
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : June 7, 2021 3:35 PM IST
अगर आपका करीबी कोरोना पॉजिटिव है तो उन्हें यह एहसास दिलाएं कि आप हर स्थिति में उनके साथ है।
कोरोना के इस माहौल को हंसी खुशी विदा करना बहुत जरूरी है, नहीं तो ये वायरस शरीर के साथ ही दिमाग पर भी गहरा असर डाल सकता है। कोविड के इस दौर में आपके घर का कोई सदस्य, आपका दोस्त या रिश्तेदार कोरोना पॉजिटिव है तो खुद की लाइफ भी डिस्टर्ब हो जाती है। ऑक्सीजन की कमी, बेडों की किल्लत और दवाओं की शॉर्टेज के चलते संक्रमण के कारण जान का खतरा होना लाजमी है। अगर कोई प्राइवेट नौकरी करता है तो उसके दिमाग में ये भी चलता है कि अगर जल्दी सही होकर काम शुरू नहीं किया तो नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है! इससे व्यक्ति का मनोबल तो कमजोर होता ही है साथ ही भविष्य के प्रति ज्यादा चिंतित हो जाता है। अच्छा, अगर स्थिति पहले जैसी होती तो अपने करीबियों से मिलकर उन्हें गले लगाकर भरोसा दिया जा सकता है कि सब सही हो जाएगा। लेकिन फोन और वीडियो कॉल के द्वारा अपनी फीलिंग्स को दूसरे तक पहुंचना थोड़ा मुश्किल है। आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स (Increase Morale Of Corona Positive) बता रहे हैं जिन्हें अगर आप अपने कोरोना पॉजिटिव दोस्त या रिश्तेदार से कहेंगे तो वो काफी अच्छा महसूस करेंगे।
अगर कोई आपका अपना कोरोना पॉजिटिव है और अस्पताल में भर्ती है तो उन्हें यह एहसास दिलाएं कि सब नॉर्मल है। भले ही मरीज की तबीयत नाजुक हो लेकिन आप उन्हें कॉन्फीडेंट फील करा के उनका मनोबल बढ़ा सकते हैं। अपने दोस्त या रिश्तेदार से कहें 'आजकल सभी को कोरोना हो रहा है और रिकवरी रेट काफी बढ़ गई है। अब तो बीमारी या शारीरिक रूप से कमजोर लोग भी जल्दी रिकवर कर रहे हैं तुम तो बहुत स्ट्रॉंग हो। बस कुछ ही दिन में तुम अस्पताल से डिस्चॉर्ज हो जाओगे और फिर हम मस्ती करेंगे' इससे मरीज का मनोबल बढ़ेगा और वो खुद भी बीमारी को हराने में पूरी ताकत लगा देंगे।
कोरोना का सीधा असर फाइनेंशल स्थिति पर पड़ रहा है। अगर आपका करीबी कोरोना पॉजिटिव है तो उन्हें यह एहसास दिलाएं कि आप हर स्थिति में उनके साथ है। अगर उन्हें पैसों की जरूरत पड़ती है तो आप उनकी बेझिझक मदद कर सकते हैं। उन्हें यह भरोसा दिलाएं कि कोरोना की इस लड़ाई में वो अकेले नहीं है। अगर आपके दोस्त या रिश्तेदार को किसी भी चीज की जरूर पड़ेगी तो आप उनकी मदद करेंगे।
कोरोना ऐसी बीमारी है जिससे पूरी तरह से रिकवर होने में 1 महीना तो लग ही जाता है। ऐसे में जॉब करने वालों के दिमाग में ये टेंशन रहती है कि अगर उन्होंने जल्दी काम शुरू नहीं किया तो उनकी नौकरी को खतरा हो सकता है। आप अपने दोस्त से कहें कि अगर उनकी जॉब चली जाती है तो कोई दिक्कत नहीं है, दूसरी जॉब लग जाएगी और आप इस चीज में उनकी मदद करेंगे।