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Written By: Atul Modi | Published : March 18, 2024 6:54 PM IST
अध्यात्म से जुड़कर आप अपनी जिंदगी को आसान बना सकते हैं। यह आपको अंदर से डिटॉक्स कर आप में फिर से नई ऊर्जा भर देगा। हालांकि अधिकांश लोग अध्यात्म को पूजा-पाठ से जोड़ते हैं, लेकिन असल में ये हमारी वो संस्कृति है, जो हमें जीने की कला सिखाता है। इस शक्तिशाली तरीके को अपने जीवन में अपनाकर आप कई परेशानियों से दूर कर सकते हैं। ये आपके इरादों को मजबूत बनाता है और लक्ष्य को प्राप्त करने में आपकी मदद करता है। सुबह 4 बजे से 6 बजे के समय को 'ब्रह्म मुहूर्त' कहते हैं। यह अवधि बहुत ही शक्तिशाली और प्रभावशाली होती है। इस समय किया गया अभ्यास आपको शांति, सुकून, सफलता, सकारात्मकता और सार्थकता की ओर ले जाएगा। आप ब्रह्म मुहूर्त में कुछ अभ्यास कर अध्यात्म को अपना सकते हैं।
अगर आप अध्यात्म का अभ्यास कर रहे हैं तो इसका पहला पाठ है 'मौन'। ये मौन आपके अंदर चल रहे सभी ज्वारों को रोक कर आपको शांत करेगा। सुबह उठने के बाद कम से कम 30 मिनट तक आप किसी से बात न करें, न ही कुछ पढ़ें, न ही सुनें। अधिकांश लोग सुबह उठते ही सबसे पहले फोन चेक करते हैं या परिवार से बात करते हैं। लेकिन आप ऐसी जल्दी न करें। मौन आपके मन को शांत बनाएगा और चिंताओं को दूर करेगा।
योग के बिना आपकी आध्यात्मिकता जागृत नहीं हो सकती। इसलिए आप सुबह योग की तीन तकनीकों त्राटक, आसन और भस्त्रिका का अभ्यास करें। इस प्रक्रिया को आपको करीब 15 मिनट करना है। त्राटक के लिए आप एक अंधेरे कमरे में बैठकर दीपक या मोमबत्ती जलाएं। फिर अपना फोकस इसकी लौ की ओर करें। इस लौ को देर तक लगातार देखें। इससे आपकी आंखों की रोशनी बेहतर होगी और आपका फोकस बढ़ेगा। इसके बाद आप योग अभ्यास करें। इस दौरान सुखासन, भुजंगासन, पर्वतासन और हस्तपादासन का अभ्यास करें। ये आपको खुद से मिलाने का अभ्यास है। अंत में भस्त्रिका प्राणायाम करें, इससे आपको एनर्जी मिलेगी।
अध्यात्म को पाने का तीसरा और सबसे खूबसूरत कदम है प्रकृति से रिश्ता। यह आपको जड़ों से जुड़ने का मौका देता है। यह आपको अंदर से शांत बनाएगा। जिससे आपका टेंशन, डिप्रेशन और एंग्जायटी दूर होगी। इसलिए योग के बाद आप सुबह गार्डन जाएं, हल्की वॉक करें, सूर्योदय को निहारें। अगर आप बाहर नहीं जा सकते तो खिड़की या बालकनी से ही नेचर को निहारें।
डेली अफर्मेशन की प्रेक्टिस आपको पॉजिटिव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सुबह उठकर सकारात्मक सोच और प्रेरक बातों से खुद को सेल्फ मोटिवेट करें। इसकी शुरुआत 'मैं' से करें। लक्ष्य निर्धारित करें और दोहराएं कि मैं ये कर सकता हूं, मेरे लिए यह आसान है, मैं अपने टारगेट को प्राप्त करूंगा। ये शब्द आप पर जादुई तरीके से काम करेंगे।
जप के बिना अध्यात्म का सफर अधूरा है। सुबह के समय सिर्फ 5 दिन जप या मंत्र का अभ्यास करें। ये आपकी शक्तियों को रीसेट कर देगा। यह आपको फिजिकली, मेंटली और स्पिरिचुअल सभी तरीके से मजबूत बनाएगा। आप इसे अपनी प्राथमिकता और पसंद के अनुसार चुन सकते हैं। सबसे पहले तीन बार 'ओम' दोहराएं। इसकी ध्वनि आपको शांत रखेगी।