
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : March 1, 2023 6:49 PM IST
Divya Dutta On Depression and mental health issues: अभिनेत्री और लेखिका दिव्या दत्ता ने खुलासा किया है कि वे डिप्रेशन की चपटे में थीं और यह उनके लिए एक मुश्किल था। भाग मिल्खा भाग और वीर ज़ारा जैसी फिल्मों के लिए कई अवॉर्ड्स जीत चुकी एक्ट्रेस दिव्या दत्ता ने डिप्रेशन से बाहर आना आसान नहीं था लेकिन उन्होंने इससे बाहर आने के लिए संघर्ष किया और खुद को मेंटली हेल्दी और फिट बनाया। दिव्या दत्ता उन महिलाओं में से है जो हमेशा खुश और चहकती हुई दिखायी देती थीं। उनके फैंस के लिए इस बात का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है कि वे डिप्रेशन में जा सकती हैं। वहीं, खुद दिव्या कहती हैं कि, “मैं डिप्रेशन के दौर से गुज़र चुकी हूं और फिर इससे बाहर भी आ चुकी हूं। लेकिन ऐसा कर पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं।"
कोईमोई डॉट कॉम को दिए एक इंटरव्यू में दिव्या ने कहा लोगों को यह समझ जाना चाहिए कि इसके बारे में बात करना बिल्कुल ठीक है। इन भावनाओं को दबाने की कोशिश ना करें। आपके आसपास अगर कोई उदास दिखाई दे रहा हो तो उसकी तरफ ध्यान दें, उनकी बात सुनें। डिप्रेशन की समस्या पागलपन नहीं है और ना ही डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति पागल होता है।
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गौरतलब है कि डिप्रेशन के गम्भीर विषय पर बॉलीवुड में अक्सर चर्चा होती है। कई सेलिब्रिटीज ने भी खुलासा किया है कि वे डिप्रेशन को झेल चुके हैं। तो वहीं, कइयों ने चुपचाप इस तकलीफ को बर्दास्त भी किया तो वहीं, कुछ ने मेंटल प्रॉब्लम्स के चलते खुदकुशी भी कर ली। दिव्या दत्ता कहती हैं कि, मेंटल हेल्थ से जुड़े विषयों पर खुलकर बात होनी चाहिेए और लोगों की मानसिक परेशानियों को बीमारी मानकर उसका इलाज किया जाना चाहिए।”
दिव्या ने कहा कि, अब ऐसा समय आ गया है कि, अपनी मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं के बारे में महिलाएं खुलकर बात करें। उन्होंने कहा कि, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां पागलपन की निशानी नहीं हैं। इसीलिए, अब मेंटल हेल्थ से जुड़े मिथकों को तोड़ने का समय आ गया है। महिलाओं में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं बहुत अधिक देखी जाती हैं लेकिन, वे अक्सर इस बारे में बात करने से बचती हैं पर मुझे लगता है कि अब उन्हें झिझक छोड़ देनी चाहिए और इसे एक समस्या मानकर इस बारे में बात करनी चाहिए।