
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 6, 2023 10:29 AM IST
Kartik Aryan New Year Healthy Resolution: बॉलीवुड के यंग अभिनेता कार्तिक आर्यन ने भी हर किसी की तरह नया साल शुरू होने के साथ ही एक नया संकल्प लिया है। अभिनेता कार्तिक आर्यन ने हाल ही में अपने न्यू ईयर रेजोल्युशन के बारे में बताया। कार्तिक आर्यन ने डिस्क्लोज किया कि वे नये साल में जितना हो सके उतना घूमेंगे। कार्तिक आर्यन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें शेयर की जो अब तक उनके वैकेशन्स पर खीचीं गयीं थीं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए कार्तिक आर्यन ने एक खास कैप्शन भी लिखा जिसमें उन्होंने बताया कि वे नये साल 2023 में जितना हो सके उतना घूमना चाहेंगे। अभिनेता ने कहा कि, "यही मेरा न्यू ईयर रेजोल्यूशन है।"
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कार्तिक आर्यनकी ही तरह वैकेशन्स पर जाना हर किसी को पसंद आता है क्योंकि, रूटी लाइफ से ब्रेक लेकर लोगों को घूमने-फिरने, खाने-पीने और शॉपिंग करने का मौका मिलता है। वहीं, कुछ लोग ऐसे हैं जो बहुत जल्दी-जल्दी वैकेशन्स पर जाते हैं और घूमना-फिरना पसंद करते हैं। ऐसे लोगों को जब मौका मिलता है वे अपना बैग पैक करके घूमने निकल जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि घूमने-फिरने से केवल आपका मूड ही अच्छा नहीं होता बल्कि, इससे आपकी हेल्थ को भी कई तरह के फायदे हो सकते हैं। यहां इस लेख में पढ़ें वैकेशन पर जाने या घूमने-फिरने के हेल्दी फायदों के बारे में। (Health benefits of going for vacations in Hindi.)
रोजमर्रा की भागदौड़ और काम से जब लोगों को ब्रेक मिलता है तो इससे उनका तनाव, एंग्जायटी और बेचैनी भी कम होती है। इस तरह आराम मिलने से लोग मेंटली हेल्दी भी महसूस करते हैं। इससे आपका मन और दिमाग दोनों शांत होता है। जिससे, आप बेहतर महसूस करते हैं और मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं भी कम होती हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार जो लोग घूमना-फिरना पसंद करते हैं उन्हें मेंटल हेल्थ के साथ-साथ फिजिकल हेल्थ के लिहाज से भी फायदा होता है। ऐसे लोगों को बीमारियों का रिस्क भी कम होता है और वे कम बीमार पड़ते हैं। दरअसल, घूमने-फिरने से लोग अधिक एक्टिव रहते हैं जिससे उनका ब्लड प्रेशर लेवल, मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर लेवल भी नॉर्मलरेंज में बना रहता है और बीमारियोंका रिस्क भी कम होता है।
ट्रैवलिंग के दौरान अलग-अलग तरह के इंतजाम करने, प्लान्स बनाने और स्थितियों को हैंडल करने के लिए लोग अपनी सूझ-बूझ का इस्तेमाल करते हैं। इससे लोगों की डिसिजन मेकिंग स्किल्स बेहतर होती हैं, कॉन्फिडेंस बढ़ता है और इससे आपका सेल्फ डेवलपमेंट भी होता है।