
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : June 16, 2026 6:25 PM IST
Medically Verified By: Dr. B. L. Jangid
पिंपल्स चेहरे को खराब कर देते हैं।
देश के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो चुकी है। बारिश लोगों को गर्मी से राहत तो देती है लेकिन इस मौसम में ज्यादा पसीना, धूल, मिट्टी और हवा में नमी के कारण त्वचा की समस्याएं भी होने लगती हैं। नमी वाले मौसम में बहुत से लोग इस दौरान शिकायत करते हैं कि उनके चेहरे पर अचानक पिंपल्स निकलने लगे हैं, त्वचा ज्यादा ऑयली हो जाती है और एक्ने की समस्या भी बढ़ रही है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इस कंडीशन में आप अकेले नहीं हैं। बारिश के मौसम में जब हवा में नमी ज्यादा होती है, तब अक्सर लोगों को इस तरह की स्किन प्रॉब्लम होना आम बात है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं नमी वाले मौसम में पिंपल्स और एक्ने की परेशानी क्यों बढ़ जाती है और इस स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
पूर्व दिल्ली एम्स और SkinQure क्लीनिक के सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. बीएल जांगिड़ कहते हैं कि हवा की नमी (Humidity) और एक्ने के बीच सीधा संबंध है। मौसम में बढ़ी हुई नमी त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन, बैक्टीरिया को बढ़ा देते हैं। इसके कारण स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं, जिससे पिंपल्स की परेशानी ज्यादा देखी जाती है। आइए आगे जानते हैं इसके बारे में आगे और।
नमी के कारण पिंपल्स होना आम बात है।
स्किन केयर एक्सपर्ट डॉ. जांगिड़ कहते हैं कि जब वातावरण में नमी बढ़ती है, तो त्वचा की सेबेशियस ग्लैंड्स (Sebaceous Glands) ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। इसके कारण त्वचा पर ज्यादा तेल बनता है। इस तेल पर जब धूल मिट्टी और गंदगी जमा होने से ब्लैकहेड्स, वाइटहेड्स और पिंपल्स की समस्या होती है। पबमेड सेंट्रल की वेबसाइट पर छपी रिसर्च बताती है कि कभी गर्म और कभी नमी वाले मौसम में त्वचा में नेचुरल ऑयल का प्रोडक्शन ज्यादा तेजी से होता है। ऑयल प्रोडक्शन ज्यादा होने की वजह से पिंपल्स और एक्ने होना आम बात है।
नमी के मौसम में धूल, प्रदूषण और स्किन का ज्यादा तेल का प्रोडक्शन स्किन के पोर्स को बंद कर देते हैं। जब स्किन के पोर्स बंद होते हैं तो उनके भीतर बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। इससे मवाद वाले पिंपल्स होने की संभावना कई गुणा ज्यादा हो जाती है। इन पिंपल्स का इलाज सही समय पर न किया जाए तो इससे एक्ने की परेशानी हो सकती है।
डॉक्टर के अनुसार, नमी वाले मौसम में पसीना ज्यादा आता है। जब पसीना लंबे समय तक त्वचा पर बना रहता है, तो वह तेल और बैक्टीरिया के साथ मिलकर त्वचा में जलन और सूजन पैदा कर सकता है। ज्यादा पसीने के कारण बैक्टीरिया के बढ़ाव से भी पिंपल्स और एक्ने की समस्या होना आम बात है।
एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद रिसर्च बताती है मौसम में बदलाव होने पर त्वचा पर मौजूद सूक्ष्म जीवों (Skin Microbiome) को प्रभावित कर सकता है। नमी बढ़ने पर कुछ बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे पिंपल्स और एक्ने की समस्या होना आम बात है।
पिंपल्स को बार- बार छूने से बचना चाहिए।
Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य के लिए है। एक्ने और पिंपल्स की समस्या हर व्यक्ति में अलग-अलग कारणों से हो सकती है। यदि आपको बार-बार पिंपल्स हो रहे हैं, दर्द, सूजन या चेहरे पर दाग बढ़ रहे हैं, तो किसी स्किन केयर एक्सपर्ट से बात करें।