Tips for staying mentally Fit: लंबी उम्र तक मानसिक और शारीरिक रूप से रहना है फिट, तो फॉलो करें ये 7 टिप्स

आप लंबी उम्र तक तभी स्वस्थ रह सकेंगे, जब आप दिमाग और शारीरिक रूप से हेल्दी महसूस करेंगे। इसके लिए आपको अपनी दिनचर्या बदलनी होगी। कुछ हेल्दी आदतों को अपनाना होगा। फॉलो करें यहां बताए गए कुछ जरूरी टिप्स, आप मेंटली और फिजिकली हेल्दी महसूस करेंगे।

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Written By: Anshumala | Updated : November 24, 2021 11:54 AM IST

Tips for staying mentally Fit in Hindi: यदि आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं महसूस करेंगे, तो किसी भी काम में आपका मन नहीं लगेगा। जब तक मन से आप अच्छा नहीं महसूस करेंगे, कोई भी काम करना मुश्किल हो जाएगा। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने पर आप अपने कार्यों को अच्छी तरह से अंजाम दे पाते हैं। दिमाग फिट रहने से पूरा शरीर स्वस्थ रहता है। एक बात ध्यान में जरूर रखना चाहिए कि मानसिक सेहत का सीधा संबंध स्वस्थ शरीर से होता है। आपने ये कहावत भी सुनी होगी कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। शरीर और मन दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए होते हैं। यदि आपकी शारीरिक सेहत अच्छी है, तो मानसिक सेहत (Mental Health) भी दुरुस्त रहेगी। स्वास्थ्य हमारे खानपान, रिश्ते-नाते, काम, और जीवन के अन्य अनुभवों में दिखाई देता है।

खराब सेहत जिंदगी का मजा किरकिरा कर देती है। हमारी खुशियों में कई तरह से बाधक बनती है। सेहत खराब होने से शारीरिक और मानसिक ऊर्जा कम होती है, इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। मस्तिष्क तक सूचना पहुंचाने की क्षमता धीरे होती है। काम करने की रफ्तार कम होती है। मन और शरीर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। हर वक्त हमारे मन में एक विचार आता है, हमारे तंत्रिका तंत्र में कई तरह की प्रतिक्रियाएं होने लगती हैं, जो हमारे पूरे शरीर को कहीं न कहीं प्रभावित करती हैं। शरीर की कोशिकाएं मन के विचारों को ग्रहण करती हैं और उनकी प्रतिक्रियाएं बदलती हैं। लिहाजा शरीर की कोशिकाओं एवं विचारों के बीच स्वस्थ संबंध हमें असंतुलन से संतुलन की ओर ले जाते हैं। जब हम संतुलित जीवनशैली में होते हैं, तो शरीर की ज्यादा सुनते हैं। प्यार, खुशियां, सहयोगी भावनाएं आदि सकारात्मकता बनी रहती है। मानसिक और शारीरिक रूप से जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए इन 7 टिप्स को नियमित रूप से जरूर अपनाएं- (Tips for staying mentally and physically fit)....

1 मन की शांति के लिए करें कुछ पल मेडिटेशन

यदि आप लंबी उम्र तक स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो शरीर और दिमाग को संतुलित (tips for mental fitness) रखना होगा। इसके लिए योग, ध्यान यानी मेडिटेशन सबसे कारगर साबित हो सकता है। मेडिटेशन करने से तन-मन को सुकून की प्राप्ति होती है। दिमाग पूरी तरह से रिलैक्स होता है। मेडिटेशन करने के समय शरीर आराम की मुद्रा में होता है। मस्तिष्क में भी बाहरी विचारों, ख्यालों से दूरी बन जाती है। मेडिटेशन करने के लिए आप किसी शांत और एकांत जगह का चुनाव करें। इससे पूरे शरीर की हीलिंग होती है। कई शोध में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, एंग्जायटी, स्ट्रेस, डिप्रेशन की समस्या है, वे मेडिटेशन के जरिए इनके लक्षणों को कम कर सकते हैं। एक शोध के अनुसार, यदि आप लगातार 8-9 सप्ताह मेडिटेशन करते हैं, तो आपको शांति महसूस होगी। याददाश्त क्षमता में सुधार होगी। पहले से ज्यादा तरोताजा महसूस कर सकेंगे।

2 हेल्दी डाइट है बेहद जरूरी

लंबी उम्र तक स्वस्थ जीवनशैली और हेल्दी खानपान बेहद जरूरी होता है। इसका शरीर और स्वास्थ्य पर पॉजिटिव असर होता है। आप अपनी डाइट में नियमित रूप से आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, मसाले, रंग-बिरंगे फल और सब्जियों को शामिल करें। उन सभी पोषक तत्वों को शामिल करें, जो शरीर और मन को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। शरीर को भरपूर पोषण तभी प्राप्त होगा, जब खाने में तरह-तरह की हेल्दी चीजें शामिल होंगी। आप हर दिन संतुलित आहार लें। इस बात का ध्यान रखें कि आपके भोजन में छह स्वाद जैसे नमक, खट्टा, मीठा, कसैला, कड़वा और तीखा जरूर शामिल हो।घर का खाना खाएं। जो भी खाएं ताजा हो। जितना हो सके मौसमी हरी सब्जियों और फलों को शामिल करें। फ्रिज में दो दिन रखी पुरानी चीजों का सेवन ना करें। एक ही भोजन को बार-बार माइक्रोवेव में गर्म करके खाने से बचें। बाहर का खाना, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ, जंक फूड का सेवन बेहद कम करें। ये सभी शरीर में वसा, चर्बी बढ़ा सकते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियों के होने का खतरा बढ़ सकता है।

