Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
हाइपरटेंशन एक गंभीर समस्या है जिसे उचित दवाओं, खानपान और जीवनशैली के जरिए कंट्रोल रखा जा सकता है। मुंबई स्थित पीडी हिंदुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर में कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सुधीर पिल्लई आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं जिनसे आपको इस रोग से बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिल सकती है। क्या आपको पता है हाइपरटेंशन का इलाज क्या है?
(1) जेनेटिक बीमारी नहीं
कई लोग ऐसा सोचते हैं कि हाइपरटेंशन एक जेनेटिक बीमारी है। यानि अगर किसी पूर्वज को यह रोग था, तो उनको भी हो सकता है। लेकिन यह सच नहीं है। हाइपरटेंशन के 90 फीसदी मामलों में इस रोग के कारणों का पता नहीं लग पाता है। वास्तव में बीएमआई, मेटाबोलिज्म और अन्य साइकोलोजिकल कारक इसके लिए जिम्मेदार हैं। केवल जेनेटिक को ही इसका कारण नहीं माना जा सकता।
(2) दवा नहीं लेने से हो सकता है नुकसान
जिस तरह डायबिटीज मरीजों के लिए इंसुलिन जरूरी है, ठीक उसी तरह हाइपरटेंशन से पीड़ितों के लिए दवाएं जरूरी है। यदि आपके उच्च रक्तचाप का कारण थायराइड, मोटापा, एंडोक्राइन इशू, खर्राटे लेना या स्लीप एपनिया जैसी अंडरलाइनिंग समस्या है, तो हाइपरटेंशन की दवाओं से इन समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है। बॉर्डरलाइन हाइपरटेंशन से सही डायट और एक्सरसाइज के जरिए निपटा जा सकता है। लेकिन सेकेंड्री हाइपरटेंशन के मामले में जीवनभर दवाएं लेनी पड़ती हैं याद रखें, हाई ब्लड प्रेशर चेक करने के लिए दवाएं ली जाती हैं। इसलिए, अगर आपकी संख्या 170/180 से 110/80 तक कम हो जाती है और आप दवा रोक देते हैं, तो रक्तचाप 200/180 तक बढ़ सकता है, जिसे रिएक्टिव हाइपरटेंशन कहा जाता है। रिएक्टिव हाइपरटेंशन संभावित खतरनाक हो सकता है और इससे स्ट्रोक या दिल का दौरा पड़ सकता है। इसलिए डॉक्टर से जांच कराना बेहतर होगा।
(3) नमक नहीं सोडियम है खतरनाक
हाइपरटेंशन के पीड़ितों को नमक का कम सेवन करना चाहिए। बेशक नमक हानिकारक होता है लेकिन इससे ज्यादा सोडियम ज्यादा खतरनाक होता है। आपको बता दें कि प्रोसेस्ड फूड्स और प्रिज़र्वटिव फूड्स में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इनका सेवन कम करें।
(4) ब्लड प्रेशर का कोई सही पैमाना नहीं
अगर आपको लगता है कि 120/90 ब्लड प्रेशर है, तो आप गलत हैं। क्योंकि ब्लड प्रेशर की की भी रीडिंग परफेक्ट नहीं है। ब्लड प्रेशर को आबादी के एक स्पेक्ट्रम में औसत के रूप में मापा जाता है। प्रत्येक व्यक्ति की रक्तचाप की अलग रीडिंग है। एक डॉक्टर को आपकी सही रीडिंग लेने के लिए कई बार आपके रक्तचाप को मापना पड़ता है। पहली बार जाने पर चिकित्सक दवा नहीं लिखते हैं, जब तक कि यह 180/90 से ज्यादा नहीं होता है और तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता होती है। उच्च रक्तचाप को मापना रीडिंग मात्र नहीं है, यह बीएमआई, ऊंचाई, वजन, और आबादी की भूगोल को भी ध्यान में रखता है। इसलिए कुछ जनसंख्या स्पेक्ट्रम 120/90 के लिए सामान्य हो सकता है और दूसरों के लिए, यह 150/90 या 170/90 हो सकता है।
(5) ब्लड प्रेशर की पूरे दिन निगरानी करना जरूरी नहीं
ब्लड शुगर के विपरीत पूरे दिन हाई ब्लड प्रेशर की निगरानी करना आवश्यक नहीं है। याद रखें रक्तचाप का पूरे दिन में उतार-चढ़ाव रहता है क्योंकि यह एक तनाव प्रतिक्रिया है। ध्यान रहे आपका ब्लड प्रेशर 24 घंटे नहीं होता है। अगर आपके ब्लड प्रेशर में कोई उतार-चढ़ाव नहीं होता है, तो आपके लिए मुसीबत हो सकती है।
(6) वाइन आपके दिल को स्वस्थ नहीं रखती है
इंटरनेट पर ऐसे कई अध्ययन हैं जिनमें कहा गया है कि वाइन आपके दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है क्योंकि इसमें फ्लेवनॉयड्स मौजूद हैं। लेकिन ऐसा नहीं हैं। अगर आप वाइन पीते हैं, तो आपका दिल स्वस्थ नहीं रहेगा। ध्यान रहे वाइन आपकी मेडिसन नहीं है।
(7) फल-सब्जियां खाने से दिल स्वस्थ रहता है लेकिन हाइपरटेंशन का इलाज नहीं
लोग ऐसा मानते हैं कि फल-सब्जियां और अच्छा खाने से हमेशा दवाइयों से दूर रहने में मदद मिल सकती है। आपको बता दें इन चीजों से शरीर को काम करने के लिए पोषण मिलता है लेकिन इनसे हाइपरटेंशन का इलाज नहीं होता है। अगर आपको लगता है कि नाइट्रेट से भरपूर सब्जियां आपके रक्त वाहिकाओं को फैलाने में मदद करती हैं और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, तो आपको इसके लिए किलो की मात्र में खानी पड़ेंगी, जो कि संभव नहीं है।
Read this in English.
अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock