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Written By: Atul Modi | Published : February 9, 2023 10:55 AM IST
भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने लोगों से 14 फरवरी को Cow Hug Day मनाने की अपील की है।
भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (Animal Welfare Board of India) 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे (Valentine's Day) के दिन जनता से 'काऊ हग डे' यानी गायों को गले लगाने की अपील की है। दरअसल, बोर्ड काऊ हग डे (Cow Hug Day) को लोगों की भावनाओं और खुशियों से जोड़कर देख रहा है। बोर्ड का कहना है कि, गायों को गले लगाने से लोगों में 'भावनात्मक समृद्धि' आएगी और यह लोगों की व्यक्तिगत और सामूहिक खुशियों को बढ़ाएगा। बोर्ड ने 6 फरवरी को एक पत्र जारी करते हुए लिखा कि, गाय भारतीय संस्कृति और हमारे जीवन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हम गाय को 'गौमाता' के रूप में देखते हैं। लेकिन पाश्चात्य सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के कारण भारतीय वैदिक परंपराएं विलुप्त होती जा रही हैं।
वैज्ञानिकों का दावा है कि गाय को गले लगाने से मानसिक शांति और मानसिक विकारों को दूर करने में मदद मिल सकती है। खासकर, जो लोग बहुत ज्यादा तनाव, चिंता और अवसाद में रहते हैं उनके लिए गायों को गले लगाना, उन्हें सहलाना और उनके साथ वक्त बिताना फायदेमंद हो सकता है। वहीं 'एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया' का भी दावा है कि गाय को गले लगाने से आपको खुशी मिलेगी और आपके जीवन में सकारात्मकता आएगी।
अमेरिका में गाय को गले लगाना काऊ कडलिंग के नाम से जाना जाता है। कोरोना महामारी के दौरान कॉउ कडलिंग थेरेपी (Cow Cuddling Therapy) काफी ट्रेंड में था, इसके लिए लोग $200 तक भुगतान भी कर रहे थे। ऐसा लोग मानसिक शांति पाने के लिए कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया में भी गाय को गले लगाने का चलन देखने को मिला था। हालांकि भारत में गाय को सहलाने, गले लगाने और अपना प्यार जताने की परंपरा प्राचीन है।
ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक टेंपल ग्रैंडीन के मुताबिक, ऑटिज्म (Autism) से पीड़ित व्यक्ति दूसरे व्यक्तियों के साथ घुल मिल नहीं पाते हैं ऐसे में उन्हें जानवरों के प्रति काफी सहजता महसूस होती है और बाद में वह इंसानों से भी सहज होने लगते हैं। यही वजह है कि आस्ट्रेलिया में काऊ थेरेपी (Cow Therapy) काफी लोकप्रिय हो रही है। वहां काऊ थेरेपी से लोगों में पर्सनैलटी डिसऑर्डर, घबराहट और डिप्रेशन की समस्या को दूर किया जा रहा है।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि, गले लगाना स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इससे हैप्पी हार्मोन को बढ़ावा मिलता है। गाय के प्रति भारतीय समाज में एक अपनत्व की भावना है यही वजह है कि, गाय को गले लगाने से कॉर्टिसोल (Cortisol) का स्तर कम होता है, यह एक तनाव हार्मोन है और ऑक्सीटॉसिन, सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोन को बढ़ावा मिलता है। जिससे एंग्जायटी डिसऑर्डर भी दूर होता है।