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हाल ही में एक डांस रियालिटी शो में बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी (Hema Malini) पहुंची। डांस शो में हेमा बतौर गेस्ट जज मौजूद थीं। जहां, उन्होंने प्रतिभागियों की परफॉर्मेंस को देखा और उनका हौसला बढ़ाया। लेकिन, शो के दौरान कुछ ऐसा हुआ जब हेमा मालिनी खुद के आंसुओं को बहने (Hema Malini Crying) से ना रोक सकीं। दरअसल,उन्हें एक खास वीडियो मैसेज दिखाया गया जिसमें, हेमा की बेटी एशा देओल (Esha Deol) ने अपनी मां के बारे में कुछ इमोशनल बातें कहीं। एशा का यह मैसेज सुनकर हेमा मालिनी भावुक हो गयीं और उनकी आंखों से आंसू बह निकलें। (Hema Malini moved to tears)
हेमा का यह भावनात्नक रूप उनके फैंस के लिए भी एक स्पेशल मूमेंट था जहां, उन्हें हेमा और उनकी बेटी एशा के बीच की स्पेशल बॉंन्डिंग की एक झलक मिली। हेमा की तरह हम साधारण लोगों को भी खुशी या दुख में रोना आ ही जाता है। जब लोग आंसूओं को चाहकर भी रोक नहीं पाते । तो वहीं, बहुत-से लोग ऐसे हैं जो बड़ी से बड़ी मुश्किल स्थिति में भी आंसू नहीं बहाते। वैसे इन आंसूओ के बहने के जहां कई कारण हैं वहीं, इनका आपकी मेंटल और फिजिकल हेल्थ से भी खास संबंध है। क्या आप जानते हैं कि वैज्ञानिकों के अनुसार, आंसू बहाने से शरीर को क्या फायदे या नुकसान होते हैं? अगर नहीं, तो पढ़ें यह लेख। (Benefits of Crying in hindi)
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कई स्टडीज़ में ऐसा कहा गया है कि रोने के बाद बच्चे सूकूनभरी नींद सो पाते हैं।[/caption]
रोना भावनात्मक स्तर पर कमज़ोर होने की निशानी माना जाता है। लेकिन, इसके उलट मनोचिकित्सकों और एक्सपर्ट्स के अनुसार रोना कमज़ोरी नहीं बल्कि, मज़बूती का सबूत है। क्योंकि, इससे शरीर में जमा टॉक्सिन्स (Toxins) बाहर निकल जाते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, मुख्यत: आंसू 3 प्रकार (Types of Tears) के होते हैं-
एक्सपर्ट्स के अनुसार रिफ्लेक्स टियर्स आंखों में जमा गंदगी, धुआं और धूल आदि को साफ कर देते हैं। वहीं, कंटिन्यूस टियर्स आपकी आंखों के लिए लुब्रिकेशन का काम करते हैं। इस तरह के आंसू आपकी आंखों को इंफेक्शन से बचाते हैं। जबकि, इमोशनल टियर्स का आंखों से बह जाना भी आपकी सेहत के लिए बहुत लाभदायक है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार इमोशनल टियर्स में स्ट्रेस हार्मोन्स होते हैं। इसीलिए जब कोई व्यक्ति रोता है तो उसके आसूंओं के साथ यह स्ट्रेस हार्मोन्स और कई प्रकार के टॉक्सिंस भी बाहर निकल जाते हैं। हालांकि, इस दिशा में और रिसर्च की ज़रूरत है।
