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Actress Alia Bhatt's Struggle With ADHD: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्हें एडीएचडी (Attention-deficit/hyperactivity disorder) की समस्या है। वह बचपन से ही अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) से गुजर रही है। यह एक ऐसी समस्या है जिसमें मरीज के लिए अपने माहौल या मौजूदा समय में रह पाना मुश्किल होता है और वह बार-बार खो जाता है। लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में आलिया ने अपनी इस बीमारी के बारे में बात की और उन्होंने बताया कि, बचपन से ही वह दूसरों से बातचीत करते समय अपना फोकस (Focus) नहीं रख पातीं थीं। उनका ध्यान भटक जाता था यहां तक कि अपनी क्लास में भी अक्सर आलिया के लिए अपना ध्यान बना रख पाने में दिक्कतें आती थीं।
इंटरव्यू के दौरान आलिया भट्ट ने कहा कि उन्हें पहले पता नहीं था कि उन्हें एडीएचडी (Alia Bhatt ADHD) है। इसीलिए, उन्होंने कभी इस बारे में कुछ किया नहीं। आलिया ने बताया कि वे बचपन से ही बातचीत के दौरान फोकस नहीं रख पाती थीं और उनका ध्यान भटक जाता था। आलिया ने कहा कि कुछ समय पहले ही उन्होंने टेस्ट कराया और उन्हें पता चला कि वे एडीएचडी स्पेक्ट्रम (ADHD Spectrum) पर हाई स्टेज पर हैं।
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आलिया का कहना है कि उनकी बेटी राहा के पैदा होने के बाद उन्हें खुद को शांत रखने और फोकस कर पाने में आसानी हुई। अब वे अपना ज्यादा से ज्यादा समय राहा के साथ बिताती हैं और इस दौरान वे सबसे ज्यादा अटेंटिव रह पाती हूं।
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छोटे बच्चों को देखते ही लोगों को उनसे प्यार हो जाता है और वे उनके साथ खेलने या उन्हें प्यार से पुचकारे बिना नहीं रह पाते। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि छोटे बच्चों के साथ रहने से आपकी मेंटल हेल्थ बहुत बेहतर हो सकती है। कुछ स्टडीज के अनुसार, परिवार और बच्चों के बीच रहने वाले लोगों को जिंदगी में सफलता भी हासिल होती है और वे संतुष्ट भी रहते हैं। छोटे बच्चों के साथ रहने के कुछ ऐसे ही फायदों के बारे में पढ़ें यहां-
हंसते-खेलते बच्चों के साथ रहने से आप भावनात्मक स्तर पर स्वस्थ और मजबूत महसूस करते हैं।
कहा जाता है कि बच्चों के साथ बच्चा बनकर ही रहा जा सकता है। बच्चे के साथ खेलते हुए, उन्हें अच्छी आदतें सिखाते हुए मां-बाप भी बहुत कुछ सीखते हैं और उन्हें जीवन में एडजस्टमेंट करने की आदत अपनाने में आसानी होती है।
बच्चों को हेल्दी इटिंग हैबिट्स सिखाने, उनके पीछे भागने-दौड़ने और उनके साथ खेलने से आपका तनाव कम होता है, इससे बीपी और मोटापा भी कंट्रोल होता है। इन सबसे आपको स्वस्थ और फिट रहने में मदद होती है।