स्किन को समय-समय पर एक्सफोलिएट करना क्यों जरूरी होता है? एक्सपर्ट से जानें
Skin Ko Exfoliate Karne Ke Fayde: आपने देखा होगा कि अक्सर स्किन को एक्सफोलिएट करने की सलाह दी जाती है, जिसका एक ही कारण और वह यह कि पोर्स में जमी गंदगी को कैसे साफ किया जाए। आइए जानते हैं यह प्रोसेस कैसे फायदेमंद है।
Skin Ko Exfoliate Karne Se Kya Hota Hai: देखें पहले आपको बता दें कि एक्सफोलिएशन हमारी त्वचा से डेड स्किन सेल्स को रिमूव करने की एक प्रोसेस है। मृत कोशिकाओं का झड़ना और नई कोशिकाओं का बनना लगातार चलता रहता है। एक हेल्दी स्किन लगभग 28 दिनों में खुद को पूरी तरह से नया कर लेती है। कभी-कभी नए सेल्स के बनने की स्पीड गति धीमी हो जाती है, जिससे कोशिकाओं का जमाव हो जाता है और त्वचा खुरदरी व बेजान दिखने लगती है। इसके कारण स्किन टोन भी अनइवन हो सकता है और समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
ब्यूटी और हेयर एक्सपर्ट शहनाज हुसैन बताती हैं कि एक्सफोलिएशन से स्किन चिकनी और चमकदार बनती है। यह त्वचा की सतह पर ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ावा देता है। अगर हम ऑयली स्किन की बात करें तो एक्सफोलिएशन पोर्स की गहरी सफाई करने में मदद करता है और ब्लैकहेड्स, फुंसियों व मुहांसों जैसी समस्याओं को बनने व बढ़ने से रोकता है। आज हम आपको एक्सपर्ट द्वारा बताए स्किन को एक्सफोलिएट करने के तरीकों के बारे में बताने वाले हैं, ताकि आपका चेहरा भी कमाल का खिला-खिला नजर आए।
कैसे किया जाता है स्किन को एक्सफोलिएट?
एक्सफोलिएशन स्क्रब या क्लींजिंग ग्रेन्स यानी कि दाने दार चीजों की मदद से किया जाता है। ये दाने दार चीजें स्किन पर धीरे-धीरे रगड़ी जाती हैं और फिर उसे धो दिया जाता है। आमतौर पर इस दानेदार पदार्थ को किसी तरल पदार्थ या अन्य सामग्री के साथ मिलाया जाता है, ताकि स्किन की सफाई भी हो और वह छिले भी न, जैसे दही, शहद, तेल आदि।
उदाहरण के लिए स्क्रब बनाने के लिए चावल के पाउडर या पिसे हुए बादाम को दही के साथ मिलाया जा सकता है। इनमें मौजूद कुछ एंजाइम डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद कर हैं, जैसे पका हुआ पपीता, जिसमें पैपेन नाम का एक एंजाइम होता है। यह कोशिकाओं को नरम बनाता है और उन्हें हटाने में मदद करता है। स्क्रब में पपीते का गूदा भी मिलाया जा सकता है।
एक्सफोलिएशन करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
एक्सफोलिएशन करते समय त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखना चाहिए। जैसे नॉर्मल स्किन वालों को सप्ताह में एक बार एक्सफोलिएट करना चाहिए अगर त्वचा पर ओपन पोर्स ज्यादा है तो सप्ताह में दो बार करें। वहीं ड्राई स्किन बहुत ही ज्यादा कोमल होती है, इसलिए इसे हफ्ते में सिर्फ एक बार ही एक्सफोलिएट करना चाहिए।
अगर आपकी स्किन बहुत ही ज्यादा सेंसिटिविटी है- जैसे त्वचा में रूखापन, खुरदरापन या त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते बने रहते हैं तो स्किन को एक्सफोलिएट नहीं करना चाहिए। ड्राई स्किन के लिए, पिसे हुए बादाम को दही या दूध के साथ मिलाकर स्क्रब के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
किसी स्किन टाइप के लिए एक्सफोलिएशन ज्यादा फायदेमंद है?
