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हर व्यक्ति चाहता है कि वो अपनी जिंदगी में खुश रहे। चाहे कैसा भी मौका आए लेकिन वो उससे प्रभावित न हो। लेकिन हर बार ऐसा नहीं हो पता है। जिंदगी की हर चीजें हमारे हिसाब से नहीं होती। हर व्यक्ति अपनी जिंदगी में किसी न किसी कारण की वजह से परेशान रहता है। जो लोग वर्किंग होते हैं उनकी लाइफ में घर के तनाव के साथ ही आफिस का भी तनाव होता है। ऐसे में आपको यह समझना चाहिए कि आपका सुस्तपना सामान्य उदासी (Sadness) है या फिर आप डिप्रेशन (Depression) के शिकार हैं। अगर आपको इनके बीच का फर्क नहीं पता तो आज हम आपको 5 ऐसे फैक्ट्स बता रहे हैं जो उदासी और डिप्रेशन के बीच का फर्क दूर कर देंगे।
आधे से ज्यादा लोग उदासी और डिप्रेशन (Depression) के बीच का अंतर नहीं समझ पाते हैं। जबकि कुछ लोग ऐसे में भी होते हैं जो इन दोनों चीजों को एक ही समझ लेते हैं। आपको बता दें कि उदासी डिप्रेशन Depression) का एक छोटा पार्ट होता है। यानि कि आप उदासी को डिप्रेशन का लघु रूप समझ सकते हैं। जब आप उदास होते हैं तो आप एंग्जाइटी, पश्चाताप और अस्वीकृति की भावनाओं को बढ़ावा देता है, इसे अवसाद के रूप में गलत तरीके से नहीं समझा जा सकता है। उदासी एक अस्थायी भावना है जो स्वयं प्रकट होने के बजाय किसी चीज से ट्रिगर हो सकती है। यह एक ऐसा एहसास है जो कुछ क्षणों के लिए आता है और चला जाता है, लेकिन एक सुस्त उदासी नहीं छोड़ता है। जबकि डिप्रेशन किसी भी समय, बिना किसी कारण के आ सकता है और सबसे लंबे समय तक रह सकता है। जिससे मन की शांति, शारीरिक स्वास्थ्य और आत्मा प्रभावित होती है।
डिप्रेशन के कई रूप हो सकते हैं। उदासी या अचानक से दुखी होना भी इसका एक पार्ट है। जब आप डिप्रेशन में होते हो तो इससे आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ प्रभावित होती है। साथ ही इससे आपकी जीने की उम्मीद, सबको लेकर नकारात्मक भावना और जीवन एक बोझ लगने लगता है। ठीक यही लक्षण आपको उदासी में भी महसूस हो सकते हैं। इन दोनों के अंतर को समझने के लिए आपको यह जानना होगा कि आप किन कारणों से परेशान हैं। आपका दुख उदासी का कारण है या फिर डिप्रेशन का। नीचे बताई गई कुछ बातों से आप इन दोनों के बीच के अंतर को समझ सकते हैं।
1. जब कोई इंसान उदास होता है तो कुछ क्षणोंं के बाद उसकी उदासी सही हो जाती है। जैसे कि यदि वो किसी बात से, किसी फैसले से या किसी इंसान से नाराज है और ये उसकी उदासी का कारण बना है तो जैसे ही उसकी समस्या का समाधान हो जाएगा उस इंसान की उदासी दूर हो जाएगी।
2. उदासी हमेशा किसी कारण से आती है और किसी निश्चित समय के लिए होती है, जबकि डिप्रेशन में होने वाले मानसिक दबाव को व्यक्ति हर वक्त महसूस करता है।
3. डिप्रेशन होने पर व्यक्ति को अपने दोस्तों और परिवार में कोई दिलचस्पी नहीं होती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अकेले में रहना पसंद करता है। जबकि उदासी में ऐसा नहीं होता है। जब कोई व्यक्ति उदास होता है तो उसका अपने दोस्तों और परिवार के बीच मन लगता है।