सर्दियां आते ही अकड़ने लगा शरीर? अभी से शुरू कर दें इन 2 विटामिन्स का सेवन, पूरी सर्दी नहीं होगी दिक्कत

Winter Rituals in hindi : ठंड के समय में शरीर ज्यादा शिथिल हो जाता है और इस समय मांसपेशियों में ऐंठन और जकड़न होने की संभावना अधिक होती है। आप इन आयुर्वेदिक तरीकों से आराम पा सकते हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : October 13, 2022 9:56 AM IST

सर्दियों का मौसम आते ही गठिया या जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस समस्या को एक या एक से अधिक जोड़ों में दर्द और सूजन के रूप में परिभाषित किया गया है। गठिया के दो सबसे आम प्रकार हैं ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटीइड गठिया। उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है जिससे स्थिति और खराब हो जाती है। क्योंकि यह बढ़ती उम्र में कार्टिलेज टिश्यू के टूटने के कारण होता है। हालांकि अनियमित जीवनशैली के कारण अर्थराइटिस अब युवा पीढ़ी में भी फैल रहा है। इसलिए ठण्ड के मौसम में हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं को पहले से ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

घुटनों का दर्द की वजह

वेदास क्योर के संस्थापक व निदेशक और आयुर्वेद विशेषज्ञ विकास चावला का कहना है कि घुटने का दर्द घुटने की हड्डी में लिगामेंट में कमी और हड्डी के आपस में रगड़ या घिसाव के कारण होता है। यह समस्या 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में आमतौर पर देखी जाती है। इस समस्या को बढ़ाने में वजन का अधिक होना भी एक वजह बनता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इसके होने की संभावना अधिक होती है।

जोड़ों में जकड़न

ठंड के समय में शरीर ज्यादा शिथिल हो जाता है और इस समय मांसपेशियों में ऐंठन और जकड़न होने की संभावना अधिक होती है। इसके कारण जोड़ों में अधिक परेशानी होने लगाती है। ठंड के मौसम में उंगलियों और पैर की उंगलियों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे गठिया की समस्या बढ़ जाती है। इसके साथ ही तापमान के कम होना शरीर के तरल पदार्थ को गाढ़ा कर सकता है, जिससे कारण जोड़ों की सक्रियता में कमी आ जाती है। धूप कम लगने के कारण शरीर में विटामिन दी की कमी हो जाती है, जिससे हड्डियों के जोड़ कमजोर होने लगते हैं।

नियमित व्यायाम सर्दियों के दौरान लोग अपने फिटनेस को लेकर थोड़ा लापरवाह हो जाते हैं। इससे कारण न केवल आपका वजन बढ़ सकता है, जो अन्य समस्याएं को भी बढ़ा सकता है। इसलिए हर दिन कम से कम 30-40 मिनट व्यायाम करने का समय निकाले। इसके अलावा, प्रतिदिन लगभग 8 घंटे की अच्छी नींद लें।

गठिया का आयुर्वेदिक उपचार

1-ये जड़ी-बूटियां लें

इसके उपचार के लिए आयुर्वेद काफी कारगर है। अर्थराइटिस (गठिया) के दर्द से राहत देने में अश्वगंधा, सौंठ, अरंड मूल, कचूर, अम्बा हल्दी, उन्नाव, शतावर आदि जड़ी-बूटियों से बना मिश्रण फायदेमंद होता है। मगर इसका किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर लेना चाहिए।

2-विटामिन डी का सेवन जरूरी

विटामिन डी सर्दियों में सूरज की रोशनी की कमी के कारण जोड़ों की परेशानी बढ़ सकती है। सूरज की कम रोशनी के कारण शरीर में विटामिन डी को अवशोषित करने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए सर्दियों के दौरान भी पर्याप्त धूप में रहना फायदेमंद है। इसके साथ ही अपने डॉक्टर से परामर्श लेकर विटामिन डी कैप्सूल भी ले सकते हैं।

3-गर्म कपड़े पहनें

गर्म कपड़े पहनें ठण्ड से आई शिथिलता को दूर करने के लिए और अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए गर्म कपड़ों को पहनना थी है। सीढ़ियां चढ़ने से भी बचें, क्योंकि इससे आपके जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अगर आप घर के अन्दर हैं तो बिना गर्म मोजे के न घूमें। पैरों की सुरक्षा के लिए हमेशा ऊनी मोजे ही पहनने चाहिए।

4-हेल्दी डाइट लें

पोषक आहार लें अपने आहार में फल और सब्जियां को ज्यादा मात्रा में शामिल करने की कोशिश करें। अंडे, दही और कई प्रकार की मछलियों में पाया जाने वाला विटामिन बी12 होमोसिस्टीन के स्तर को कम करने में मदद करता है। होमोसिस्टीन के स्तर को हृदय संबंधी विकारों का कारक होता है।

5-विटामिन बी6 भी जरूरी

विटामिन बी6 जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है, इसलिए अपने भोजन में गाजर, पालक, शकरकंद और केला को अपने खाद्य पदार्थ में शामिल करना चाहिए। स्वस्थ आहार का पालन करते हुए शराब और परिष्कृत शर्करा से बचना भी महत्वपूर्ण है। अगर सर्दियों में इन चीजों का अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो यह दर्द को बढ़ा सकता है।

6-हाइड्रेटेड रहें

हाइड्रेटेड रहें सर्दियों में आमतौर पर लोग पानी पीना कम कर देते हैं। जिसके कारण आर्थराइटिस के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना महत्वपूर्ण है। पर्याप्त रूप से हाइड्रेटेड रहने से शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में भी सहायता मिलती है और इसके साथ ही ये प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।