एक्सपर्ट बताती हैं कि एक्सफोलिएशन ऑयली स्किन वालों के लिए काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि यह त्वचा की बनावट यानी टेक्सचर को बेहतर बनाता है और पोर्स में जमा तेल को साफ करने में मदद करता है। साथ ही यह ब्लैकहेड्स को हटाने और उन्हें दोबारा बनने से रोकने में सहायक होता है। साथ ही ऑयली स्किन वालों के लिए यह भी फायदा है कि वह त्वचा पर स्क्रब का इस्तेमाल हफ्ते में दो या तीन बार कर सकते हैं।
लेकिन सावधानी बात तब होती है जब अगर आपके चेहरे पर फुंसी, मुंहासे या रैश हो जाएं, तो स्क्रब का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जैसा कि पहले ही बताया गया है, सेंसिटिव स्किन को एक्सफोलिएट नहीं करना चाहिए वरना समस्या बढ़ सकती है।
बॉडी स्क्रब कैसे तैयार और इस्तेमाल करें?
बॉडी स्क्रब के लिए इस्तेमाल होने वाली सबसे आम चीजें हैं बादाम का पाउडर और ओटमील या गेहूं का चोकर। इसमें आप सूखे संतरे और नींबू के छिलकों का पाउडर, या फिर मोटा नमक या दानेदार चीनी भी मिला सकते हैं। इसकी कंसिस्टेंसी को स्मूथ बनाने के लिए आप बॉडी स्क्रब में घर पर उपलब्ध कोई भी वेजिटेबल ऑयल इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे सूरजमुखी या सैफ्लॉवर ऑयल, तिल का तेल या जैतून का तेल।
शहनाज हुसैन ने बताए एक्सफोलिएशन के लिए घरेलू नुस्खे
1. अखरोट के पाउडर में शहद और थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर इसे स्क्रब की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
2. दानेदार चीनी एक बेहतरीन स्क्रब हो सकती है, खासकर हाथों के लिए। 2 बड़े चम्मच सूरजमुखी का तेल और 3 बड़े चम्मच दानेदार चीनी लें। इन्हें तब तक मिलाएं जब तक यह एक पेस्ट न बन जाए। इसे हाथों की स्किन पर लगाएं और रगड़ें। 15 मिनट बाद धो लें।
3. सूखे संतरे और नींबू के छिलकों का पाउडर, ओटमील और पिसे हुए बादाम लें। इसमें थोड़ा सा जैतून का तेल और गुलाब जल मिलाएं। इसे स्किन पर लगाएं और गोल-गोल घुमाते हुए हल्के हाथों से रगड़ें। फिर पानी से धो लें।
4. अगर स्किन ड्राई है तो ओटमील में शहद, दूध और थोड़ा सा बादाम का तेल मिलाएं और फिर लगाएं। 15 मिनट बाद, दूध से इसे गीला करें और हल्के हाथों से शरीर को स्क्रब करें, फिर पानी से धो लें।
5. तिल को दरदरा पीसकर, शहद के साथ मिलाकर बॉडी स्क्रब की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मिश्रण में पुदीने की सूखी पत्तियां भी मिलाई जा सकती हैं। इसका स्किन पर एक ताजगी भरा असर होता है और यह स्किन को एक सुनहरी चमक देता है।
डिस्क्लेमर- पोर्स की सफाई करने के लिए स्किन को एक्सफोलिएट करना बहुत जरूरी है, लेकिन स्किन टाइप का ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि सेंसिटिव और ड्राई स्किन पर स्क्रब करने का तरीका ऑयली व नॉर्मल स्किन से अलग होता है। स्क्रब के बाद कोई परेशानी हो तो डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलें।