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Written By: Atul Modi | Updated : November 7, 2020 11:30 PM IST
खुद को हेल्दी और फिट रखने के लिए इन 7 तरीकों से करना चाहिए रेस्ट (आराम), क्या आप ऐसा करते हैं?
हमारे शरीर के लिए खाने पीने व एक्सरसाइज करने जितना ही जरूरी रेस्ट करना। जब भी हम रेस्ट करने की बात करते हैं तो हमारे मन में या तो शारीरिक आराम के बारे में ख्याल आते हैं या फिर मानसिक आराम के बारे में। परंतु यह पूरा सच नहीं है। रेस्ट के इनके अलावा भी बहुत सारे प्रकार होते हैं।
हम जिस समाज में रहते हैं वह हमें हर समय एक्टिव और क्रियाशील रखता है खास कर कि अब। यह हमारे दिमाग और शरीर पर बहुत बड़ा प्रभाव डालता है, और पर्याप्त आराम के बिना हम निरंतर कार्य करते रहते हैं। उदाहरण के तौर पर, हम अपने दैनिक जीवन में नेटफ्लिक्स जैसी सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग साइटों का उपयोग करते हैं। पर रेस्ट की जगह वह हमारे दिमाग और शरीर को अधिक थका देता है। तो आइए थेरेपिस्ट के अनुसार जानते हैं सात प्रकार के रेस्ट के विषय में...
जी हां, यह वही रेस्ट है जिसके बारे में आप सोच रहें हैं। हमारे शरीर को सोने, लेटने या बैठने के बहाने हम जो आराम प्रदान करते हैं उसे ही शारीरिक रेस्ट कहा जाता है। इसमें योगा करना, हर रोज जल्दी सोना व शांति से अपना खाना खाने का समय निकाल पाना भी शामिल हैं।
मानसिक रेस्ट का अर्थ है अपने दिमाग को थोड़ा आराम देना। जब हम एकाग्रता से कोई काम नहीं कर पाते हैं तो उस समय अपने दिमाग को थोड़ा आराम देना मानसिक रेस्ट कहलाता है। इसमें जो आप को पसंद है वैसा संगीत सुनना भी शामिल है।
हमारे दिल से जज्बाती भार को कम करना ही इमोशनल रेस्ट कहलाता है। अपने जज्बातों को आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ सांझा कर सकते हैं जिनसे आप प्रेम करते हैं ताकि आप के दिल से थोड़ा बोझ कम हो जाए।
इसे सरल शब्दों में कहें तो सामाजिक आराम का मतलब है अपने आप से जुड़ना। आसान शब्दों में बाहरी दुनिया से अलग होना । हालांकि आप इस प्रकार के रेस्ट में अपने दोस्तों व अपने परिवार के लोगों से बात कर सकते हैं।
स्वयं को और अधिक ऊर्जावान व प्रेरित करने के लिए क्रिएटिव रेस्ट करना बहुत जरूरी है। आप वॉक पर जा सकते हैं, कोई अच्छी किताब पढ़ सकते हैं या फिर किसी दूसरे व्यक्ति की कला को देख सकते है।
आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ना, ध्यान लगाना आदि क्रियाओं द्वारा आप इस प्रकार का रेस्ट कर सकते है । यदि मेडिटेशन नहीं कर सकते हैं तो लंबी लंबी सांसे ले सकते हैं।
अपने गैजेट से दूरी बनाना और बाहरी प्राकृतिक वातावरण से जुड़ना मेडिटेशन योगा और कसरत करना भी जरूरी है।