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बाल गिरने से हैं परेशान, हर दिन करेंगे ये आसन और मुद्रा, तो होगा लाभ

बालों के झड़ने की समस्‍या पाचन शक्ति के कमजोर होने के कारण भी हो सकती है। वज्रासन के अभ्यास से आपकी पाचन शक्ति ठीक होती है।

बाल झड़ना आजकल की आम समस्या बनती जा रही है। हर कोई बालों झड़ने से परेशान है। इसकी मुख्य वजह है बेतरतीब जीवनशैली, खानपान में पौष्टिक चीजों की कमी, प्रदूषण, तनाव, स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन की कमी आदि। आप तेल, शैम्पू और घरेलू नुस्खे तो आजमाते ही होंगे अपने बालों को झड़ने से बचाने के लिए। क्यों नहीं कुछ दिनों तक कुछ योगासन और हस्त मुद्राएं करके देखते हैं? इनके अभ्यास से आपके बालों के झड़ने की समस्या हमेशा के लिए ठीक हो सकती है। साथ ही कुछ योगासनों के अभ्यास से बाल जड़ से मजबूत भी होते हैं। जानिए, कौन से योगासन और मुद्राएं आपकी यह समस्या को दूर करने में मदद कर सकती हैं।

ज्ञान-मुद्रा

हस्त मुद्राएं रक्त संचार और तमाम शारीरिक परेशानियों में फायदेमंद होती हैं। ज्ञान मु्द्रा से न सिर्फ आपके दिमाग में रक्त संचार बढ़ता है बल्कि तनाव, अवसाद और सिर से जुड़ी तमाम बीमारियां ठीक होती हैं। इसे करने के लिए अंगूठे को तर्जनी (पहली) अंगुली के सिरे पर लगा दें। शेष तीनों अंगुलियां सीधी रहेंगी। इसका अभ्‍यास स्मरण-शक्ति का विकास होता है और व्‍यक्ति का दिमाग भी स्‍वस्‍थ रहता है। इसके अलावा सिरदर्द दूर होता है तथा अनिद्रा की समस्‍या दूर होती है। नकारात्‍मक विचार भी नहीं आते हैं गलत आदतें दूर होती हैं।

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पृथ्वी-मुद्रा

पृथ्वी मु्द्रा भी मस्तिष्क के लिए फायदेमंद हस्त मुद्रा है। इस मुद्रा को करने के लिए अनामिका (तीसरी) अंगुली को अंगूठे से लगाकर रखें। इसका नियमित अभ्‍यास करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है, और आप एनर्जेटिक रहते हैं। यह मुद्रा पाचन-क्रिया ठीक करती है, दिमाग को शांत करती है, तथा यह शरीर में विटामिन की कमी को दूर करती है।

[caption id="attachment_602706" align="alignnone" width="655"]Prithvi-mudra and hair fall पृथ्वी मुद्रा। © Shutterstock[/caption]

उष्ट्रासन

पैरों को लंबाई में फैलाकर बैठें। दाएं पैर के घुटने को मोड़ते हुए, दाईं एड़ी को दाएं नितंब (हिप) के नीचे रखें। इसी तरह बाएं पैर को मोड़ते हुए बाईं एड़ी को बाएं नितंब के नीचे रखें। घुटनों के बल खड़े हो जाएं। ध्यान रहे कि दोनों घुटने और पैरों के पंजे समान दूरी पर खुले हों। लंबी सांस लें और सांस छोड़ते हुए कमर के ऊपरी हिस्से को पीछे की ओर ले जाएं। दाईं हथेली से दाईं एड़ी को और बाईं हथेली से बाईं एड़ी को पकड़ने की कोशिश करें। उष्ट्रासन करते समय इस बात का ध्यान रहे कि पीछे झुकते समय गर्दन को झटका न लगे।

[caption id="attachment_602708" align="alignnone" width="655"]ustrasana and hair fall उष्ट्रासन। © Shutterstock[/caption]

व्रजासन

बालों के झड़ने की समस्‍या पाचन शक्ति के कमजोर होने के कारण भी हो सकती है। वज्रासन के अभ्यास से आपकी पाचन शक्ति ठीक होती है। इस आसन के लिए घुटनों को मोड़कर इस तरह से बैठें कि नितंब दोनों एड़ियों के बीच में आ जाएं। दोनों पैरों के अंगूठे आपस में मिले रहें और एड़ियों में अंतर भी बना रहे। दोनों हाथों को घुटनों पर रखें। पीछे की ओर अधिक न झुकें। शरीर को सीधा रखें ताकि संतुलन बना रहे। हाथों और शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें और कुछ देर के लिए अपनी आंखें बंद कर लें। अपना ध्यान सांसों पर केंद्रित रखें। इस आसन में पांच मिनट तक बैठना चाहिए।

[caption id="attachment_602711" align="alignnone" width="655"]vajrasana and hair fall वज्रासन। © Shutterstock[/caption]

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