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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 13, 2021 10:01 AM IST
घर के इन कोनों से बाहर की जहरीली हवा आती है अंदर, जानें क्यों घर में सांस लेने से आप हो जाते हैं बार-बार बीमार
कोरोना के दौर में हम में से ज्यादार लोगों ने महीनों तक अपना ज्यादातर वक्त घर की चार दीवारी में बिताया और इस दौरान खुद को सबसे ज्यादा सेफ महसूस किया। आपने ये सोचा भी नहीं होगा कि घर में रहते हुए भी कोई चीज आपकी सेहत को प्रभावित कर सकती है? हां आपको ये जरूर लगता होगा कि घर में रहने से आप बाहर के प्रदूषण से जरूर बच सकते हैं। आप नहीं जानते होंगे कि ये प्रूदषक तत्व आपके घर में घुसकर आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं और आपको गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकते हैं।
हम सभी जानते है कि घर की साफ-सफाई, धूल-मिट्टी को बाहर निकालकर आप घर को साफ और एलर्जी प्रूफ बना सकते हैं। लेकिन कुछ जगह ऐसी होती है, जहां कोकरोच, धूल में पैदा होने वाले कीड़े, पालतू कुत्तों से निकलने वाली धूल, फफूंद, सतह पर मौजूद बैक्टीरिया ऐसी जगह है, जो आपको बीमार बनाने के लिए काफी है। इन सबमें सफाई के पारंपरिक तरीके बिल्कुल भी काम नहीं करते हैं और धूल-कणों को पूर्ण रूप से साफ नहीं कर पाते हैं।
ज्यादातर अस्थमा रोगी घर को साफ करते वक्त या अलमारी से कपड़े निकालते वक्त या फिर मौसम में बदलाव के दौरान बिगड़ते लक्षणों का अनुभव करते हैं। घर में मौजूद धूल-कण, पालतू जानवर का डैंड्रफ, धूम्रपान और रसोई से निकलने वाले धुआं लक्षणों के बिगाड़ने और आपकी समस्या को बढ़ाने के लिए काफी है और ये सभी आपके घर की हवा को खराब बनाने के लिए काफी है। इसके अलावा आप अगर ऑफिस जा रहे हैं तो आपके ऑफिस में खराब एयर कंडीशनिंग, कालीनों पर जमा धूल सभी लक्षणों के बिगाड़ने में योगदान करती है। इन सब चीजों पर हमारा ध्यान नहीं जाता है और हम बाहरी वायु प्रदूषण पर ज्यादा ध्यान देते हैं लेकिन यह भूल जाते हैं कि यह इनडोर वायु गुणवत्ता जिसमें हम अधिकांश समय बिताते हैं निश्चित रूप से आपको बीमार बना सकती है।
FRAC और डायसन ने हाल ही में एक अध्ययन किया है, जिसका नाम 'इंडियन हाउसहोल्ड्स हिडन डस्ट' है। इस अध्ययन में कुछ चौंकाने वाले निष्कर्ष सामने आए हैं। अधिकांश घरों में कुत्ते और डस्ट माइट एलर्जी पाई गई, जो सभी पूरे वर्ष में एलर्जी और अस्थमा के लक्षणों को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। वहीं घर के कोनों में लगी फफूंद गर्म परिस्थितियों में एलर्जी को बढ़ा सकती है। अध्ययन से पता चला है कि घर में जमा धूल, जिसमें मौजूद प्रदूषक तत्व शिशुओं को वयस्कों की तुलना में 100 गुना अधिक स्वास्थ्य जोखिम पहुंचाते हैं।
इतना ही नहीं, आपके घर की हवा में मौजूद धूल, एलर्जी वाले कण, गैस, वीओसी, एनओ 2 और बेंजीन जैसे असंख्य पदार्थ हो सकते हैं, जिनके कारण आपको सांस और हृदय स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है। इसके अलावा आपको आंख, गले और त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती है। लंबे समय तक धूल के संपर्क में रहने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी समस्या वाले लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
इन सभी कारणों से आपको सफाई के अधिक प्रभावी तरीकों को अपनाने की जरूरत है ताकि घर को न केवल रोगाणु मुक्त बनाया जा सके बल्कि सबसे सुरक्षित जगह भी। आप ये तरीके अपना सकते हैंः