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मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। हमारे समाज में, लगभग हर कोई इस चुनौती का सामना करता है। भावनात्मक जुड़ाव इससे निपटने का सबसे बढ़िया साधन हो सकता है। भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी को मानसिक समस्या हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि हम बोरिंग काम से बाहर निकलें और अपने प्रिय जनों के साथ में समय व्यतीत करें। मनपसंद खाना खाएं। अपने मनपसंद जगह पर घूमने के लिए जाएं।
मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित पीड़ित व्यक्ति की बातों को अच्छे से सुने। उन्हें बोलने दे और आप चुप होकर उनकी आंखों से संपर्क बनाए रखें। बीच में बोलने से बचे। व्यक्ति को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने दें। उनकी बातों को स्वीकार करने के लिए सर हिलाएं या "मैं समझता हूं" या "वास्तव में कठिन लगता है" या "मैं आपकी बात सुन रहा हूं" इस बात की अनुभूति कराते रहें।
व्यक्ति की बात सुनते हुए उनकी भावनाओं को कमतर आंकने या खारिज करने की कोशिश ना करें। उन्हें ऐसा महसूस कराने का प्रयास करें कि उनकी सभी बातें सही हैं। इससे मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित पीड़ित व्यक्ति आपसे खुल जाएगा। जिससे आपको मूल करणों का पता चल सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित पीड़ित व्यक्ति को सुनने के बाद उसे अनचाही सलाह देने से बचें। भले ही वह बातें समाधान करने के लिए आप बता रहे हों। क्योंकि अनचाही सलाह कभी-कभी खारिज करने वाली या हल्के में ली जाने वाली लगती है। ऐसे में आप पूछ सकते हैं, कि क्या आपको सलाह चाहिए या उन्हें किसी की जरूरत है, जो उनकी बातें सुन सके। यदि वह सलाह चाहता है, तो धीरे-धीरे उनके द्वारा कही गई बातों के आधार पर दें।
मेन्टल हेल्थ की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को सुझाव देना खतरनाक साबित हो सकता है। उन्हें यह बताने का प्रयास करें कि मदद मांगना कमजोरी नहीं बल्कि ताकत की निशानी है। मरीजों को सलाह दें कि डॉक्टर से सलाह लेने पर उन्हें कुछ अतिरिक्त सहायता मिल सकती है। इसके साथ ही डॉक्टर अपॉइंटमेंट करवाने में सहायता करें। क्योंकि यह उनके लिए मुश्किल हो सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य स्थाई या अस्थाई भी हो सकता है। इस दौरान उन्हें इससे बाहर निकालने के लिए पॉजिटिव सोंचने या बात करने के लिए दबाव डालने से बचें। क्योंकि रिकवरी स्टेप-बाई-स्टेप होता है, अचानक से नहीं।
मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित पेशेंट को दैनिक सहायता से उसके तनाव को कम किया जा सकता है। इसमें उन्हें स्पेशलिस्ट डॉक्टर खोजने में मदद करना, उनके साथ अपॉइंटमेंट पर जाना, उनके साथ टहलना, खाना पकाना आदि शामिल हो सकते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित पीड़ित व्यक्ति से संपर्क में रहना यह दर्शाता है कि आप उनकी परवाह करते हैं। हमेशा उनके लिए मौजूद रहते हैं। आप का एक साधारण संदेश या कॉल उन्हें याद दिला सकता है कि वे अकेले नहीं हैं।
मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित पीड़ित व्यक्ति की सहायता करना लेकिन उनकी गोपनीयता का भी ख्याल रखें। उनके व्यवहारों पर ध्यान दें। उन्हें बताएं कि जब भी वे बात करने के लिए तैयार हों, आप उपलब्ध हैं।
मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित आप खुद को अपडेट रखें। मानसिक स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अधिक समझना आप को बेहतर सहायता प्रदान करने में मदद करेगा। विश्वसनीय स्रोतों के माध्यम से खुद को शिक्षित करें। जिससे पेशेंट क्या अनुभव कर रहा है आपको भी पता चल सके और आप उसकी अच्छे से सहायता कर पाए।
(Inputs By: Dr. Anand Pratap Singh. Head, Department of Psychology & Mental Health. Gautam Buddha University)