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बर्ड फ्लू क्या है (Bird Flu in Hindi) और बर्ड फ्लू के कारण क्या-क्या होते हैं? (Causes of Bird Flu in Hindi) इन सवालों का जवाब हर किसी को पता होना चाहिए। बर्ड फ्लू के नाम से पॉपुलर यह बीमारी एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस H5N1 की वजह से होती है। यही कारण है कि बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (Avian Influenza Virus) भी कहते हैं। यह वायरल वायरस वैसे तो पक्षियों को अपना शिकार बनाता है लेकिन इंसान भी इससे संक्रमित हो सकता है। बर्ड फ्लू इंफेक्शन चिकन, टर्की, गीस, मोर और बत्तख जैसे पक्षियों में तेजी से फैलता है। यह इन्फ्लूएंजा वायरस इतना खतरनाक होता है कि इससे इंसान व पक्षियों की मौत भी हो सकती है। बर्ड फ्लू के लक्षण की जानकारी हर किसी को होनी चाहिए। क्योंकि कुछ लोग बर्ड फ्लू के शिकार हो जाते हैं लेकिन उन्हें इस बारे में पता भी नहीं होता है। अभी तक बर्ड फ्लू का मुख्य कारण पक्षियों को ही माना जाता है। लेकिन कई बार यह इंसान से इंसान को भी हो जाता है। एवियन इन्फ्लूएंजा के शिकार इंसान पर मौत का खतरा भी होता है। अभी तक एच5एन1 (H5N1) और एच7एन9 (H7N9) को बर्ड फ्लू वायरस के ऐसे प्रकार माना जाता था जो इंसान को भी संक्रमित कर सकते हैं लेकिन अब इस लिस्ट में एच5एन8 (H5N8) भी शामिल हो गया है।
बर्ड फ्लू के लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं लेकिन सांस लेने में समस्या और हर वक्त उल्टी होने का एहसास इसके खास लक्षण हैं। कुछ सामान्य लक्षण निम्नवत हैं।
बर्ड फ्लू वायरस के इंसान में फैलने की सबसे ज्यादा संभावना तब होती है जब व्यक्ति संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आता है। अगर यह वायरस किसी व्यक्ति को हो जाए तो ये संक्रमित संक्रमित से दूसरे व्यक्ति को भी हो सकता है। बर्ड फ्लू के कारण व जोखिम निम्न प्रकार से हो सकते हैं-
बर्ड फ्लू का इलाज एंटीवायरल ड्रग ओसेल्टामिविर (टैमीफ्लू) (oseltamivir (Tamiflu) ) और ज़ानामिविर (रेलेएंजा) (zanamivir (Relenza)) से किया जाता है। इस वायरस को कम करने के लिए पूरी तरह आराम करना चाहिए। हेल्दी डायट लेनी चाहिए जिसमें अधिक से अधिक लिक्विड हो। बर्ड फ्लू अन्य लोगों में ना फैले इसके लिए मरीज को एकांत में रखना चाहिए।
सामान्यतया इंसान में यह बीमारी मुर्गियों या संक्रमित पक्षी के बेहद निकट रहने से फैलती है। मुर्गी से अगर अपका संपर्क किसी प्रकार से होता है और वह इस वायरस के चपेट में होती है तो यह आपको भी हो जाता है। इंसानों में बर्ड फ्लू का वायरस आंख, नाक और मुंह के जरिए प्रवेश करता है।
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