्दी रहना चाहते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि आप शारीरिक के साथ ही अपनी मानसिक सेहत पर भी ध्यान दें। फिटनेस का एक अहम और जरूरी हिस्सा है मेंटल हेल्थ। अगर आप समय रहते इस पर ध्यान नहीं देंगे तो आप कई गंभीर मानसिक रोगों के शिकार हो सकते हैं। आपकी कुछ बैड हैबिट्स यानी बुरी आदतें इन परेशानियों को और भी बढ़ा देती हैं। अगर आप हमेशा फिजिकली और मेंटली फिट रहना चाहते हैं तो अपनी आदतों में सुधार करना जरूरी है।
दिमाग को सेहतमंद रखने के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है। अगर आप दिन में आठ से नौ घंटे की नींद नहीं ले रहे हैं तो अल्जाइमर या डिमेंशिया होने का खतरा बढ़ सकता है। सोने से पहले शराब, कैफीन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग से बचें।
इंसान जितना सामाजिक होगा, उसकी मानसिक सेहत उतनी ही बेहतर होगी। अकेलेपन को अपने आप में एक बीमारी कहा जाता है। इसलिए ज्यादा अकेले न रहें। इससे आपका तनाव बढ़ेगा, याददाश्त कमजोर होगी और अल्जाइमर का खतरा बढ़ेगा। इसलिए अपने परिवार और दोस्तों से मिलें। अगर ऐसा संभव नहीं है तो वॉकिंग, योग, मेडिटेशन क्लास में जाकर दोस्त बनाएं। इससे आप अच्छा महसूस करेंगे।
जंक फूड और फास्ट फूड खाने में जितने टेस्टी होते हैं, सेहत के लिए उतने ही नुकसानदायक भी। शोध बताते हैं जो लोग नियमित रूप से हैमबर्गर, फ्राइज, आलू के चिप्स और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, उन लोगों में सीखने, याद करने और फोकस बढ़ाने वाला मस्तिष्क का हिस्सा अन्य लोगों के मुकाबले छोटा होता है। वहीं जो लोग नियमित रूप से साबुत अनाज, मेवे और हरी पत्तेदार सब्जियां खाते हैं उनके मस्तिष्क की कार्यक्षमता ज्यादा होती है।
ओवर ईटिंग आपके शरीर के साथ ही दिमाग के लिए भी खतरनाक है। आप चाहे हेल्दी फूड ही क्यों न खाएं, अगर आप इसे असंतुलित खा रहे हैं तो ये आपको कोई फायदा नहीं देगा। इससे आपका वजन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर बढ़ेगा। ये तीनों ही मानसिक सेहत को बिगाड़ सकते हैं।
तकनीक के साथ चलना जरूरी है, लेकिन इसका अत्यधिक और गलत उपयोग नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप सारे दिन ईयरबड्स या हेडफोन लगाकर तेज आवाज में म्यूजिक सुनते हैं तो ऐसा करने से न सिर्फ आपके सुनने की क्षमता कमजोर होगी, बल्कि यह आपको कई मानसिक परेशानियां भी दे सकते हैं। इससे आपके ब्रेन टिशु डैमेज हो सकते हैं और याददाश्त कमजोर हो सकती है। इसलिए हमेशा ईयरबड्स या हेडफोन की वॉल्यूम 60 प्रतिशत से कम रखें और इनका सीमित उपयोग करें।
शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए एक्सरसाइज जरूरी है। इसके बिना आप डिमेंशिया जैसी बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। जरूरी नहीं है कि आप जिम में घंटों पसीना बहाएं। बल्कि आप आधे घंटे की वॉकिंग से शुरुआत करें। इससे आप फिट रहेंगे और रिलैक्स महसूस करेंगे। हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करें।