नमी वाले मौसम में बढ़ जाते हैं पिंपल्स और एक्ने, डॉक्टर बता रहे हैं क्या करें और क्या नहीं
बारिश वाले मौसम में हवा में नमी ज्यादा हो जाती है। जिसके कारण त्वचा पर पिंपल्स और एक्ने की परेशानी देखी जाती है। ऐसे में इस मौसम में पिंपल्स और एक्ने होने पर हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसके बारे में हमें पता होना चाहिए। आइए जानते हैं इसके बारे में।
देश के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो चुकी है। बारिश लोगों को गर्मी से राहत तो देती है लेकिन इस मौसम में ज्यादा पसीना, धूल, मिट्टी और हवा में नमी के कारण त्वचा की समस्याएं भी होने लगती हैं। नमी वाले मौसम में बहुत से लोग इस दौरान शिकायत करते हैं कि उनके चेहरे पर अचानक पिंपल्स निकलने लगे हैं, त्वचा ज्यादा ऑयली हो जाती है और एक्ने की समस्या भी बढ़ रही है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इस कंडीशन में आप अकेले नहीं हैं। बारिश के मौसम में जब हवा में नमी ज्यादा होती है, तब अक्सर लोगों को इस तरह की स्किन प्रॉब्लम होना आम बात है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं नमी वाले मौसम में पिंपल्स और एक्ने की परेशानी क्यों बढ़ जाती है और इस स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
आखिर नमी वाले मौसम में पिंपल्स क्यों बढ़ जाते हैं?
पूर्व दिल्ली एम्स और SkinQure क्लीनिक के सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. बीएल जांगिड़ कहते हैं कि हवा की नमी (Humidity) और एक्ने के बीच सीधा संबंध है। मौसम में बढ़ी हुई नमी त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन, बैक्टीरिया को बढ़ा देते हैं। इसके कारण स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं, जिससे पिंपल्स की परेशानी ज्यादा देखी जाती है। आइए आगे जानते हैं इसके बारे में आगे और।
1. नमी के कारण त्वचा पर बनता है ऑयल
स्किन केयर एक्सपर्ट डॉ. जांगिड़ कहते हैं कि जब वातावरण में नमी बढ़ती है, तो त्वचा की सेबेशियस ग्लैंड्स (Sebaceous Glands) ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। इसके कारण त्वचा पर ज्यादा तेल बनता है। इस तेल पर जब धूल मिट्टी और गंदगी जमा होने से ब्लैकहेड्स, वाइटहेड्स और पिंपल्स की समस्या होती है। पबमेड सेंट्रल की वेबसाइट पर छपी रिसर्च बताती है कि कभी गर्म और कभी नमी वाले मौसम में त्वचा में नेचुरल ऑयल का प्रोडक्शन ज्यादा तेजी से होता है। ऑयल प्रोडक्शन ज्यादा होने की वजह से पिंपल्स और एक्ने होना आम बात है।
2. स्किन पोर्स का बंद होना
नमी के मौसम में धूल, प्रदूषण और स्किन का ज्यादा तेल का प्रोडक्शन स्किन के पोर्स को बंद कर देते हैं। जब स्किन के पोर्स बंद होते हैं तो उनके भीतर बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। इससे मवाद वाले पिंपल्स होने की संभावना कई गुणा ज्यादा हो जाती है। इन पिंपल्स का इलाज सही समय पर न किया जाए तो इससे एक्ने की परेशानी हो सकती है।
3. पसीना और बैक्टीरिया का बढ़ना
डॉक्टर के अनुसार, नमी वाले मौसम में पसीना ज्यादा आता है। जब पसीना लंबे समय तक त्वचा पर बना रहता है, तो वह तेल और बैक्टीरिया के साथ मिलकर त्वचा में जलन और सूजन पैदा कर सकता है। ज्यादा पसीने के कारण बैक्टीरिया के बढ़ाव से भी पिंपल्स और एक्ने की समस्या होना आम बात है।
4. त्वचा के सूक्ष्म जीवों में बदलाव
एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद रिसर्च बताती है मौसम में बदलाव होने पर त्वचा पर मौजूद सूक्ष्म जीवों (Skin Microbiome) को प्रभावित कर सकता है। नमी बढ़ने पर कुछ बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे पिंपल्स और एक्ने की समस्या होना आम बात है।
नमी वाले मौसम में पिंपल्स और एक्ने से बचने के लिए क्या करें?
- डॉक्टर के अनुसार, नमी वाले मौसम में पिंपल्स और एक्ने की समस्या न हो इसके लिए जेंटल फेस वॉश से चेहरे को सही तरीके से धोएं। इससे अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाने में मदद मिलती है।
- नमी वाले मौसम में ऐसे स्किन केयर प्रोडक्ट को चुनें जिस पर ऑयली फ्री लिखा हुआ हो। ऑयल फ्री प्रोडक्ट का यूज करने से पोर्स के बंद होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
- गर्मी में अगर आप किसी प्रकार की एक्सरसाइज या जिम वर्कआउट करते हैं तो घर आने के बाद चेहरे को साफ पानी अच्छी तरह से धोएं। इससे पसीन और गंदगी के त्वचा पर जमा होने की संभावना कम होती है।
- हवा में नमी का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि पानी कम पिएं। पसीना ज्यादा आने पर पानी भी ज्यादा पानी पीना जरूरी है, ताकि शरीर का हाइड्रेशन का लेवल मैनेज रहे।
- बहुत से लोग सोचते हैं कि ऑयली स्किन को मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती, लेकिन यह गलत है। हल्का, जेल-बेस्ड मॉइस्चराइजर हर त्वचा के लिए जरूरी होता है।
नमी वाले मौसम में क्या नहीं करना चाहिए?
- डॉक्टर बताते हैं कि पसीना ज्यादा आने के कारण कई बार लोग नमी के मौसम में चेहरे को 5 से 6 बार धोते हैं। बार-बार पानी से चेहरे को धोने से त्वचा का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है और तेल का प्रोडक्शन बढ़ जाता है। इसलिए नमी वाले दिनों में चेहरे को बार-बार धोने से बचना चाहिए।
- किसी भी कारण से अगर आपको पिंपल्स हो गए हैं तो उसे फोड़ने या दबाने से बचें। पिंपल्स को फोड़ने या दबाने से सूजन बढ़ सकती है और दाग पड़ने का खतरा रहता है।
- चेहरे को साफ करने के लिए हमेशा साफ और बैक्टीरिया फ्री तौलिये का ही इस्तेमाल करें। गंदा तौलिया भी नमी के मौसम में पिंपल्स और एक्ने की परेशानी को बढ़ाता है।
- डॉ. बीएल जांगिड़ के अनुसार, नमी वाला मौसम पिंपल्स और एक्ने की समस्या को बढ़ा सकता है क्योंकि इस दौरान त्वचा अधिक तेल बनाती है, पसीना बढ़ता है और स्किन पोर्स जल्दी बंद हो सकते हैं। हालांकि सही स्किनकेयर, साफ-सफाई और लाइट प्रोडक्ट के इस्तेमाल से इस समस्या को काफी को कंट्रोल किया जा सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य के लिए है। एक्ने और पिंपल्स की समस्या हर व्यक्ति में अलग-अलग कारणों से हो सकती है। यदि आपको बार-बार पिंपल्स हो रहे हैं, दर्द, सूजन या चेहरे पर दाग बढ़ रहे हैं, तो किसी स्किन केयर एक्सपर्ट से बात करें।