3 रोजाना करें एक्सरसाइज, रहें फिजिकली एक्टिव

मेंटली और फिजिकली फिट रहने के लिए शारीरिक रूप से एक्टिव रहना बहुत जरूरी है। आजकल अधिकतर लोग घर में बैठकर काम कर रहे हैं, लेकिन आपको अपने शरीर पर भी ध्यान देना होगा। 24 घंटे में सिर्फ 30 मिनट अपने लिए निकालें, ताकि कुछ एक्सरसाइज कर सकें। प्रतिदिन शारीरिक व्यायाम शरीर और मस्तिष्क दोनों को लाभ पहुंचाते हैं। एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। बढ़ती उम्र के लक्षण नजर नहीं आते हैं। अपनी उम्र से कहीं ज्यादा युवा नजर आते हैं। एक्सरसाइज करने से भावनात्मक संतुलन भी बना रहता है। मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है। डिप्रेशन और स्ट्रेस से घिरे हैं, तो इन मानसिक समस्याओं से जल्द उबरने में भी एक्सरसाइज काफी कारगर है। आपके पास वर्क लोड अधिक है, तो सप्ताह में 3-4 दिन ही एक्सरसाइज करें।

4 7-8 घंटे की नींद है जरूरी

आजकल लोग वर्क प्रेशर के कारण पूरी नींद नहीं ले पाते हैं। यदि आप नींद प्रॉपर नहीं लेते हैं, तो कई तरह की बीमारियों से शरीर घिर सकता है। स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो 7-8 घंटे की पूरी नींद लेना शुरू कर दें। इससे आप तरोताजा महसूस करें और स्वस्थ रहेंगे। आप हर काम को फ्रेश मूड से कर सकेंगे। नींद पूरी नहीं होने पर आप दिनभर थके महसूस करेंगे। मन भी चिड़चिड़ा रहेगा। ऐसे में शारीरिक और मानसिक रूप से ही आप बीमार हो जाएंगे। कम नींद लेने से इम्यूनिटी भी प्रभावित होती है। यह तनाव, चिंता, भावनात्मक असंतुलन जैसी समस्या के साथ-साथ आपके बढ़ते वजन के लिए भी जिम्मेदार हो सकती है। प्रतिदिन आप सात से आठ घंटे की नींद जरूर लें।

5 गलत भावनाओं और विचारों को मन से निकालें

हम में से अधिकतर लोग आहत भावनाओं, निराशा और दबे हुए गुस्से के रूप में कई विशैली भावनाओं को पनाह देते हैं। बीते हुए वक्त की यह भावनाएं हमारे मन-मस्तिष्क में रहकर हमारा ही नुकसान कर रही होती हैं, इसलिए इन्हें दूर करना बहुत जरूरी है। आप अपने आप से सवाल करके इसकी शुरुआत कर सकते हैं- बीत चुके जीवन की ऐसी गैरजरूरी भावनाएं मैंने क्यों पकड़कर रखी हैं, जो मेरा वर्तमान खराब कर रही हैं? जब एक बार आप यह पहचान जाएंगे कि कौन-सी भावनाएं आपको दूर करनी हैं, तो कुछ देर खुद के साथ अकेले बैठें और सोचें कि इस बदलाव के बाद आपका जीवन कैसा हो जाएगा। इसके बाद आप बाकायदा इन भावनाओं को खुद से दूर करेंगे और लोगों के सामने एक नए अंदाज में खुद को पेश करेंगे। अगर इसके लिए आपको किसी की मदद की जरूरत हैं, तो वह भी लें। वैसे भी दुख बांटने से कम ही होते हैं। अपने भावनात्मक दुख को दूर करें और देखिए कि शारीरिक सुख किस तरह बढ़ता है। इसके बाद अपने जीवन को प्यार, आत्म सम्मान जैसी सुखद भावनाओं से भरें।

6 परिवार और दोस्तों से बढ़कर कोई नहीं

कई शोध यह साबित कर चुके हैं कि अगर आपका सामाजिक दायरा अच्छा है, तो यह आपके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। अकेलेपन, नीरसता और अधूरेपन जैसी भावनाओं से यह आपको दूर रखेगा। जब आप अच्छा महसूस करेंगे, तो तनाव और अवसाद से दूर रहेंगे। सलाह लेने या बातचीत शेयर करने के लिए अच्छे दोस्त या अपने करीबियों से बेहतर कोई नहीं होता। समस्याओं से किस तरह निपटा जाए, इसके तमाम नए रास्ते सुझाते हैं। इसके अलावा कौन-सी चीजें आपको परेशान कर रही हैं, इस बारे में भी वह सही मार्गदर्शन करते हैं। अगर आपके दोस्तों का दायरा छोटा है, तो लोगों से मेलजोल बढ़ाएं। इसके लिए स्पोर्ट्स या अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी हिस्सा ले सकते हैं।

7 दिनभर में एक बार जोरदार ठहाका लगाएं

वैज्ञानिक दृष्टिकोंण के मुताबिक हंसने से मस्तिष्क एवं शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोंस खत्म होते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जापान में हुए एक शोध में शोधकर्ताओं ने पाया है कि कॉमिक कहानी एवं शो देखने के बाद गठिया रोग से पीढ़ित लोगो के दर्द में गजब की राहत मिली। तनाव वाले हार्मोंस कम होने के साथ ही उनका इम्यून सिस्टम भी बढ़ा। वैसे भी कहा जाता है कि खुलकर हंसने से कई बीमारियां और दूषित भावनाएं अपने आप ही दूर रहती हैं। फिर मानसिक-शारिरिक सेहत के लिए हंसने से कैसा परहेज। दिनभर में एक मौका तो ऐसा हो, जब आप खुलकर हंस सकें।

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