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मुंहासे और बाल झड़ने की समस्या में सिर्फ स्किनकेयर रूटीन क्यों काफी नहीं? एक्सपर्ट से जानें वजह

बहुत लोगों के साथ ऐसा होता है कि वह एक्ने जैसी स्किन प्रॉबल्म और बालों से जुड़ी समस्याओं समस्याओं के लिए ऊपरी इलाज करते हैं या तरीके अपनाते हैं। लेकिन डॉक्टर का कहना है कि अगर स्किन और हेयर प्रॉब्लम ठीक करनी हैं तो इन्हें अंदर से ठीक करें।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 6, 2026 1:21 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Priyanka Keshav

आजकल बहुत से लोग ब्यूटी और वेलनेस को लेकर पहले के मुकाबले अपनी स्किन केयर रूटीन के बारे में ज्यादा सीरियस होकर सोचने लगे हैं। इतना की अगर वे किसी सोशल मीडिया ट्रेंड को फॉलो भी करते हैं, तो वे पक्का करते हैं कि वह डर्मेटोलॉजिस्ट से सर्टिफाइड हो। VLCC ग्रुप की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका केशव बताती हैं "हम ऐसे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स के इस्तेमाल में बढ़ोतरी देख रहे हैं जो पहले आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं थे। लेकिन भले ही कंज्यूमर्स स्किनकेयर और हेयरकेयर के बारे में ज्यादा जानकारी रखने लगे हैं, फिर भी मुंहासे, अर्ली एजिंग, पिगमेंटेशन और बालों का झड़ना जैसी समस्याएं हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही हैं।"

ऐसे में लोग कई तरह के प्रोडक्ट और उन्हें इस्तेमाल करने का अलग-अलग रूटीन अपनाते हैं, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने पर निराश हो जाते हैं। डॉक्टर बताती हैं कि इसकी वजह आसान है। स्किन से जुड़ी हर समस्या त्वचा की ऊपरी सतह से शुरू नहीं होती। त्वचा और बालों की कई समस्याएं बायोलॉजिकल, हार्मोनल, मेटाबोलिक या लाइफस्टाइल से जुड़े कारणों से भी हो सकती हैं। जिन्हें सिर्फ ऊपर से लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स से ठीक नहीं किया जा सकता। तो इन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है? आइए डॉक्टर से जानते हैं।

क्या ऊपर से लगाए जाने वाले ट्रीटमेंट काफी नहीं हैं?

क्या ऊपर से लगाए जाने वाले ट्रीटमेंट काफी नहीं हैं? क्या ऊपर से लगाए जाने वाले ट्रीटमेंट काफी नहीं हैं?

डॉक्टर बताती हैं, "पहले मुंहासे और बालों के झड़ने को कॉस्मेटिक समस्याएं माना जाता था। इनका इलाज ज्यादातर ऊपर से लगाए जाने वाले (टॉपिकल) प्रोडक्ट्स से किया जाता था। हालांकि क्लींजर, सीरम, स्कैल्प ट्रीटमेंट और खास इंग्रीडिएंट्स इन समस्याओं में मदद करते हैं, लेकिन अब होलिस्टिक हेल्थ से जुड़े पहलुओं पर भी बातचीत बढ़ रही है।"

ऐसे में ज्यादा से ज्यादा एक्सपर्ट्स यह पता लगा रहे हैं कि लंबे समय तक रहने वाले मुंहासे और बहुत ज्यादा बाल झड़ने की समस्या अंदरूनी, पर्यावरण और लाइफस्टाइल से जुड़े फैक्टर की वजह से हो सकती है। जिसे सिर्फ प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता।

लाइफस्टाइल और हार्मोन भी डालते हैं बड़ा असर

इसमें कोई दो राय नहीं है कि शहरों में रहने वाले लोगों के लाइफस्टाइल में लंबे समय तक स्ट्रेस, इर्रेगुलर स्लीप साइकिल, ज्यादा स्क्रीन टाइमिंग, पोषण की कमी, हार्मोनल असंतुलन, प्रदूषण और क ही जगह लंबे समय तक बैठे रहने जैसी आदतें बढ़ गई हैं। ये सभी फैक्टर शरीर के नेचुरल बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं।

अक्सर, लोगों को इन कारणों का पता तब तक नहीं चलता जब तक कि वे किसी न किसी रूप में सामने न आ जाएं, जैसे त्वचा में सूजन, बार-बार मुंहासे निकलना, बालों का पतला होना या बालों की डेंसिटी कम होना। इसलिए, लोग अक्सर समस्या की जड़ का पता लगाने के बजाय बार-बार प्रोडक्ट्स बदलते रहते हैं।

इंटीग्रेटेड ब्यूटी ट्रेंड क्या है?

इंटीग्रेटेड ब्यूटी ट्रेंड क्या है? इंटीग्रेटेड ब्यूटी ट्रेंड क्या है?

2026 में वेलनेस के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड ब्यूटी सबसे बड़े ट्रेंड्स में शामिल हो सकता है। स्किन केयर और हेयर केयर को अलग-अलग चीजें मानने के बजाय, अब ग्राहक अपनी त्वचा की सेहत, स्कैल्प की सेहत, पोषण, हार्मोनल संतुलन और कुल मिलाकर सेहत के बीच संबंध को समझ रहे हैं। इंटीग्रेटेड ब्यूटी ट्रेंड में फोकस लक्षणों के इलाज से हटकर समस्या की जड़ पर आ गया है।

उदाहरण के लिए मुंहासों के मामले में ग्राहक न सिर्फ क्लॉग्ड पोर्स और ज्यादा तेल बनने जैसी बातों पर ध्यान देंगे, बल्कि वे तनाव से निपटने के तरीके, खान-पान की आदतों, गट हेल्थ और हार्मोन में हो रहे बदलावों जैसी चीजों पर भी गौर करेंगे। बालों के झड़ने के मामले में भी यही बात लागू होती है कि सिर्फ स्कैल्प की समस्याओं पर फोकस करने के बजाय, अब इसमें पोषण, मेटाबॉलिज्म, तनाव के कारण बाल झड़ना और हार्मोन जैसी चीजें भी शामिल हो गई हैं।

साथ ही अब लोग पर्सनलाइज्ड ब्यूटी सॉल्यूशन चाहते हैं। ग्राहक अब अपनी हर स्किन और हेयर प्रॉबल्म के लिए एक जैसे ट्रीटमेंट की बजाय एक्सपर्ट से सलाह, एडवांस्ड डायग्नोस्टिक्स और कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान चाहते हैं।

डिस्क्लेमर: अगर आपको स्किन या बालों से जुड़ी कोई समस्या है, घर पर उपचार करने की बजाय एक्सपर्ट से सलाह लें। साथ ही विज्ञापनों के चक्कर में कुछ भी अपनी स्किन पर न लगाएं। त्वचा व स्कैल्प पर जो भी प्रोडक्ट इस्तेमाल करें, वह स्किन टाइप के अनुसार ही करें।