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Gen Z आयुर्वेदिक ब्यूटी तरीकों को क्यों अपना रहा है? एक्सपर्ट से जानें

आजकल आपने देखा होगा कि जैन जी, यानी कि 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोगों में हाल-फिलहाल में घरेलू नुस्खों का उपयोग काफी बढ़ गया है। लेकिन वे दादी-नानी के नुस्खों को क्यों अपना रहे हैं, आइए एक्सपर्ट से जानते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 15, 2026 5:16 PM IST

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Medically Verified By: Shahnaz Husain

आजकल पुरुष व महिलाएं अपनी स्किन और हेयर को हेल्दी बनाने के लिए अधिक मात्रा में केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह भले ही आपके बालों व त्वचा को कुछ समय के लिए चमक दे सकते हैं, लेकिन इनका अधिक मात्रा में किया गया इस्तेमाल स्कैल्प और हेयर फॉलिकल्स को नुकसान पहुंचा सकता है।

सोशल मीडिया ट्रेंड्स और नेचुरल स्किनकेयर की बढ़ती लोकप्रियता के कारण कई Gen Z यूजर्स घरेलू और आयुर्वेदिक ब्यूटी तरीकों में रुचि दिखा रहे हैं। जहां लोग पुरानी चीजों को भूल रहे हैं वहीं ये जेनेरेशन फैशन से लेकर ब्यूटी तक के पुराने ट्रेंड्स को वापस ला रही है। दादी-नानी के नुस्खों को सोशल मीडिया पर फैलाने का वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लेकिन उनका इन घरेलू नुस्खों के प्रति इतना रुझान क्यों बढ़ रहा है? और वो कौन से नुस्खे हैं जिन्होंने उन्हें अपनी ओर आकर्षित किया है? आइए इन सभी सवालों का जवाब हेयर और स्किन केयर एक्सपर्ट शहनाज हुसैन से जानते हैं।

Gen Z के बीच घरेलू नुस्खे क्यों हो रहे पॉपुलर

Gen Z उस समय पैदा हुए हैं जब तकनीकें बड़ी ही तेजी से आगे बढ़ रही हैं। खासकर सोशल मीडिया की लहर में जैन जी सबसे आगे रहे हैं। वह अपनी मां, दादी और नानी की खूबसूरती को सराहा रहे हैं और खुद भी उन्हें के जैसे काले, लंबे-घने बाल रखना चाहते हैं। और अपनी मां की तरह 40-45 की उम्र में भी जवां दिखना चाहते हैं।

जैन जी ने समझा है कि हेल्दी स्किन पाने के लिए बहुत सारे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। दादी-नानी किचन में मौजूद चीजों से ही अपने बालों और स्किन का ख्याल रखती थीं। आइए अब हम आपको उन नुस्खों के बारे में बताते हैं जो जैन जी के बीच बहुत पॉपुलर हैं।

शहद से नेचुरल मॉइस्चराइजर

एक्सपर्ट बताती हैं कि मुलायम और चमकदार स्किन के लिए शहद का इस्तेमाल लंबे समय से होता आ रहा है। इसे नेचुरल फेस मास्क की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। NIH में प्रकाशित PubMed की स्टडी के अनुसार शहद एक नेचुरल ह्यूमेक्टेंट है, जो स्किन में नमी को बनाए रखता है। साथ ही इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं जो घाव भरने और स्किन की हल्की जलन को शांत करने में मदद कर सकते हैं। यह ड्राई और बेजान स्किन के लिए फायदेमंद है।

बाल धोने के लिए चावल का पानी

सदियों से ही महिलाएं अपने बालों को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए चावल के पानी से बाल धोती आ रही हैं। चावल के पानी में अमीनो एसिड और विटामिन होते हैं, और यह खराब बालों को ठीक करने और बालों के रेशों के बीच फ्रिक्शन को कम करने में मदद कर सकता है। चावल का पानी बालों की बनावट बेहतर बनाने और टूटने को कम करने में मदद कर सकता है।

मेथी का हेयर मास्क

मेथी के इस्तेमाल से हल्की स्कैल्प इरिटेशन और रूसी से राहत मिल सकती है। बता दें कि प्रोटीन, आयरन और प्लांट कंपाउंड्स से भरपूर मेथी स्कैल्प को कंडीशन करने और बालों की बनावट को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण स्कैल्प की जलन को शांत करने में मददकरते हैं।

बालों पर दही का इस्तेमाल

दही में लैक्टिक एसिड पाया जाता है, जो एक नेचुरल अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (AHA) है और डेड स्किन सेल्स को धीरे-धीरे हटाने का काम करता है। इसके प्रोटीन और फैट त्वचा और बालों को मॉइस्चराइज और मुलायम बनाने में भी मदद करते हैं। अक्सर स्किन और बालों की देखभाल के लिए इसकी सलाह दी जाती है।

जो लोग नेचुरल चीजों से अपनी स्किन को पोषण देना पसंद करते हैं, उनके लिए यह सबसे अच्छी चीजों में से एक है। ड्राई और रफ स्किन से लेकर एक्सफोलिएशन और हेयर कंडीशनिंग तक, दही का इस्तेमाल स्किन और बालों दोनों के लिए किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: दादी-नानी की सुंदरता से जुड़े नुस्खे सिर्फ परंपरा पर आधारित नहीं माने जा सकते हैं। उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली चीजों में कई ऐसे तत्व होते हैं जिनसे त्वचा और बालों के लिए फायदों को अब आधुनिक विज्ञान भी मानता है। लेकिन बावजूद इसके, हमें अपनी स्किन और हेयर टाइप के अनुसार ही नुस्खों को अपनाना चाहिए और इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए।